देश

देश (5)

 

वोडाफोन-आइडिया के भारत में 30 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं

सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन-आइडिया की याचिका खारिज कर दी है. इसमें अनुरोध किया गया था कि उसे एजीआर बकाया मामले में 2500 करोड़ रुपये सोमवार को और 1000 करोड़ रुपये शुक्रवार तक चुकाने की इजाजत दे जाए. लेकिन जस्टिस अरुण मिश्र की अगुवाई वाली बेंच ने इसे खारिज कर दिया. कंपनी को कुल 50 हजार करोड़ रु की रकम चुकानी है.वोडाफोन-आइडिया का कहना है कि अगर उसे एक साथ इतने सारे पैसे चुकाने पड़े तो उसके पास दुकान बढ़ाने के अलावा कोई रास्ता नहीं होगा. कंपनी के वकील मुकुल रोहतगी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, ‘वोडाफोन-आइडिया को पिछले एक दशक में दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. अगर उन्होंने रातोंरात अपना सारा बकाया सरकार को चुकाया तो उन्हें अपना कारोबार बंद करना होगा.’इसका असर समूचे दूरसंचार कारोबार पर होगा. 10 हजार लोग बेरोजगार हो जाएंगे और 30 करोड़ यूजर्स को असुविधा होगी. इसका मतलब यह भी है कि भारतीय बाजार में केवल दो कंपनियां रह जाएंगी और एकाधिकार का खतरा पैदा हो जाएगा. मुकुल रोहतगी ने कहा, ‘सभी कंपनियां दूरसंचार विभाग से कहती आ रही हैं कि उनके पास रातोंरात इस रकम का भुगतान करने के लिए कोई रास्ता नहीं है. सरकार को कुछ पहल करनी चाहिए.’वोडाफोन-आइडिया के अधिकारी कई बार दोहरा चुके हैं कि अगर कंपनी पर अचानक से पैसे चुकाने का भार पड़ेगा तो उसे भारत में अपना कारोबार बंद करना पड़ेगा. इनमें कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला भी शामिल हैं. हाल में उन्होंने कहा था कि कंपनी की हालत खराब है और डूबते पैसे में और पैसा लगाने का कोई मतलब नहीं है. इससे पहले इस संयुक्त उपक्रम में सबसे बड़े हिस्सेदार ब्रिटेन के वोडाफोन समूह की तरफ से भी ऐसा ही बयान आया था. समूह के मुखिया निक रीड ने कहा था कि वोडाफोन-इंडिया बंद होने के कगार पर है.हालिया तिमाही में वोडाफोन-आइडिया को 50 हजार करोड़ रु से ज्यादा का घाटा हुआ है. भारत के इतिहास में किसी कंपनी को एक तिमाही में हुआ यह सबसे ज्यादा घाटा है. कंपनी की खराब हालत के चलते कुमार मंगलम बिड़ला की संपत्ति में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है. पिछले दो साल में उनकी संपत्ति 21500 करोड़ रुपये घटकर करीब 43 हजार करोड़ रु पर आ गई.बिड़ला समूह ने आइडिया को वोडाफोन के साथ मिलाकर के देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बनाई थी. ब्लूमबर्ग के मुताबिक वोडाफोन-आइडिया में 45 फीसदी हिस्सेदारी वोडाफोन की है. इसके अलावा कंपनी में ग्रासिम इंडस्ट्री की 12 फीसदी, बिड़ला टीएमटी की एक फीसदी, हिंडाल्को की तीन फीसदी और 11 फीसदी बिड़ला समूह की अन्य कंपनियों की हिस्सेदारी है.

 

अहमदाबाद। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 24 फरवरी को यहां होने वाले रोड शो में 25 वरिष्ठ आईपीएस अफसरों के नेतृत्व में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पहली बार दो दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहे ट्रम्प अहमदाबाद में एक रोड शो में शिरकत करेंगे और साबरमती आश्रम का दौरा भी करेंगे। उनका मोटेरा में नवनिर्मित क्रिकेट स्टेडियम के उदघाट्न का कार्यक्रम भी निर्धारित है। पुलिस उपायुक्त (नियंत्रण कक्ष) विजय पटेल ने कहा कि 65 सहायक आयुक्त, 200 निरीक्षक और 800 उपनिरीक्षकों समेत करीब 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी शहर के रणनीतिक स्थानों पर तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि अमेरिकी खुफिया विभाग, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के अधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी एक साथ रोड शो करेंगे, जोकि अहमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से शुरू होकर साबरमती आश्रम और इंदिरा ब्रिज होते हुए मोटेरा स्टेडियम तक जाएगा।पटेल ने कहा कि एनएसजी की एंटी स्नाइपर टीम भी रूट पर तैनात रहेगी। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खोजी और बम निरोधक दस्ते पहले से ही पूरे रूट की पड़ताल में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि होटलों में ठहरे नए मेहमानों की जानकारी जांचने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है, खासतौर पर विदेश से आए लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। व्यक्तिगत तौर पर न्यौता दिए गए करीब 1.10 लाख मेहमान स्टेडियम में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि इन मेहमानों की पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है। 

