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महाराष्ट्र में चुनावी प्रचार के दौरान एआईएमआईएम नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी को ड्रामा कंपनी बताते हुए कहा है कि यह कांग्रेस के कमजोर होने के कारण सफल हुई है। उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि यह पार्टी समाप्त होने के कगार पर है, इसमें अब लड़ने की क्षमता नहीं रह गई है ।ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) अध्यक्ष ओवैसी ने सवाल किया कि जब इंदिरा गांधी द्वारा बनाए गए कानून (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) को मोदी सरकार द्वारा बदला गया, तब वह (कांग्रेस) कहां थी।

सांसद ओवैसी ने आरोप लगाया कि आतंकवाद के नाम पर अब लिस्ट निकाली जाएगी, जिसपर किसी का नाम लिखा जाएगा, तो उसे आतंकवादी घोषित कर दिया जाएगा। उसका पूरा जीवन बर्बाद हो जाएगा। वह अदालत का दरवाजा नहीं खटखटा पाएगा। कोर्ट उसे आतंकवादी घोषित करेगा। भाजपा ने ऐसा कानून लाया और कांग्रेस ने समर्थन कर दिया।

इससे पहले रविवार को पुणे की एक चुनावी रैली में ओवैसी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी राजनीतिक धरातल से साफ हो चुकी है और इसे कैल्शियम का इंजेक्शन देने बाद भी पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता।

इस दौरान औवेसी ने दावा किया था कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने महाराष्ट्र और हरियाणा में होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों को नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस इस देश के राजनीतिक परिदृश्य से खत्म हो चुकी है। अब इसे दुनिया का सबसे अच्छा कैल्शियम का इंजेक्शन देकर भी पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता।

डॉ. राम विलास वेदांती को अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा में कोई भी नई मस्जिद स्वीकार नहीं है। राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े वेदांती का कहना है कि वह इस तरह की कोई मस्जिद वहां नहीं बनने देंगे। डा. वेदांती का यह भी कहना है कि उच्चतम न्यायालय में सुन्नी वक्फ बोर्ड मुकदमा हार चुका है। उसके वकील राजीव धवन को इसका अहसास हो चुका है और इसलिए उन्होंने अदालत में नक्शा फाड़ा है। अमर उजाला से विशेष बातचीत में डा. वेदांती ने कहा कि वह धवन के कृत्य की घोर निंदा करते

 सुन्नी वक्फबोर्ड कर रहा है समझौते का प्रयास

अदालत में मुकदमा हारने की प्रबल संभावना देखकर सुन्नी वक्फ बोर्ड अब समझौते का प्रयास कर रहा है। बुधवार 16 अक्टूबर को भी उसने इस तरह का प्रस्ताव दिया था कि काशी और मथुरा में मस्जिद का अस्तित्व रहने दिया जाए, लेकिन राम जन्मभूमि के पक्षकारों ने इसे नकार दिया है। डा. वेदांती का कहना है कि गुरुवार 17 अक्टूबर को भी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अदालत में हलफनामा दायर करके फिर समझौता करने का प्रयास किया है।
 
वेदांती के मुताबिक अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भगवान राम का भव्य मंदिर बनेगा। इसके अलावा काशी और मथुरा में मंदिर अपनी भव्यता के साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि अयोध्या की सांस्कृतिक सीमा में मस्जिद निर्माण से संबंधित अगर उच्चतम न्यायालय का फैसला आएगा तो राम लला के पक्षकार किसी भी सूरत में उसे बनने नहीं देंगे और उसका विरोध करेंगे।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताबड़तोड़ रैलियों में जुटे हैं। आज उन्होंने यहां कई शहरों में रैली की और विपक्ष पर हमला बोला। बीड, सतारा के बाद उन्होंने पुणे में चुनावी रैली को संबोधित किया।  

विरोधियों पर निशाना

सतारा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अनुच्छेद 370, राफेल जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष अफवाह फैलाता है। 
 
पीएम मोदी ने कहा कि जब ये राफेल जैसे आधुनिक जहाज को लेकर दुष्प्रचार करते हैं तो मुझे विश्वास है इस राष्ट्रभक्ति की धरती को पीड़ा होती है। जब ये आर्टिकल-370 को लेकर अफवाहें फैलाते हैं, तब पूरा सातारा निराश होता है। जब वीर सावरकर जैसे राष्ट्रनायकों को ये बदनाम करने का प्रयास करते हैं, तब सातारा का पारा सातवें आसमान पर चढ़ जाता है।
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी के दलों के भीतर भी दंगल है और दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच दंगल चल रहा है। वो एक-दूसरों को हैसियत दिखाने के लिए बिसात बिछा रहे हैं। जहां कार्यकर्ताओं में, गठबंधन में ही बंटवारा है वो महाराष्ट्र को एकजुट भला कैसे कर सकते हैं।

