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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कोरोना वायरस संकट पर एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों से निपटने के लिए 250 CRPF कर्मियों को गोवा में तैनात किया जाएगा। उन्होंने कोरोना वायरस संकट पर अन्य रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया।

 

नई दिल्ली:  लॉकडाउन के दौरान मोदी सरकार ने लोगों को बड़ी राहत दी है. दरअसल संगठित क्षेत्र में काम करने वाले 15,000 रुपये से कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार मदद करने के लिए आगे आई है. 100 कर्मचारियों वाली कंपनी को फायदा देने के लिए सरकार ने कदम उठाया है. छोटे कारोबार के कर्मचारियों का प्रॉविडेंड फंड सरकार जमा कराएगी. केंद्र सरकार अगले 3 महीने तक PF जमा कराएगी. ईपीएफ (EPF) में 12 फीसदी (कंपनी) + 12 फीसदी (कर्मचारी) रकम सरकार जमा करेगी. इसके अलावा सरकार ने ऐलान किया है कि जो 63 लाख स्वयं सहायता समूह इस देश में काम कर रहे हैं, उन्हें राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत जो 10 लाख रुपये का लोन मिलता था उसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जा रहा है. ताकि वो ज्यादा काम कर सकें.

गरीबों को 3 महीने तक अतिरिक्त अनाज दिया जाएगा

वित्त मंत्री ने कहा कि 3 महीने के लिए गरीबों को 5 किलो अतिरिक्त अनाज दिया जाएगा. इसके साथ ही अतिरिक्त अनाज के लिए कोई रकम नहीं ली जाएगी. मतलब यह हुआ कि 3 महीने के लिए गरीबों को मुफ्त में गेहूं और चावल दिया जाएगा. 3 महीने के लिए 1 किलोग्राम प्रति माह अतिरिक्त दाल दिया जाएगा. सरकार के इस फैसले से 80 करोड़ लोगों को सस्ते दर पर अनाज मिलेगा. किसान सम्मान निधि की किस्त को तुरंत किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. अप्रैल में किसानों के खाते में 2,000 रुपये की किस्त ट्रांसफर कर दी जाएगी.

मनरेगा की मजदूरी बढ़ाकर 202 रुपये करने का फैसला

मनरेगा की मजदूरी को 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये करने का फैसला लिया गया है. मनरेगा की किस्त से 5 करोड़ परिवालों को फायदा मिलेगा. DBT से दिव्यांगो और बुजुर्गों की मदद की जाएगी. गरीब बुजुर्गों को 1 हजार रुपये की मदद दी जाएगी. PM गरीब कल्याण योजना के तहत रजिस्टर्ड सेल्फ हेल्प ग्रुप को कोलैटरल फ्री लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है.

मोदी सरकार ने पिछले 48 घंटे में किए महत्वपूर्ण घोषणाएं

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में आम लोगों को राहत देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं. मोदी सरकार ने 80 करोड़ लोगों को बेहद कम कीमत पर अनाज देने का निर्णय लिया है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि मोदी सरकार ने 80 करोड़ लोगों को 27 रुपये किलोग्राम वाले गेहूं को सिर्फ 2 रुपये और 37 रुपये किलो वाले चावल को महज 3 रुपये में देने का निर्णय लिया गया है.

