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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पुणे में आयोजित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के तीन दिवसीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति के पुलिस पदक से भी सम्मानित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बलों द्वारा किए जाने वाले प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हमें उनके परिवारों के योगदान को नहीं भूलना चाहिए जो उनके पीछे मजबूती से खड़े है। इसके अलावा पीएम मोदी ने महिलाओं और बच्चों सहित समाज के सभी वर्गों में आत्मविश्वास जगाने के लिए पुलिस बल की इमेज में सुधार पर भी जोर दिया है। वही उन्होंने महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रभावी पुलिस की भूमिका पर जोर दिया। पीएम मोदी ने पुलिस प्रमुखों से अनुरोध किया कि सम्मेलन की भावना को राज्य से लेकर जिला स्तर तक लेकर जाया जाए। इसके बाद फिर थाने के न्यूनतम स्तर तक ले जाया जाए। पीएम मोदी ने विभिन्न राज्य के पुलिस बलों द्वारा पेश किए गए प्रजेंटेशन के बाद कहा कि विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा अपनाई जाने वाली सर्वोत्तम कार्यशैली की एक व्यापक सूची तैयार की जा सकती है और उसे अपनाया जा सकता है।

वरिष्ठ कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक का संसद में पारित होना पक्के तौर पर महात्मा गांधी के विचारों पर मोहम्मद अली जिन्ना के विचारों की जीत होगी। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर नागरिकता देने से भारत ‘पाकिस्तान का हिंदुत्व संस्करण’ बनकर रह जाएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ‘एक समुदाय’ को बाहर निकालना चाह रही है और अन्य धर्मों की तरह इस समुदाय के लोगों की उन्हीं परिस्थितियों में उत्पीड़न के बावजूद शरण देने से इनकार कर रही है।कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि बिल संसद के दोनों सदनों से पारित भी हो जाता है तो उन्हें विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट की कोई भी पीठ देश के संविधान की मूल भावना का घोर उल्लंघन नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार का शर्मनाक कृत्य है जिसने पिछले साल राष्ट्रीय शरणार्थी नीति बनाने पर चर्चा करने से इनकार कर दिया था। इस नीति को उन्होंने निजी सदस्य बिल के तौर पर प्रस्तावित किया था और तत्कालीन गृह मंत्री, गृह राज्यमंत्री और गृह सचिव के साथ निजी तौर पर चर्चा भी की थी।उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक उन्होंने शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए आगे बढ़कर काम किया है, जबकि हकीकत में वे मूलभूत कदम भी नहीं उठाना चाहते जो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शरणार्थी दर्जा तय करने में सुधार या शरणार्थियों से अच्छा व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।उन्होंने कहा कि इन सबसे साफ होता है कि यह महज कुटिल सियासी चाल है ताकि देश में एक समुदाय को निशाना बनाया जा सके।

 

यी दिल्ली, तीन दिसंबर (भाषा) दिल्ली सरकार के सार्वजनिक उपक्रम डीटीआईडीसी के कामकाज पर कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि वह अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों (आईएसबीटी) के अद्यतन और बस क्यू शेल्टर बनाने में पीछे चल रहा है।नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली परिवहन अवसंरचना विकास निगम (डीटीडीआईसी) की विफलता की वजह से दिल्ली के उत्तरी और दक्षिण पश्चिमी छोरों-- द्वारका और नरेला में आईएसबीटी नहीं स्थापित किया जा सका जबकि उच्चतम न्यायालय ने 20 साल से भी अधिक समय पहले ऐसा करने का निर्देश दिया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दो आईएसबीटी के माध्यम से वायु प्रदूषण घटाने के उद्देश्य को हासिल नहीं किया जा सका और हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की बसों की सराय काले खां और कश्मीरी गेट आईएसबीटी तक आवाजाही बनी हुई है। यह रिपोर्ट दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को पेश की। वर्ष 2013-14 से लेकर 2014-17 की अवधि पर केंद्रित इस रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान आईएसबीटी से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति भी धीमी रही। रिपोर्ट के अनुसार बस क्यू शेल्टर के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपे जाने के पांच साल से अधिक समय बाद भी डीटीआईडीसी कोई नया शेल्टर नहीं बना पाया।(यह आर्टिकल एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड हुआ है। इसे स्कैनर इंडिया की टीम ने एडिट नहीं किया है।)