कांग्रेस-एनसीपी की राजनीति का आधार- बांटो और मलाई खाओ

पीएम मोदी ने कहा कि इनकी राजनीति का एक ही आधार है- बांटो और मलाई खाओ। ये संस्कार छत्रपति शिवाजी के बिलकुल नहीं हैं। उन्होंने तो समभाव और सद्भाव से राष्ट्र सेवा का मार्ग दिखाया है।

गन्ने के लाभकारी मूल्य को लागत का डेढ़ गुणा से अधिक तय

पीएम मोदी ने कहा कि हमने हमेशा से किसानों का दर्द समझा है। 90 के दशक में जब महाराष्ट्र में महायुति की सरकार थी तब यहां पानी की परेशानी को देखते हुए कुछ डैम स्वीकृत हुए थे। लेकिन महायुति की सरकार गई तो डैम की ये फाइलें भी बंद हो गई। आपने जब केंद्र में नरेन्द्र और महाराष्ट्र में देवेन्द्र को अवसर दिया, तो पुरानी फाइलें खुल गई, अब सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। 

उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की मुश्किलों को हल करने के लिए बीते पांच सालों में हर संभव कोशिश की गई है। गन्ने के लाभकारी मूल्य को लागत का डेढ़ गुणा से अधिक तय किया गया है। जब भी कोई समस्या हुई है, हमने यह कोशिश की है कि किसानों को उनका बकाया समय पर मिले। 

नई दिल्लीचीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिवसीय यात्रा पर कल भारत आएंगे। शी शुक्रवार को दोपहर में करीब 1.30 बजे चेन्नई पहुचेंगे। मामल्लापुरम में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारतीय सांस्कृतिक कला कार्यक्रमों के जरिए स्वागत किया जाएगा। आइए आपको बताते हैं चीनी राष्ट्रपति की मामल्लापुरम में होने वाले कार्यक्रम का पूरा विवरण।

दोपहर 12.30 बजे चेन्नई पहुचेंगे पीएम नरेंद्र मोदी

दोपहर 1.30 बजे चेन्नई पहुचेंगे शी जिंगपिंग

  • चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग दोपहर करीब 1.30 बजे चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुचेंगे। शी दोपहर 1.45 बजे ITC Grand Chola Hotel पहुचेंगे। चेन्नई के होटल में राष्ट्रपति शी का स्वागत तमिल संगीत नादस्वरम और थविल के जरिए किया जाएगा।
  • शी शाम को 4.30 से 5 बजे के बीच में मामल्लापुरम पहुचेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी उनका स्वागत करेंगे। चेन्नई से मामल्लापुरम के रास्ते में तमिल संस्कृति और भारतीय कला उत्सव कार्यक्रम सड़क पर आयोजित किए जाएंगे।
  • तमिलनाडु सरकार और प्रशासन पीएम  नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग का स्वागत भारतीय पारंपरिक कला कार्यक्रमों के जरिए करेंगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नई राजग सरकार में शुक्रवार को राजनाथ को रक्षा मंत्रालय, निर्मला सीतारमण को वित्त और पूर्व नौकरशाह एस जयशंकर को विदेश मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया। बीजेपी के कद्दावर नेता अमित शाह देश के नए गृह मंत्री होंगे। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली पहली सरकार में राजनाथ सिंह गृह मंत्री थे जबकि निर्मला सीतारमण रक्षा मंत्री थीं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, परमाणु ऊर्जा एवं महत्वपूर्ण नीति से जुड़े मुद्दों वाले तथा बिना आवंटित विभाग रहेंगे। 

राष्ट्रपति भवन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व विदेश सचिव रहे एस जयशंकर भारत के नए विदेश मंत्री बनाए गए हैं। अमेठी की सांसद स्मृति ईरानी को महिला एवं बाल विकास तथा कपड़ा मंत्रालय मिला । पीयूष गोयल फिर से रेल मंत्री बनाये गए हैं। निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय का प्रभार दिया गया है जबकि प्रकाश जावड़ेकर को सूचना एवं प्रसारण तथा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय दिया गया है। 

नितिन गडकरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री बने रहेंगे और इसी प्रकार धर्मेन्द्र प्रधान के पास पेट्रोलियम एवं इस्पात मंत्रालय बना रहेगा । गजेन्द्र सिंह शेखावत को नये जल शक्ति मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। राम विलास पासवान उपभोक्ता मामलों के मंत्री बने रहेंगे । नरेन्द्र सिंह तोमर नये कृषि मंत्री होंगे, उनके पास ग्रामीण विकास मंत्रालय भी रहेगा। डॉ हर्षवर्द्धन को स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय दिया गया है। 