आयकर रिटर्न, जीएसटी रिटर्न फाइल करने की समयसीमा बढ़ी

मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर रिटर्न दाखिल करने और जीएसटी रिटर्न भरने की समय सीमा 30 जून तक बढ़ा दी है. इसी प्रकार कंपनियों को ऋण शोधन कार्यवाही से बचाने के लिये आईबीसी नियमों में भी कुछ राहत दी है. एटीएम से नकद निकासी की सुविधा देने के लिये दूसरे बैंकों के एटीएम से नकद निकासी पर लगने वाले शुल्क को 30 जून तक के लिये समाप्त कर दिया गया है, यानी अब कोई भी डेबिट कार्ड धारक किसी भी बैंक के एटीएम से कितनी भी बार नकदी की निकासी बिना शुल्क दिये कर सकता है. यह सुविधा भी 30 जून तक दी गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को इन राहतों की घोषणा करते हुये कहा कि वित्त वर्ष 2018- 19 की आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि तीन माह बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दी गई है. इसके साथ ही स्थानीय खाता संख्या (पैन) को बायोमेट्रिक पहचान संख्या ‘आधार’ के साथ जोड़ने की अंतिम तिथि को भी 30 जून तक बढ़ा दिया गया है. पिछले वित्त वर्ष के लिये माल एवं सेवाकर (जीएसटी) की वार्षिक रिटर्न भरने की अंतिम तिथि को भी 31 मार्च से आगे बढ़ाकर जून 2020 के अंतिम सप्ताह तक कर दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कंपनियों द्वारा कर्ज की किस्त नहीं लौटाये जाने और उसे चूककर्ता घोषित किये जाने की सीमा को मौजूदा एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये कर दिया गया है. पहले जहां एक लाख रुपये से अधिक के कर्ज डिफाल्ट पर कंपनी के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई शुरू हो सकती थी अब एक करोड़ रुपये तक के कर्ज लौटाने में चूक के बाद ही यह कार्रवाई शुरू हो सकेगी..

 

कोरोना वायरस के चलते देश में बुधवार को 11वी मौत हुई, वहीं संक्रमित लोगों की संख्या 600 के पार पहुंच गई. फ्रांस में मंगलवार को कोरोना की वजह से 240 लोगों की जान गई. सरकार ने लोगों से घरों पर ही रहने की अपील की है साथ ही ये भी कहा कि लोग घबराएं नहीं, जरूरी सामानों की सप्लाई रूकने नहीं दी जाएगी.

कोरोना वायरस से चलते देश में 21 दिनों के लॉकडाउन के बीच बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 600 के पार पहुंच गई है जबकि इस भयानक संक्रमण की वजह से देश में आज 11वीं मौत हुई. तमिलनाडू में आज 54 साल के एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हुई. कोरोना के नए मामले महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार और मिजोरम में देखने को मिले. देश में कोरोना वायरस संक्रमित लोगों की संख्या 606 तक पहुंच गई है.दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से सामान की जमाखोरी ना करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि सरकार जरूरी सामानों की किल्लत नहीं होने देगी इसलिए लोग बिलकुल ना घबराएं और अपने-अपने घरों में ही रहें. महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने भी ट्वीट कर कहा कि वो घर पर हैं और महिला मुख्यमंत्री यानी अपनी पत्नी की बात सुन रहे हैं. उन्होंने लोगों से भी घर पर रहकर अपनी गृहमंत्री की बात सुनें.दूसरी तरफ कोरोना की वजह से दुनियाभर में हाहाकार मचा हुआ है. मंगलवार को फ्रांस में कोरोना वायरस की वजह से 240 लोगों की जान गई. इसी के साथ ही फ्रांस उन बदनसीब देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जहां 1100 से ज्यादा लोगों ने इस जानलेवा वायरस की वजह से जान गंवाई है. चीन, इटली, ईरान और स्पेन में अबतक 1100 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की वजह से जान गंवा चुके हैं.

 


कोरोना जैसी बीमारी को लेकर जहां केंद्र सरकार चिंतित है वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ऐसी गंभीर बीमारी के लिए पहले से तैयारी क्यों नहीं की। उन्होंने प्रशासन को विफल बताया और इसको लेकर कहा कि हमें पहले से तैयारी करनी चाहिए थी। राहुल गांधी भारत में कोरोना वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या के साथ परेशान हैं, अब 500 के पार हो गए हैं। राहुल गांधी ने कहा है कि भारत के पास तैयारी करने के लिए बहुत समय है लेकिन प्रशासन तुरंत कार्रवाई करने में विफल रहा। ट्वीट में राहुल गांधी ने कहा कि मैं दुखी महसूस कर रहा हूं, क्योंकि यह पूरी तरह से परिहार्य था। हमारे पास तैयारी का समय था। हमें इस खतरे को अधिक गंभीरता से लेना चाहिए था और बहुत बेहतर तरीके से तैयार करना था। बात दें भारत में कोरोना वायरस के मामलों की कुल संख्या 10 की पुष्टि के साथ 500 को पार कर गई। राहुल गांधी चिकित्साकर्मियों को सुरक्षात्मक गियर प्रदान करने में नाकाम रहने के लिए एक डॉक्टर को फटकारते हुए एक ट्वीट का जवाब दे रहे थे और इसके बजाय लोगों को उनके सम्मान में ताली बजाने के लिए कह रहे थे। 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सोमवार से आंशिक या पूर्ण तालाबंदी हो गई है, जो अधिकांश राज्यों में 31 मार्च तक जारी रहेगी। वहीं ट्रेनों, उड़ानों और अन्य परिवहन के माध्यम से अंतर-राज्य बसों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संकटग्रस्त लोगों को वेतन सहायता सहित आपातकालीन उपायों की घोषणा करने का आग्रह किया।

