Thursday, 17 October 2019 15:27

चुनाव को लेकर पीएम मोदी की ताबड़तोड़ रैलियां

Written by Scanner India News Network
Rate this item
(0 votes)
सातारा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सातारा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ताबड़तोड़ रैलियों में जुटे हैं। आज उन्होंने यहां कई शहरों में रैली की और विपक्ष पर हमला बोला। बीड, सतारा के बाद उन्होंने पुणे में चुनावी रैली को संबोधित किया।  

विरोधियों पर निशाना

सतारा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अनुच्छेद 370, राफेल जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्ष अफवाह फैलाता है। 
 
पीएम मोदी ने कहा कि जब ये राफेल जैसे आधुनिक जहाज को लेकर दुष्प्रचार करते हैं तो मुझे विश्वास है इस राष्ट्रभक्ति की धरती को पीड़ा होती है। जब ये आर्टिकल-370 को लेकर अफवाहें फैलाते हैं, तब पूरा सातारा निराश होता है। जब वीर सावरकर जैसे राष्ट्रनायकों को ये बदनाम करने का प्रयास करते हैं, तब सातारा का पारा सातवें आसमान पर चढ़ जाता है।
पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और एनसीपी के दलों के भीतर भी दंगल है और दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच दंगल चल रहा है। वो एक-दूसरों को हैसियत दिखाने के लिए बिसात बिछा रहे हैं। जहां कार्यकर्ताओं में, गठबंधन में ही बंटवारा है वो महाराष्ट्र को एकजुट भला कैसे कर सकते हैं।

कांग्रेस-एनसीपी की राजनीति का आधार- बांटो और मलाई खाओ

पीएम मोदी ने कहा कि इनकी राजनीति का एक ही आधार है- बांटो और मलाई खाओ। ये संस्कार छत्रपति शिवाजी के बिलकुल नहीं हैं। उन्होंने तो समभाव और सद्भाव से राष्ट्र सेवा का मार्ग दिखाया है।

गन्ने के लाभकारी मूल्य को लागत का डेढ़ गुणा से अधिक तय

पीएम मोदी ने कहा कि हमने हमेशा से किसानों का दर्द समझा है। 90 के दशक में जब महाराष्ट्र में महायुति की सरकार थी तब यहां पानी की परेशानी को देखते हुए कुछ डैम स्वीकृत हुए थे। लेकिन महायुति की सरकार गई तो डैम की ये फाइलें भी बंद हो गई। आपने जब केंद्र में नरेन्द्र और महाराष्ट्र में देवेन्द्र को अवसर दिया, तो पुरानी फाइलें खुल गई, अब सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। 

उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की मुश्किलों को हल करने के लिए बीते पांच सालों में हर संभव कोशिश की गई है। गन्ने के लाभकारी मूल्य को लागत का डेढ़ गुणा से अधिक तय किया गया है। जब भी कोई समस्या हुई है, हमने यह कोशिश की है कि किसानों को उनका बकाया समय पर मिले। 
Read 14 times

संग्रहीत न्यूज