 

सहारनपुर: देश में मुसलमानों के सबसे बड़े सामाजिक संगठनों में शुमार जमीयत-उलमा-ए-हिंद के नेता मौलाना महमूद मदनी ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। मदनी ने केंद्र की मोदी सरकार पर नए नागरिकता कानून में धर्म के आधार पर भेदभाव कर संविधान के साथ ‘गद्दारी’ करने का आरोप लगाया है। संगठन के महासचिव मौलाना मदनी ने सोमवार को सहारनपुर के गंगोह स्थित ईदगाह मैदान में CAA और NRC के विरुद्ध आयोजित विरोध प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार ने नागरिकता कानून में धर्म के आधार पर भेदभाव करके संविधान के साथ ‘गद्दारी’ की है। मदनी ने कहा, ‘सरकार गरूर भरी भाषा बोलने के बजाय खुद की समीक्षा करे और ये काला कानून वापस ले। सरकार यह याद रखे कि सत्ता हमेशा नहीं रहती। हो सकता है कि रात बड़ी हो लेकिन सवेरा जरूर होगा। हम यह चाहते हैं कि सरकार संभल जाए।’ मदनी ने बीजेपी की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘आपकी सरकार ने देश की परंपरा और उसके संविधान का विरोध किया है। आपने देशद्रोह जैसा काम किया है। याद रखिए सत्ता का नशा कोई अच्छी बात नहीं है। आप लोगों के धैर्य की परीक्षा न लीजिए। यह न समझें कि लोग थक जाएंगे। याद रखें कि हमारे पूर्वजों ने 100 साल तक अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी है।’

एशिया के सबसे अमीर आदमी मुकेश अंबानी के भाई अनिल अंबानी को चीन के तीन बैंकों के साथ अपने विवाद में 100 मिलियन डॉलर अलग करने का आदेश दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यहां तक कह दिया कि उनकी नेटवर्थ अब जीरो है। लंदन की कोर्ट में बैंकों द्वारा की गई फाइलिंग के अनुसार, लगभग 700 मिलियन डॉलर का डिफॉल्टेड लोन है। अनिल ने कहा कि मेरे निवेश का मूल्य गिर गया है।मेरी लाइबिलटीज (देयताओं) को ध्यान में रखने के बाद मेरी नेट वर्थ जीरो है। सारांश में, मेरे पास ऐसी कोई सार्थक संपत्ति नहीं है, जिसे इन कार्यवाहियों के प्रयोजनों के लिए बेचा जा सके। मुकदमा तीन सरकारी चीनी बैंकों द्वारा दायर किया गया था, जो तर्क देते हैं कि उन्होंने अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड को साल 2012 में 925 मिलियन डॉलर का ऋण इस शर्त के साथ प्रदान किया था कि वह व्यक्तिगत रूप से ऋण की गारंटी देते हैं।अंबानी की टिप्पणियों का खुलासा किया गया क्योंकि उन्होंने मुकदमे के आगे अदालत के साथ करोड़ों डॉलर जमा करने से बचने की कोशिश की। शुक्रवार शाम को न्यायाधीश डेविड वैक्समैन ने अंबानी को छह सप्ताह के भीतर अदालत के खाते में 100 मिलियन डॉलर जमा कराने का आदेश दिया। अंबानी की योजना है कि वह इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे।बताते चलें कि 60 वर्षीय अनिल अंबानी मुकेश अंबानी के भाई हैं, जिनकी संपत्ति 56.5 बिलियन डॉलर है और वह एशिया के सबसे धनी व्यक्ति हैं। दूसरी ओर, अनिल अंबानी की हाल के वर्षों में निजी संपत्ति में कमी होती रही है, जिसके चलते उनकी अरबपति स्थिति अब नहीं रही है। उनके रिलायंस कम्युनिकेशंस ने पिछले साल दिवालियापन के लिए आवेदन दायर किया था।

 

बीते कई दिनों से जम्मू-कश्मीर में आतंकी साजिश की कोशिश कर रही पाकिस्तानी सेना ने शनिवार को एक बार फिर एलओसी पर भारी गोलाबारी की है। पाकिस्तानी आर्मी ने शनिवार को पुंछ जिले के दिगवार सेक्टर में भारी गोलाबारी की है। पाकिस्तान की इस गोलाबारी में भारतीय सेना का एक जवान शहीद हुआ है, इसके अलावा तीन अन्य जवान घायल हुए हैं। पाकिस्तान की गोलाबारी के बाद भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की है, जिसमें कई पाकिस्तानी पोस्ट तबाह हुई हैं।मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने शनिवार दोपहर करीब पौने चार बजे पुंछ जिले के दिगवार सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया था। पाकिस्तान की ओर से यहां सेना की कुछ चौकियों और रिहाइशी इलाकों में गोलाबारी की गई थी। इस गोलाबारी के बाद भारतीय सेना के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। पाकिस्तानी गोलाबारी के बाद सीमा और एलओसी से सटे हिस्सों में अलर्ट घोषित किया गया है।

संग्रहीत न्यूज