वायरस को तीसरे चरण में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश

नई दिल्ली। कोरोना से बचाव के लिए पूरे देश में कई तरह से प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। लोग घर में लगभग बंद होते जा रहे हैं। बात मध्य प्रदेश की करें तो यहां अभी तक कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि ये प्रतिबंध क्यों लगाए जा रहे, वह भी 31 मार्च तक? इसका जवाब है- कोरोना के संक्रमण को देश में तीसरे चरण में प्रवेश करने से रोकना। इसके पहले चरण में ही रोक की कोशिश की जा रही है। कोरोना का वायरस मानव शरीर में 14 दिन का जीवन सर्कल पूरा करता है। इसके बाद खत्म हो जाता है। अभी 19 मार्च है। 31 मार्च तक नए मरीज सामने नहीं आएंगे तो इसका मतलब होगा कि कोरोना का संक्रमण अपने अगले चरण में नहीं पहुंचा। इसके देश में महामारी के रूप में तब्दील होने की आशंका कम हो जाएगी। यदि लापरवाही बरती और कोरोना तीसरे चरण में पहुंच गया तो फिर इस पर नियंत्रण करना मुश्किल काम हो जाएगा। यह पूरे देश में महामारी के रूप में बदल जाएगा।

 1 : इस स्थिति में वहीं लोग कोरोना से संक्रमित पाए जाते हैं, जिन्होंने संक्रमण वाले विदेश की यात्रा की होती है। यह कुछ लोगों तक सीमित रहता है।
स्टेज 2 : कोरोना संक्रमित से उसके परिजनों और एकदम करीबी लोगों में फैलता है। स्टेज वन-व-टू में सोर्स पता रहता है कि किससे फैल रहा है। अभी हमारे देश में यही स्थिति है।
स्टेज 3 : संक्रमित व्यक्ति, बाहर घूमता है और कई लोगों के संपर्क में आता है तो फिर पूरी कम्युनिटी (समाज) में यह फैलना शुरू हो जाता है। इसमें मरीज को भी नहीं पता होता कि उसे कहां से वायरस लगा। इटली और स्पेन में यही स्थिति है।
स्टेज 4 : पूरे देश में सभी जगह यह फैलना शुरू हो जाता है। तब पता नहीं चलता कौन इसे फैलाता है। इस दौरान यह महामारी का रूप ले लेता है। यह कब खत्म होगा, पता नहीं चलता। चीन में यही सब कुछ हुआ।

 

कोरोनावायरस के प्रभाव से निपटने के लिए दुनियाभर में कंपनियां नए-नए तरीके आजमा रही हैं। कोई कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दे रही हैं तो कहीं बैंक खाता खोलने के बदले मास्क फ्री देने की पेशकश कर रहे हैं। कुछ कंपनियां सेगमेंट बदलकर परफ्यूम की जगह सैनिटाइजर्स बनाने के कारोबार में उतर गई हैं।

भारत में कंपनियों ने क्या किया

1.    स्विगी, जोमैटो ने शुरू की कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी

डॉमिनोज, स्विगी, जोमैटो जैसी कंपनियों ने कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी की शुरुआत की है। डिलीवरी एक्सपर्ट जब ग्राहक के घर पहुंचेगा तो वह एक कैरी बैग ग्राहक के दरवाजे के सामने रखेगा और कुछ फीट पीछे जाएगा। वह तब तक खड़ा रहेगा, जब तक ग्राहक ऑर्डर ग्राहक द्वारा रिसीव नहीं कर लिया जाता।