रविशंकर प्रसाद दूरसंचार के अलावा विधि एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री होंगे जबकि रमेश पोखरियाल निशंक नये मानव संसाधन विकास मंत्री बनाये गए हैं। डी वी सदानंद गौड़ा रसायन एवं उर्वरक मंत्री तथा अर्जुन मुंडा आदिवासी मामलों के मंत्री बनाये गए हैं। हरसिमरत कौर बादल खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बनी रहेंगी। थावर चंद गहलोत को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री बनाया गया है। प्रह्लाद जोशी संसदीय मामलों के मंत्री होंगे तथा कोयला एवं खनन मंत्रालय भी संभालेंगे। महेन्द्र नाथ पांडे को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय तथा गिरिराज सिंह को पशुपालल, डेयरी तथा मत्स्य मंत्रालय दिया गया है।

मुख्तार अब्बास नकवी को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। संतोष कुमार गंगवार श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, राव इंद्रजीत सिंह सांख्यिकी एवं कार्यक्रम अनुपालन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, श्रीपद यशो नाइक को आयुर्वेद, योग एवं रक्षा राज्य मंत्री स्वतत्र प्रभार, जितेन्द्र सिंह को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, किरण रिजिजू को युवा एवं खेल मामलों के मंत्री का स्वतंत्र प्रभार, प्रह्लाद पटेल को संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, आर के सिंह ऊर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, हरदीप सिंह पुरी को आवास एवं शहरी मामलों के राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार तथा मनसुख मंडाविया को पोत परिवहन तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। गौरतलब है कि नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 24 कैबिनेट मंत्रियों, नौ राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) और 24 अन्य ने राज्य मंत्रियों के रूप में शपथ ली थी।

 मंत्रालयों की लिस्ट:

नाम  पद
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री
 राजनाथ सिंह (कैबिनेट मंत्री) रक्षा मंत्री
अमित शाह  गृह मंत्री
नितिन गडकरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
सदानंद गौड़ा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय
निर्मला सीतारमण  वित्त एवं कॉरपोरेट मामले का मंत्रालय
 एस. जयशंकर   विदेश मंत्री
राम विलास पासवान उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
नरेंद्र सिंह तोमर  कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रालय
 रविशंकर प्रसाद कानून एवं न्याय, संचार और इलेक्ट्रानिक एवं सूचना मंत्रालय
हरसिमरत कौर बादल खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
रमेश पोखरियाल निशंक मानव संसाधन विकास मंत्रालय
 थावर चंद गहलोत सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय
अर्जुन मुंडा आदिवासी मामलों का मंत्रालय
स्मृति ईरानी महिला एवं बाल विकास और कपड़ा मंत्रालय
हर्षवर्धन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रोद्योगिकी, भूविज्ञान मंत्रालय
 प्रकाश जावड़ेकर  पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
 पीयूष गोयल  रेलवे और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
धर्मेंद्र प्रधान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्रालय
 मुख्तार अब्बास नकवी अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय
प्रह्लाद जोशी संसदीय मामले, कोयला और खान मंत्रालय
महेंद्र नाथ पांडेय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
 अरविंद सावंत  भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय
गिरिराज सिंह  पशुपालन, डेयरी और मतस्य पालन मंत्रालय