 

भारत ने परमाणु क्षमता संपन्न स्वदेश निर्मित पृथ्वी 2 मिसाइल का फिर से रात में सफल परीक्षण किया है। ओडिशा के तट से यह परीक्षण सशस्त्र बलों के लिए उपयोगकर्ता परीक्षण के तहत किया गया है। सतह से सतह तक मार करने में सक्षम इस मिसाइल के परीक्षण के करीब एक पखवाड़े पहले 20 नवंबर को पृथ्वी-2 का रात में एक के बाद एक इसी टेस्ट रेंज से सफल परीक्षण किया गया था। सूत्रों ने कहा, 'पृथ्वी-2 का आज का परीक्षण सफल रहा और परीक्षण सभी मानकों पर खरा उतरा। यह नियमित परीक्षण था।' पृथ्वी-2 की मारक क्षमता 350 किलोमीटर है। इसका परीक्षण चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज से शाम 7.50 बजे किया गया। सूत्रों ने बताया कि 500-1,000 किलोग्राम मुखास्त्र ले जाने में सक्षम पृथ्वी-2 मिसाइल 2 तरल प्रणोदन इंजनों से संचालित है। मिसाइल को उत्पादन स्टॉक से एकाएक चुना गया और सशस्त्र बलों के स्ट्रैटिजिक फोर्स कमान (एसएफसी) ने संपूर्ण प्रक्षेपण गतिविधि को अंजाम दिया। यह परीक्षण डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की निगरानी में किया गया। 

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की सुरक्षा को लेकर लगातार लापरवाही बरती जा रही है। एक सप्ताह पहले सुरक्षा में चूक सामने आयी है। प्रियंका गांधी की सुरक्षा को धता बताकर युवक घर में घुस गया। युवक प्रियंका गांधी के साथ सेल्फी लेने के लिए अंदर घुसा था। जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह प्रियंका गांधी वाड्रा के आवास में अनजान युवक घुस गया। सीआरपीएफ की सुरक्षा को पार कर घर में पहुंच गया। युवक सेल्फी खींचने के लिए अंदर घुसा था। जबकि पहले कोई अपॉइंटमेंट भी नहीं ली थी। जिसके बाद सीआरपीएफ ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 


महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर हुआ है। एनसीपी नेता अजित पवार के साथ बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने मिलकर शनिवार को सरकार बनाई। सुबह के समय ही देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी। लेकिन चंद दिन बाद ही देवेंद्र फडणवीस सरकार गिर गई। क्योंकि बीजेपी के साथ आए एनसीपी नेता अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। कहा कि उनके पास बहुमत नहीं है। इसके बाद राजभवन जाकर उन्हेंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। अब राज्य में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी मिलकर सरकार बनाएंगे। महाराष्ट्र में अब गठबंधन सरकार में मुख्यमंत्री शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे होंगे। महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनेंगे। तीनों पार्टियों ने विधायक दल की बैठक के बाद गठबंधन का नेता नियुक्त किया है। अब उनके मुख्यमंत्री बनते ही ठाकरे परिवार की यह परंपरा हमेशा के लिए टूट जाएगी। उद्धव ठाकरे सीएम बनते है तो वह ठाकरे परिवार के पहले ऐसे सदस्य होंगे जो मुख्यमंत्री बन रहे हैं। शिवसेना की 53 साल से चली आ रही परंपरा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान ही टूट जाएगी। बाल ठाकरे ने किया था बड़ा ऐलान वर्ष 1966 में बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र में शिव सेना के नाम से एक कट्टर हिन्दूराष्ट्र वादी संगठन की स्थापना की। शुरुआत में बाल ठाकरे को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी लेकिन उन्हें शिवसेना पार्टी को सत्ता की ऊंचाई पर चढ़ा दिया था। वर्ष 1995 में महाराष्ट्र में बीजेपी शिवसेना ने मिलकर अपनी सरकार बनाई। लेकिन उस दौरान भी ठाकरे परिवार से कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ा था और न ही किसी पद पर असीन हुआ था। बाल ठाकरे ने कहा था कि उनके परिवार का कोई सदस्य कभी चुनाव नहीं लड़ेगा। इसके अलावा सरकार में कोई जिम्मेदारी भी नहीं लेगा। लेकिन बाल ठाकरे की यह परंपरा उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनते ही टूट जाएगी। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि आदित्य ठाकरे के चुनाव लड़ते ही परंपरा टूट गई थी। राज ठाकरे ने जिंदा रखी परंपरा बाल ठाकरे पर उद्धव ठाकरे को अधिक महत्व देने के आरोप लगे। इसके कारण उनके भतीजे राज ठाकरे नाराज हो गए। उन्होंने शिवसेना पार्टी को छोड़कर 2006 में नई पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बना ली। बाल ठाकरे ने जब शिवसेना पार्टी की स्थापना थी उस दौरान उन्हेंने यह कहा था कि ठाकरे परिवार को कोई भी सदस्य न तो चुनाव लड़ेगा और न ही किसी पद पर असीन होगा। इस परंपरा को उनके भतीजे राज ठाकरे ने जिंदा रखा। अभी तक उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा। 2004 में उद्धव ठाकरे ने संभाली शिवसेना महाराष्ट्र में 27 जुलाई 1960 को जन्में उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टी शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे के बेटे हैं। उद्धव ठाकरे वर्तमान में शिवसेना के चीफ हैं। उनके पिता बाल ठाकरे ने पार्टी की जिम्मेदारी 2004 में सौंपी थी। अब उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं।



वॉशिंगटन। पेंसिलवानिया स्टेट यूनिवर्सिटी की ओर से किए रिसर्च में फेक न्यूज की पहचान करने के लिए रिसर्चरों ने खास 7 तरीके निकाले हैं। इन तरीकों के इस्तेमाल से तकनीक के जरिए भ्रमित करनेवाले कॉन्टेंट की स्वत: पहचान हो जाएगी। इस रिसर्च में फर्जी खबरों को मुख्य तौर पर 7 श्रेणी में रखा गया है। इनमें गलत खबरें, ध्रुवीकरण वाली खबरें, व्यंग्य, गलत रिपोर्टिंग, कॉमेंट्री, उत्तेजक सूचनाएं और सिटिजन जर्नलिज्म में बांटा गया है। अमेरिकन बिहेवियरल साइंटिस्ट पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में उन कॉन्टेंट्स की भी पहचान की गई है जो सच्ची खबर होती हैं। फेक न्यूज के खतरों पर बात करते हुए पेंसिलवैनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रफेसर एस. श्याम सुंदर ने कहा, 'फेक न्यूज का टर्म ही हमारी सांस्कृतिक चेतना के बिल्कुल परे है। इस परख पाना इतना कठिन है कि फेक न्यूज प्रयोग से कई बार अच्छे समझदार और विद्वान लोग भी भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि बड़े पैमाने पर विभाजनकारी ताकतें इन्हें फैलाने के लिए काम कर रही हैं।' शोधकर्ताओं की टीम का निष्कर्ष है कि सच्ची खबरों के संदेशों का अपना अलग मिजाज होता है जो उसे विभिन्न प्रकार के फर्जी खबरों से अलग करता है। इनमें पत्रकारीय शैली भी एक है।
ऐसे होती है पहचान
० झूठी खबरों में आम तौर पर व्याकरण की काफी गलतियां होती हैं।
० उनमें तथ्यों की कमी होती है और भावनात्मक पक्षों को ज्यादा तूल दिया जाता है।
० इसके साथ ही उनकी हेडलाइंस भी बेहद भ्रामक होती हैं।
० रिसर्च टीम का कहना है कि फेक न्यूज की पहचान उनके स्रोतों से भी की जा सकती है।
० सही और गलत खबरों को इस आधार पर भी परखा जा सकता है कि आखिर किन सूत्रों का चयन किया गया है और उनका इस्तेमाल कैसे किया गया है।
० फेक न्यूज के अक्सर नॉन-स्टैंडर्ड वेब अड्रेस होते हैं और पर्सनल ईमेल संपर्क के लिए दी जाते हैं।
० नेटवर्क में फर्क के आधार पर भी फेक न्यूज की पहचान की जा सकती है।
० आम तौर पर सोशल मीडिया पर ही ऐसी फेक न्यूज सबसे तेजी से फैलती हैं।
० सोशल मीडिया पर फैलने के बाद ही ये मेनस्ट्रीम मीडिया तक पहुंचती हैं।
० रिसर्च टीम की सदस्य मारिया मोलिना ने कहा कि फेक न्यूज की पहचान के लिए अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है और इसे नेटवर्क, भाषा, स्रोत आदि के आधार पर पहचाना जा सकता है।