2.    फोर्ड ने कर्मचारियों को घर से ही काम करने को कहा

अमेरिकी ऑटोमेकर कंपनी फोर्ड ने कोरोना के मद्देनजर भारत के 10 हजार कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा है। इससे पहले वॉल्वो भी इसी तरह की घोषणा कर चुकी है। आईटी कंपनी विप्रो ने भी साेमवार को वर्क फ्रॉम होम का ऐलान किया।

3.    एफएमसीजी कंपनियों ने लागू किए कड़े प्रोटोकॉल

खाने-पीने की वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान बनाने वाली एफएमसीजी कंपनियों ने कड़े प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं। हिंदुस्तान यूनीलीवर ने सेल्स कर्मचारियों को ग्राहकों के साथ मेल-मिलाप रोकने के लिए कहा है। फैक्ट्रियों में भी कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।

4.    आपात स्थिति के लिए बनी विशेष टीमें

आपात स्थिति से निपटने के लिए आईटीसी, गोदरेज आदि ने विशेष टीमें बनाई हैं। मीटिंग स्थगित कर वीडियो कान्फ्रेंसिंग का सहारा लिया जा रहा है। कर्मचारियों की रोटेशन में ड्यूटी के साथ फैक्ट्रियों में आइसोलेशन यूनिट तैयार की जा रही है। हैंड सैनिटाइजर को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विदेश में कंपनियों ने क्या कदम उठाए

1.    परफ्यूम बनाने वाली कंपनी बनाने लगीं सैनिटाइजर्स

परफ्यूम बनाने वाली कंपनियां हैंड सैनिटाइजर के कारोबार में उतर गई हैं। फ्रांस के लग्जरी गुड्स समूह एलवीएमएस ने परफ्यूम कारखानों में सैनिटाइजर्स बनाना शुरू कर दिया है। अमेरिका में ब्रुकलिन स्थित न्यूयॉर्क डिस्टिलाइजिंग कंपनी रेस्तरां, बार में हैंड सैनिटाइजर मुहैया करा रही है।

2.    रम वोदका वाली कंपनियां बना रहीं सैनिटाइजर

साइकोपॉम्प माइक्रो डिस्टिलरी सालाना लगभग 15,000 लीटर जिन का उत्पादन करती है, लेकिन मार्च की शुरुआत में कंपनी ने हैंड सैनिटाइजर्स बनाने का काम शुरू किया है। कैलिफोर्निया स्थित लाइम मार्गरीटा व्हिस्की, रम, ब्रांडी की उत्पादक है। अब कंपनी सैनिटाइजर बना रही है।

3.    खाता खुलवाने पर मुफ्त में मिल रहा फेस मास्क

चीन के बैंकों ने काेराेनावायरस के इफेक्ट में कारोबार में आई मंदी को दूर करने के लिए एक अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है। बैंक अपने यहां अकाउंट खोलने के एवज में ग्राहकों को मुफ्त में मास्क मुहैया करा रहे हैं। वीचैट-पे अकाउंट्स से डेबिट या क्रेडिट कार्ड को लिंक कराने पर यूजर को पांच मास्क दिए जा रहे हैं।

4.    शॉपिंग का शुरूआती एक घंटा सिर्फ बुजुर्गों के लिए

उत्तरी आयरलैंड में सुपरमार्केट्स में लंबी-लंबी लाइनें लगने लगी थीं। लिहाजा, सुपरमार्केट्स में खरीदारी के लिए बुजुर्गों को प्राथमिकता जा रही है। बेलफास्ट स्टोर में रोजाना सुबह एक घंटे का समय बुजुर्गों के लिए रिजर्व किया गया है। इस दौरान वे ही खरीदारी करेंगे।

भोपाल। आखिरकार एक बार फिर से एमपी में कमल खिल गया और सोमवार को मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बना ली, मध्य प्रदेश बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना, जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली, एक सादे समारोह में शिवराज सिंह चौहान ने अकेले ही रात 9 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और वो चौथी बार एमपी के कप्तान बन गए, इसके साथ ही चौहान ने राज्य में सबसे ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

 

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