संतोष गंगवार
श्रम और रोजगार मंत्रालय
राव इंद्रजीत सिंह सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन और नियोजन मंत्रालय
श्रीपद नाईक आयुष मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार), रक्षा मंत्रालय (राज्य मंत्री)
जितेंद्र सिंह पूर्वोत्तर विकास (स्वतंत्र प्रभार), पीएमओ, कार्मिक, जनशिकायत और पेंशन, परमाणु उर्जा, अंतरिक्ष मंत्रालय (राज्य मंत्री)
 किरण रिजिजू युवा मामले एवं खेल (स्वतंत्र प्रभार), अल्पसंख्यक मामले (राज्य मंत्री)
 प्रह्लाद सिंह पटेल  संस्कृति और पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार)
आरके सिंह   बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा (स्वतंत्र प्रभार), कौशल विकास एवं उद्यमिता (राज्य मंत्री)
हरदीप सिंह पुरी शहरी विकास और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (राज्य मंत्री)
मनसुख मंडाविया  जहाजरानी (स्वतंत्र प्रभार), रसायन एवं उर्वरक (राज्य मंत्री)
फग्गन सिंह कुलस्ते  इस्पात राज्य मंत्री
अश्विनी चौबे   स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री
 जनरल (रिटायर) वीके सिंह  सड़क, परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री
कृष्ण पाल गुज्जर  सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री
दानवे रावसाहेब  उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री
 जी. किशन रेड्डी  गृह राज्य मंत्री
पुरुषोत्तम रुपाला  कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री
 रामदास अठावले  सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री
 साध्वी निरंजन ज्योति  ग्रामीण विकास राज्य मंत्री
बाबुल सुप्रियो पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री
संजीव कुमार बलियान  पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन राज्य मंत्री
धोत्रे संजय शमराव   मानव संसाधन विकास, संचार और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री
 अनुराग सिंह ठाकुर   वित्त और कॉरपोरेट मामले राज्य मंत्री
सुरेश अंगादि रेल राज्य मंत्री
नित्यानंद राय गृह राज्य मंत्री
वी मुरलीधरन विदेश, संसदीय कार्य राज्य मंत्री
रेणुका सिंह  आदिवासी मामलों की राज्य मंत्री
 सोम प्रकाश  वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री
रामेश्वर तेली खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री
प्रताप चंद्र सारंगी   सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन राज्य मंत्री
कैलाश चौधरी कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री
 देबाश्री चौधरी महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री
 अर्जुन राम मेघवाल  संसदीय कार्य, भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्री
रतन लाल कटारिया   जलशक्ति और सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण राज्य मंत्री
गजेंद्र सिंह शेखावत (कैबिनेट) जल शक्ति मंत्रालय
   

दरअसल, नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में गुरुवार को उनके अलावा 24 कैबिनेट मंत्रियों, नौ राज्य मंत्रियों स्वतंत्र प्रभार के सहित 57 मंत्रियों ने शपथ ली। मंत्रिपरिषद में राजनाथ सिंह और अमित शाह के अलावा पूर्व विदेश सचिव एस जयशंकर को शामिल किया गया है। मंत्रिपरिषद में सुषमा स्वराज, सुरेश प्रभु, मेनका गांधी, राधा मोहन सिंह, महेश शर्मा, राज्यवर्द्धन सिंह राठौर, सत्यपाल सिंह, के जे एलफोंस को नयी सरकार में स्थान नहीं मिला है । नई  सरकार में उमा भारती और मनोज सिन्हा भी शामिल नहीं हैं। सुषमा और उमा ने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा जबकि मनोज सिन्हा चुनाव हार गए। अनंत गीते और हंसराज अहीर चुनाव हार गए और वे भी मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव बड़ी जीत हासिल करने के बाद आज  दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। भावी मंत्रियों के साथ नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन में शाम सात बजे लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 30 मई यानी गुरुवार को शाम सात बजे हो रहे पीएम नरेंद्र मोदी का शपथ-ग्रहण समारोह काफी भव्य होने वाला है, क्योंकि इस बार बिम्सटेक देशों के सभी नेताओं के साथ-साथ करीब 8 हजार बड़ी हस्तियां उपस्थित रहेंगी। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में हो रहे पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, फिल्मी सितारे, खिलाड़ी और राजनेता शामिल होंगे। यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।

 

 भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वसम्मति से चुन लिया गया। संसद के केंद्रीय कक्ष में नवनिर्वाचित सांसदों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में मोदी का चुनाव किया गया। मोदी अब नयी सरकार के गठन का दावा पेश करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे जिसके बाद उन्हें अगले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। शपथ-ग्रहण समारोह अगले सप्ताह आयोजित हो सकता है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मोदी के निर्वाचन के बाद कहा, ''मोदी को सर्वसम्मति से 353 सांसदों के संसदीय दल का नेता चुना जाता है।" इस दौरान मोदी ने सांसदों और नेताओं का अभिवादन स्वीकार किया। राजग के वरिष्ठ नेताओं ने गठबंधन के नेता के तौर पर मोदी के चुनाव का समर्थन किया जिनमें जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और अकाली दल के प्रकाश सिंह बादल शामिल हैं। इससे पहले मोदी को भाजपा संसदीय दल का नेता चुना गया।

केंद्रीय कक्ष में आयोजित बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भी राजग के अन्य नेताओं के साथ मंचासीन थे। शाह ने मोदी के नाम का प्रस्ताव रखा और पूर्व पार्टी अध्यक्षों राजनाथ सिंह तथा नितिन गडकरी ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया। मोदी का चुनाव महज औपचारिकता ही था क्योंकि राजग पहले ही उन्हें गठबंधन का प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित कर चुका है। मोदी के नेतृत्व में राजग ने आम चुनाव में बड़ी सफलता हासिल की है जिसमें भाजपा की 303 सीटें शामिल हैं।

 

भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत हासिल कर न सिर्फ सबको चौंकाया, बल्कि एक बार फिर साबित कर दिया कि देश में मोदी लहर अब भी कायम है। बीजेपी ने इस चुनाव में खुद के दम पर करीब 300 का आंकड़ा पार किया और विपक्षी पार्टियों को करारी शिकस्त दी। यूपी से लेकर बिहार और बंगाल से लेकर दिल्ली तक इन सभी राज्यों में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की और गठबंधन के दांव को भी नहीं चलने दिया। इस चुनाव में कई ऐसे दिग्गज नेता और चेहरे रहे, जिनकी हार ने सबको चौंका दिया। राहुल गांधी समेत कई ऐसे नेताओं की फेहरिस्त है, जिनकी हार ने सबको चौंका दिया।  जानते हैं कि किन बड़े नेताओं को इस चुनाव में हार मिली है। 


राहुल गांधी: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को यूपी की अमेठी लोकसभा सीट से बीजेपी की स्मृति ईरानी ने हरा दिया। हालांकि, राहुल वायनाड सीट से जीत दर्ज करने में कामयाब रहे। 

मनोज सिन्हा: बीजेपी के कद्दावर नेता मनोज सिन्हा को गाजीपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा। बसपा के अफजल अंसारी ने उन्हें हरा दिया।

मीसा भारती: राजद नेता और लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती पिछली बार की तरह इस बार भी पाटलिपुत्र सीट से हार गईं। उन्हें भाजपा के रामकृपाल यादव ने हराया। 

दिग्विजय सिंह: कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट से हार गए हैं। उन्हें बीजेपी की साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने हराया है। 

शत्रुघ्न सिन्हा: भाजपा छोड़ कांग्रेस का हाथ थामने वाले शत्रुघ्न सिन्हा को पटना साहिब सीट से हार मिली है। उन्हें इस बार केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हराया। 

उपेंद्र कुशवाहा: रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा इस बार अपनी सीट नहीं बचा पाए। एनडीए छोड़कर यूपीए का हिस्सा होने वाले उपेंद्र को काराकाट से जदयू के महाबली सिंह ने हराया है। 

मीरा कुमार: कांग्रेस की कद्दावर नेता और पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को भी सासाराम से हार का सामना करना पड़ा है। मीरा कुमार भाजपा के छेदी पासवान से 165000 वोट से हारीं हैं। 

जयाप्रदा: भाजपा की जयाप्रदा को सपा के आजम खान ने हरा दिया। बता दें कि जयाप्रदा चुनाव से पहले ही भाजपा में गई थीं। 

संबित पात्रा: ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से भाजपा के स्टार प्रवक्ता संबित पात्रा की हार हुई है। संपित पात्रा को बीजेडी के पिनाकी मिश्रा ने हराया है। 

ज्योतिरादित्य सिंधिया: मध्य प्रदेश की गुणा लोकसभा सीट से कांग्रेस के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा के कृष्णा पाल सिंह ने हरा दिया है। बता दें कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कमान भी सिंधिया के पास ही थी। 

शीला दीक्षित: दिल्ली कांग्रेस इकाई की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित को भी हार का सामना करना पड़ा है. शीला दीक्षित को मनोज तिवारी ने हराया. 

 

 सात चरणों में हुए लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आज सबके सामने आ जाएंगे। लोकसभा चुनाव के वोटों की गिनती आज यानी 23 मई 2019 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी और धीरे-धीरे नतीजे सबके सामने आ जाएंगे। आज के नतीजों से साफ हो जाएगा कि 17वीं लोकसभा चुनाव में देश में किसकी सरकार बनेगी और कौन विपक्ष में बैठेगा। इतना ही नहीं, आज के नतीजों से यह भी साफ हो जाएगा कि एग्जिट पोल के आंकडे कितने सटीक थे और कितने गलत। लोकसभा चुनाव 2019 के निर्णायक नतीजे से इस सवाल का जवाब मिल जाएगा कि मोदी सरकार अपनी सत्ता बचाने में कामयाब होती है या राहुल गांधी की पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए गठबंधन बीजेपी नीत एनडीए को मात देकर केंद्र की सत्ता हासिल करती है या फिर तीसरा मोर्चे को मौका मिलता है। इस बार के चुनाव में नजर सिर्फ भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के प्रदर्शन पर ही नहीं होंगी, बल्कि इस बार क्षेत्रीय पार्टियों के नतीजों पर भी बहुत कुछ निर्भर करेगा। लोकसभा चुनाव 2019 के सियासी दंगल में सपा, राजद, टीएमसी, वाईएसआर कांग्रेस, टीडीपी, टीआरएस, बीजेडी जैसी क्षेत्रीय पार्टियों के नतीजों पर भी सबकी निगाहें होंगी। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए या फिर कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाले यूपीए को स्पष्ट बहुमत न मिल पाने की स्थिति में इन्हीं क्षेत्रीय पार्टियों के हाथ में सत्ता की कुंजी हो सकती है और ये पार्टियां ही केंद्र में सरकार बनाने के लिहाज से अहम रोल अदा कर सकती हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले ध्यान देने वाली बात है कि तमिलनाडु की वेल्लोर लोकसभा सीट पर मतदान नहीं हो पाने की स्थिति में इस बार 542 लोकसभा सीटों पर मतदान हुए।  जानते हैं लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़ी अहम बातें...

