उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश (4)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों से लौट रहे यूपी और बिहार के लोगों के लिए रातों रात 1000 बसों का इंतजाम कर उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने की पहल की है। इन लोगों को उनके घर पहुंचाने के लिए योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पूरी रात सोए नहीं। शुक्रवार सुबह से ही दिल्ली सहित अन्य राज्यों से यूपी और बिहार के लोगों के नोएडा एवं गाजियाबाद पहुंचने की खबर मिलने लगी थी। कुछ तो साधन मिलने की उम्मीद छोड़कर पैदल या किसी अन्य साधन से हापुड़, बुलंदशहर और अलीगढ़ तक पहुंच गए थे। हालात बिगड़ते देख सीएम योगी के निर्देश पर रातों-रात परिवहन विभाग के चालकों और कंडक्टरों के मोबाइल फोन की घंटिया बजने लगीं। उनसे कहा गया कि वे बसें लेकर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़ और हापुड़ जैसी जगहों पर पहुंचें। देर रात इन जिलों में 1000 से ज्यादा बसें अपने काम में लग गईं। इतना ही नहीं, इन लोगों और उनके परिवार वालों विशेषकर बच्चों के लिए भोजन का इंतजाम भी कराया गया। बता दें कि लॉकडाउन के दौरान काम नहीं होने की वजह से उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के आसपास के अन्य राज्यों में काम करने वाले उन मजदूरों का जत्था प्रदेश की सीमा से सटे जिलों में देखा जा सकता है जो पैदल ही अपने गंतव्य की ओर चल पड़ा है। ये लोग अपने घर वापस लौटना चाहते हैं। हालांकि लॉकडाउन के कारण लोगों की आवाजाही पूरी तरह से बंद है। इस बीच राजधानी लखनऊ के चारबाग बस स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों की पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मदद की। अधिकारी ने बताया कि लखनऊ के चारबाग से यात्रियों की सुविधा के लिये बस की व्यवस्था की गई है ताकि हर कोई अपने गंतव्य तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि कानपुर, बलिया, बनारस गोरखपुर, आजमगढ़, फैजाबाद, बस्ती, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, गोंडा, इटावा, बहराइच, श्रावस्ती ऐसे कई जिलों की बसें यात्रियों को बैठाकर भेजी गई हैं । पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी और लखनऊ के पुलिस आयुक्त सुजीत कुमार पांडे ने लोगों के खाने और पानी की व्यवस्था भी करवाई। 

 

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों तक देश में लॉकडाउन की घोषणा की है, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। लेकिन उत्तर प्रदेश में पुलिस की लाख कोशिशों और सख्ती के बाद भी युवा मान नहीं रहे हैं। बुधवार को भी बड़ी संख्या में युवा बिना काम के बाहर निकले तो पुलिस को सख्य रवैया अपनाना पड़ा। पुलिस ने ऐसे युवकों को लठियाते हुए मुर्गा बनाकर सड़क पर चल वाया, और दोबारा न निकलने की हिदायत देकर घर वापस जाने दिया।21 दिनों के लॉडाउन की घोषणा के बाद जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरीके से मुस्तैद होते हुए सड़कों और चौराहों पर नजर आ रही है। प्रयागराज, कानपुर, कन्नौज, वाराणसी, बुलंदशहर और मेरठ समेत यूपी के सभी जिलों की सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है। लेकिन कुछ ब्रेफिक्र युवाओं को ना तो कोरोना वायरस का खौफ है ना ही यूपी पुलिस का। ऐसे युवाओं पर तो प्रधानमंत्री की अपील का कोई फर्क नहीं पड़ा। तो यूपी पुलिस ने एक्शन में आई और नियमों का उल्लंघन करने पर युवकों को लाइन से खड़ा करके उठक-बैठक लगवाई गई। कुछ जिलों में तो ऐसे युवकों को मुर्गा बनाया गया और माफी मंगवाकर उन्हें वापस भेज दिया गया। इस दौरान पुलिस ने उनसे नियम न तोड़ने का संकल्प दिलाया। यह नजारा जिसने भी देखा वो हैरान रह गया। वहीं इसी बीच कुछ युवक मिन्नतें करते नजर आए पुलिस ने इन युवकों को बिना काम के दोबारा बाहर ना निकलने की हिदायत देकर इनको घर वापस जाने दिया। इस दौरान पुलिस ने लोगों के वाहनों के चालान भी किए गए।यूपी में अब तक 42 पॉजिटिव वहीं, उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 42 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। स्वास्थय विभाग द्वारा जारी मीडिया बुलेटिन में आगरा में 8, गाजियाबाद में 3, नोएडा में 14, लखनऊ में 8, लखीमपुर खीरी में 1 और मुरादाबाद में 1, वाराणसी में 1, कानपुर में 1, पीलीभीत में 2, जौनपुर में 1 और शामली में 1 लोगों में कोरोना की पुष्टि की गई है। अब तक कुल 1707 टेस्ट निगेटिव पाए गए। 95 के टेस्ट का इंतज़ार है।

लखनऊ:  कोरोना के कहर ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया है. जिसके चलते घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. देश के 130 करोड़ आबादी घरों में कैद हो गए हैं. प्रधानमंत्री ने मंगलवार को देश के संबोधन में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन करने को कहा था, जिसके बाद पूरा देश लॉकडाउन हो गया. लेकिन लोगों को खाना और जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना भी सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.

राहत पैकेज की व्यवस्था बहुत जरूरी 

देशवासियों की चिंता करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहा कि देश की 130 करोड़ गरीब और मेहनतकश जनता पर 21 दिनों के लॉकडाउन वाली पाबन्दियों को कड़ाई से लागू करने के बाद खासकर लोगों का पेट भरने अर्थात उनकी रोटी-रोजी की समस्या को दूर करने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा राहत पैकेज 
की व्यवस्था बहुत ही जरूरी है. इसपर सरकार को तुरंत ध्यान दें.

सरकारी निर्देशों का अनुपालन करें

साथ ही इस देशबंदी में प्राइवेट सेक्टर के लॉकडाउन को लेकर उन्हें दी गई विभिन्न रिआयतों के साथ-साथ वहां काम करने वाले लोगों को भी महीने का वेतन दिलाने की व्यवस्था केन्द्र व राज्य सरकारों को सुनिश्चित करनी चाहिए. लोगों से भी अपील है कि वे सरकारी निर्देशों का अनुपालन करें.

 

 

 

लखनऊ। यूपी में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते प्रदेश की योगी सरकार ने 16 जिलों में लॉकडाउन के बाद कई और कड़े कदम उठाए हैं। हमेशा से अपने कड़े फैसलों से जानी जाने वाले सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने सोमवार को जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक के लिए 11 निर्देश जारी किए हैं। इस निर्देश के साथ अब किसी भी स्थान पर पांच से अधिक व्यक्तियों के इक्ट्ठा होने पर उनके खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी।योगी सरकार ने जारी किए ये निर्देष -सबसे पहले तो किसी भी स्थान पर पांच से अधिक व्यक्तियों की भीड़ एकत्रित न हो अगर ऐसी भीड़ एकत्र होती हैं तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - आम लोगों के दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्रियों को खरीदने में कोई परेशानी न हो इसके लिए दूध, सब्जियों आदि की आपूर्ति हेतु मोहल्लों में ठेला विक्रेताओं एवं छोटे वाहनों से विक्रय की व्यवस्था की जाय, ताकि लोगों को इन वस्तुओं को लेने हेतु घर से दूर न जाना पड़े।


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