नयी दिल्ली। दिल्ली की जवाहर लाल यूनिवर्सिटी में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों द्वारा किए गए प्रदर्शन के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। जेएनयू छात्रों ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था जिससे शहर के कई हिस्सों में जाम लग गया था। पुलिस के अनुसार आठ घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान लगभग 30 पुलिसकर्मी और 15 छात्र घायल हो गए थे। सोमवार को छात्रों के संसद तक विरोध मार्च ने प्रदर्शन का रूप ले लिया था जिसमें छात्रों ने बैरिकेट्स तक तोड़ डाले और पुलिस से भी उलझ गए। पुलिस के साथ हुई झड़प में कई छात्र घायल हो गए थे। इसी मामले में पुलिस ने अज्ञात छात्रों के खिलाफ एफआरआई दर्ज की है। छात्रों के खिलाफ कानून का उल्लंघन करने के आरोप में किशनगढ़ थाने में यह एफआरआई दर्ज की गई। बता दें कि सोमवार को हजारों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए, इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और सैकड़ों छात्रों को हिरासत में भी लिया गया। इस दौरान कई छात्र घायल हुए। पुलिस ने छात्रों को बार-बार वापिस लौट जाने को कहा लेकिन वे नहीं मानें और लगातार आगे बढ़ते गए।

 

ऐसा लग रहा है कि मोटी जेब वाले विदेशी फंड्स का मोदी सरकार पर भरोसा पूरी तरह जम गया है। पीएम नरेंद्र मोदी के लगातार दूसरी बार सरकार की बागडोर संभालने के बाद इस साल विदेशी फंड्स ने जितना निवेश किया है, वह पहली मोदी सरकार से अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।2019 में अब तक फॉरेन फंड्स ने 82,575 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। यह मई 2014 में मोदी युग शुरू होने के बाद सबसे बड़ी रकम है। भारत में इस साल फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टमेंट (FPI) चीन के बाद दूसरे नंबर पर है।

महाराष्ट्र की सियासी उथल-पुथल के बीच आज राज्यसभा में पीएम मोदी ने जमकर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की तारीफ की और उनको संसद में अनुशासन का पालन करना वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि शरद पवार ने कहा था कि वह संसद में शालीनता का परिचय देंगे और बेल में आकर विरोध-प्रदर्शन नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बीजेडी की इस मामले में तारीफ की और कहा कि दोनों पार्टियों ने संसद में नियमों का पालन किया है।

 

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