1- लोकसभा चुनाव में बयानबाजी:
लोकसभा चुनाव 2019 में जिस तरह से राजनेताओं ने बयानबाजी की और भाषा के स्तर को गिराया, वह पूरे चुनाव में चर्चा का विषय रहा। इस लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान पीएम मोदी, अमित शाह, आजम खां, मेनका गांधी, मायावती, योगी आदित्यनाथ, और साध्वी प्रज्ञा जैसे नेता अपने विवादित बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे। पीएम मोदी के भाषणों में सर्जिकल स्ट्राइक और राजीव गांधी का जिक्र खूब किया गया। वहीं साध्वी प्रज्ञा ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताकर विवाद को खड़ा कर दिया था, हालांकि उन्हें बाद में माफी मांगनी पड़ी थी। वहीं आजम खान जयाप्रदा को लेकर अंडरवियर वाले बयान से विवादों में रहे थे। मायावती और योगी ने अली और बजरंग बली वाले बयानों से भी चर्चा में रहे थे। 

2- नेताओं पर चुनाव आयोग का डंडा: 
लोकसभा चुनाव 2019 में भले ही विपक्षी पार्टियों ने चुनाव आयोग को निशाने पर लिया, मगर कई राजनेताओं के ऊपर चुनाव आयोग ने उनके बयानबाजी को लेकर डंडा भी चलाया। मायावती, सीएम योगी, मेनका गांधी, आजम खान, साध्वी प्रज्ञा समेत कई नेताओं पर चुनाव आयोग ने प्रचार से बैन लगाया था। इन नेताओं ने अपने भाषणों से आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने पीएम मोदी और अमित शाह पर भी आचार संहिता के उल्लंघन का मामला उठाया, मगर चुनाव आयोग ने पूरी तरह से इन दोनों कद्दावर नेताओं को क्लीनचिट दे दी। इसे लेकर चुनाव आयोग विपक्षी पार्टियों के निशाने पर भी रहा। 

3- लोकसभा चुनाव में चर्चा में रहे ये वीआईपी सीट:
2014 में जहां देश और मीडिया का ध्यान सिर्फ वाराणसी की सीट पर था, मगर इस चुनाव में यह परिपार्टी टूटती दिखी। इस बार वाराणसी से ज्यादा चर्चा बिहार की बेगूसराय सीट की रही। क्योंकि यहां से कन्हैया कुमार और गिरिराज सिंह के बीच मुकाबले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बहरहाल, जानते हैं कि इस बार कौन-कौन सीटें वीआईपी रहीं। देश की वीआईपी सीटों में सबसे पहला नंबर आता है वाराणसी का। वाराणसी से नरेंद्र मोदी, अमेठी और वायनाड से राहुल गांधी, भोपाल से दिग्विजय सिंह और साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा और रविशंकर प्रसाद, बेगूसराय से कन्हैया कुमार, गिरिराज सिंह और तनवीर हसन, उत्तर पूर्वी दिल्ली से शीला दीक्षित और मनोज तिवारी, आजमगढ़ से अखिलेश यादव और निरहुआ के साथ ही रामपुर से आजम खान और जयाप्रदा शामिल हैं। 

4- लोकसभा चुनाव में वीआईपी उम्मीदवार: 
इस लोकसभा चुनाव में वीआईपी उम्मीदवारों की लिस्ट थोड़ी लंबी है। इस लिस्ट में वाराणसी से नरेंद्र मोदी, बेगूसराय से कन्हैया कुमार, गिरिराज सिंह, पटना साबिह से शत्रुघ्न सिन्हा, रविशंकर प्रसाद, अमेठी और वायनाड से राहुल गांधी, रायबरेली से सोनिया गांधी, भोपाल से साध्वी प्रज्ञा और दिग्विजय सिंह, मुजफ्फरनगर से अजीत सिंह, मथुरा से हेमा मालिनी, फतेहपुर सीकरी से राज बब्बर, गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह, आजमगढ़ से अखिलेश यादव और दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ, मैनपुरी से मुलायम सिंह, गाजीपुर से मनोज सिन्हा, कन्नौज से डिंपल यादव, लखनऊ से राजनाथ सिंह और पूनम सिन्हा, रामपुर से जयाप्रदा और आजम खान, फिरोजाबाद से शिवपाल यादव आदि शामिल हैं। 

5- पश्चिम बंगाल में हर चरण में हिंसा की खबरें:
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव हिंसापूर्ण माहौल में हुआ। लोकसभा चुनाव के पहले चरण को छोड़ दें तो पश्चिम बंगाल में हर चरण में हिंसा हुई। चुनाव में पश्चिम बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच काफी झड़प हुई। शहरों में तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई इसके साथ मीडिया कर्मियों के साथ भी मारपीट हुई। इतना ही नहीं, रोड शो और चुनावी प्रचार के दौरान भी आगजनी की खबर आई। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली में हमला हुआ। वहीं फिर ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने का मामला भी सामने आया और इस मूर्ति को तोड़ने का आरोप बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगा।

6-  एग्जिट पोल में फिर एक बार मोदी सरकार:
नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल में एक बार फिर से मोदी सरकार के आने की संभावना जताई गई है। ज्यादातर एग्जिट पोल में बीजेपी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनती दिख रही है। वहीं एक पोल एजेंसी ने बीजेपी को पूर्ण बहुमत का आंकलन नहीं दिखाया है। कई एग्जिट पोल में यह अनुमान लगाया गया है कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में करीब 20 से 30 सीटों का नुकसान हो सकता है। अलग-अलग टीवी चैनलों ने अलग- अलग एग्जिट पोल के नतीजे दिए हैं। इंडिया टुडे एक्सिस ने एनडीए को 352 प्लस, यूपीए को 93 प्लस और अन्य को 82 प्लस सीट दिया है। वहीं, टाइम्स नाउ ने एनडीए को 306 प्लस, यूपीए को 132 प्लस और अन्य को 104 प्लस सीट दिया है। रिपब्लिक जन की बात ने एनडीए को 305, यूपीए को 124 और अन्य को 113 सीट। चाणक्य ने एनडीए को 350 सीटें दी हैं। 

7- सपा-बसपा का गठबंधन और बीजेपी को चुनौती:
इस लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के रूप में वह हुआ, जो पिछले कई दशक में नहीं हुआ था। मोदी सरकार को रोकने के लिए और केंद्र में बड़ी भूमिका निभाने के दृष्टिकोण से यूपी की दो सबसे ब़ड़ी पार्टियों ने हाथ मिलाया। अखिलेश यादव और मायावती एक हुए और यूपी में बीजेपी को कड़ी टक्कर दी। यूपी में दोनों पार्टियों ने कांग्रेस के साथ जाने का फैसला नहीं किया और उन्होंने राय बरेली और अमेठी की सीट को छोड़कर सभी जगह अपने उम्मीदवार उतारे। हालांकि, उन्होंने अपने गठबंधन में आरएलडी को शामिल किया था। 

8- उठाया ईवीएम का मुद्दा : 
इस बार लोकसभा चुनाव के बीच विपक्षी दलों ने ईवीएम का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। इतना ही नहीं, 21 विपक्षी दलों ने 50 फीसदी ईवीएम मशीनों में वीवीपैट होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की। मगर सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी दलों की पुनर्विचार याचिका को भी खारिज कर दिया। बाद में फिर विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से पांच वीवीपीएटी से मिलान की बात कही थी, जिसे खारिज कर दिया गया। दरअसल, ईवीएम एवं वीवीपीएटी के मुद्दे पर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस सहित 22 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग का रुख किया और उससे यह आग्रह किया कि मतगणना से पहले चुनिंदा मतदान केंद्रों पर वीवीपीएटी पर्चियों का मिलान किया जाए। मगर इसे भी चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया। 

9- कई दिग्गज नहीं उतरे मैदान में:
भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वित्त मंत्री अरुण जेटली, उमा भारती, एनसीपी नेता शरद पवार और लोजपा नेता रामविलास पासवान जैसे दिग्गज नेता इस बार चुनाव मैदान में नहीं उतरे। 17वीं लोकसभा चुनाव में इन दिग्गज नेताओं की कमी खली। साथ ही चारा घोटाले में जेल की सजा काट रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चुनाव प्रचार में भी भाग नहीं ले पाए। 

10- लोकसभा चुनाव 2019 एक नजर में:
लोकसभा चुनाव 2019 कुल सात चरणों में सपन्न हुए। देश की कुल 542 सीटों पर अलग-अलग सात चरणों में मतदान हुए। लोकसभा चुनाव के साथ ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव भी हुए। पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल को 20 राज्यों की 91 सीट पर हुआ। वहीं दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल को 13 राज्यों की 97 सीट पर हुआ। 23 अप्रैल को तीसरा चरण में 14 राज्यों की 115 सीटों पर मतदान हुए। चौथे चरण में 29 अप्रैल को 9 राज्यों की 71 सीट पर वोटिंग हुई। पांचवें चरण में 6 मई को 7 राज्यों की 51 सीटों पर मतदान हुआ। छठे चरण में 12 मई को 7 राज्यों की 59 सीटों पर मतदान हुआ और सातवें चरण में आठ राज्यों की 59 सीटों पर मतदान हुए थे। आज यानी 23 मई को सभी नतीजे सामने आ जाएंगे। 

2014 लोकसभा चुनाव के क्या रहे थे नतीजे:
2014 लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत से बीजेपी सत्ता में आई थी। 2014 में कुल 543 सीटों के लिए हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 282 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया था। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 336 सीटें प्राप्त हुई थीं। वहीं यूपीए को 60 सीटें मिले थे। भाजपा ने 428 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 282 सीटों पर कब्जा जमाया था। वहीं कांग्रेस ने 464 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और उन्हें महज 44 सीटों पर ही जीत हासिल हो पाई थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा चुनाव के अंतिम फेज की वोटिंग से पहले प्रेस कान्फ्रेंस की। पीएम मोदी ने दावा किया कि चुनाव शानदार रहे हैं और एक बार फिर से पूर्ण बहुमत वाली सरकार आएगी। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने देशवासियों को कहा था कि 5 साल मुझे देश ने जो आशीर्वाद दिया उसके लिए में धन्यवाद देने आया हूं। अनेक उतार चढ़ाव आए, लेकिन देश साथ रहा। मेरे लिए चुनाव अभियान जनता को धन्यवाद ज्ञापन था।

पीएम मोदी ने कहा कि नई सरकार बनना जनता ने तय कर लिया है। हमने संकल्प पत्र में देश को आगे ले जाने के लिए कई बातें कही हैं। जितना जल्दी होगा, उतना जल्दी नई सरकार अपना कार्यभार लेगी। एक के बाद एक करके निर्णय हम लेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार की एक विशेषता है, वो है आखिरी लाभार्थी तक लाभ पहुंचाना। बड़े परिश्रम के बाद ये होता है।

प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय के बाद दोबारा पूर्ण बहुमत की सरकार आएगी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चुनाव शानदार रहा, एक सकारात्मक भाव से चुनाव हुआ। पूर्ण बहुमत वाली सरकार पांच साल पूरे करके दोबारा जीतकर आए ये शायद देश में बहुत लंबे अर्से के बाद हो रहा है। ये अपने आप में बड़ी बात है।

 प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें

* मैं मानता हूं कि कुछ बातें हम गर्व के साथ दुनिया से कह सकते हैं। ये दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, ये लोकत्रंत की ताकत दुनिया के सामने ले जाना हम सबका दायित्व है। हमें विश्व को प्रभावित करना चाहिए कि हमारा लोकतंत्र कितनी विविधताओं से भरा है।"

चुनाव शानदार रहा, एक सकारात्मक भाव से चुनाव हुआ। पूर्ण बहुमत वाली सरकार पांच साल पूरे करके दोबारा जीतकर आए ये शायद देश में बहुत लंबे अर्से के बाद हो रहा है। ये अपने आप में बड़ी बात है।"

जब मैं चुनाव के लिए निकला और मन बनाकर निकला था और अपने को उसी धार पर रखा। मैंने देशवासियों को कहा था कि 5 साल मुझे देश ने जो आशीर्वाद दिया उसके लिए मैं धन्यवाद देने आया हूं। अनेक उतार चढ़ाव आए, लेकिन देश साथ रहा। मेरे लिए चुनाव जनता को धन्यवाद ज्ञापन था।

16 मई को पिछली बार रिजल्ट आया था और 17 मई को एक दुर्घटना हुई थी, 17 मई को सट्टाखोरों को मोदी की हाजिरी का बड़ा नुकसान हुआ था। सट्टा लगाने वाले तब सब डूब गये थे, यानी ईमानदारी की शुरुआत 17 मई को हो गई थी।

 नई सरकार बनना जनता ने तय कर लिया है। हमने संकल्प पत्र में देश को आगे ले जाने के लिए कई बातें कही हैं। जितना जल्दी होगा, उतना जल्दी नई सरकार अपना कार्यभार लेगी। एक के बाद एक करके निर्णय हम लेंगे।
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