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काशी और मथुरा में मंदिर बनाने के लिए जमीन का अधिग्रहण करे सरकार: सुब्रह्मण्यम स्वामी

रविवार को प्रयागराज स्थित अरुंधति वशिष्ठ अनुसंधान पीठ की ओर से आयोजित अशोक सिंघल स्मृति व्याख्यान में बोलते हुए राज्यसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि सरकार चाहे तो वह अयोध्या में काशी विश्वनाथ मंदिर और मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि की जमीनों का अधिग्रहण कर सकती है।  व्याख्यान में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचे स्वामी ने अपने संबोधन में कहा, 'अयोध्या मामले का फैसला आने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि काशी विश्वनाथ और कृष्ण जन्मभूमि का क्या होगा? मेरा जवाब रहता है कि, काशी और मथुरा की मंदिरों की जमीन का अधिग्रहण सरकार कर सकती है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने 1951 में कानून बनाया था कि सरकार राष्ट्रहित में किसी भी जमीन का अधिग्रहण कर सकती है और किसी को दे सकती है।'स्वामी ने कहा कि,इस देश में सबको अपने धर्म के अनुसार पूजा करने का अधिकार है। अयोध्या मामले में हमने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि हमारी आस्था है कि भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ। जिसे सर्वोच्च अदालत ने माना। स्वामी ने कहा कि राम मंदिर पर हुआ फैसला आस्था के आधार पर हुआ। काशी विश्वनाथ मंदिर और कृष्ण जन्मभूमि भी हमारी आस्था से जुड़े हैं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि, धर्म के आधार पर जो विकास होगा उसमें 'सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय' का भाव होगा। अंग्रेजी इतिहासकारों ने धर्म को संकुचित रूप देकर उसे रिलिजन का पर्याय बता दिया, जबकि धर्म एक बहुत ही व्यापक विषय है। 

 

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों के लिए एक अच्छी खबर आई है। योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में नोएडा सेक्टर 71 से ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क के बीच प्रस्तावित मेट्रो लाइन को मंजूरी दे दी है। नोएडा सेक्टर 71 से ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क तक करीब 15 किलोमीटर की दूरी है। इस परियोजना पर करीब 2602 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सूत्रों का कहना है कि इस प्रॉजेक्ट को 2022 तक पूरा किया जाना है। साथ ही कैबिनेट मीटिंग में इस प्रस्ताव के पास होने के साथ ही डीपीआर फाइनल करने पर भी काम शुरू हो गया है। 

ऐलिवेटेड होंगे सभी स्टेशन 
नोएडा में संचालित हो रही मेट्रो रेल सेवा के ऐक्स्टेंशन और ऑपरेशन का पूरा काम नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ही करेगी। मेट्रो के स्ट्रेच में करीब 9 मेट्रो स्टेशन हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि सभी स्टेशन ऐलिवेटेड होंगे। इस प्रॉजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाना है। पहले चरण में 9 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में बाकी का काम होगा।

 इन इलाकों को होगा फायदा 
सेक्टर-71 से नॉलेज पार्क-5 तक 9 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस पर करीब 2602 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में नोएडा के सेक्टर-71 से ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर-2 तक काम होगा। इस पर 1521 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले चरण में 9.15 किमी रूट होगा, जिस पर 5 स्टेशन बनेंगे। इनमें दो स्टेशन नोएडा के सेक्टर-120 और 123 में बनेंगे। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सेक्टर-4, 16बी और 2 में स्टेशन बनाए जाएंगे। NMRC  को इसमें नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। नोएडा और ग्रेनो अथॉरिटी अपने-अपने हिस्से में आ रहे भाग के हिसाब से खर्च पर वहन करेंगी। साथ ही, केंद्र और यूपी सरकार से भी मदद मिलेगी। 

अयोध्या | राम बारात इस साल 21 नवंबर को अयोध्या से नेपाल के जनकपुर के लिए रवाना होगी। इस साल सुप्रीम कोर्ट से राममंदिर के पक्ष में आए फैसले के बाद बारात और धूमधाम से निकाली जाएगी। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) हर साल साल इसका आयोजन करती है और दो सुसज्जित रथों पर युवा राम, भरत, लक्ष्मण के रूप में सजकर निकलते हैं।करीब 200 लोगों की इस बारात में संत भी शामिल होंगे। वे दो दर्जन कारों एवं बसों में सवार होकर 21 नवंबर को अयोध्या से निकलेंगे और 28 नवंबर को सीता की नगरी जनकपुर पहुंचेंगे। इसके साथ ही इस यात्रा के दौरान कई अन्य लोग इसमें शामिल होंगे।प्राचीन परंपरा के अनुसार, इस बारात में किसी महिलाओं के शामिल होने की अनुमति नहीं होती है। बारात गाजीपुर, छपरा, पटना और सीतामढ़ी होते हुए जनकपुर पहुंचेगी। विविप प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक दिसंबर को जनकपुर में होने वाले विवाह समारोह में आमंत्रित किया गया है। नेपाल के राजशाही परिवार को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया जाता है। इस समारोह का आयोजन विहिप की संस्था धर्मयात्रा महासंघ द्वारा किया जाता है। महासंघ धार्मिक यात्राओं का कामकाज देखता है। उत्तर भारतीयों की कुछ दशक पहले तक की परंपरा के मुताबिक बारात जनकपुर में तीन दिन रुकेगी। विहिप नेताओं के मुताबिक, 400 अतिथियों के लिए होटल एवं लॉज पहले ही बुक करा दिए गए हैं।जनकपुर के दशरथ मंदिर में 'तिलकोत्सव' 29 नवंबर को और 'कन्या पूजन' 30 नवंबर को होगा। इसके बाद एक दिसंबर को 'रामलीला' 'धनुष यज्ञ' और 'जयमाला' होगा। इसके बाद दो दिसंबर को 'कलेवा' होगा, जिसके बाद बारात वापस विदा होगी, जो कि गोरखपुर होते हुए अयोध्या लौटेगी।

 


राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट से फैसले के बाद विश्व हिंदू परिषद दो खेमों में बंटी नजर आ रही है । विहिप ने अपने प्रभुत्व वाले श्रीराम जन्मभूमि न्यास की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि अब उनका न्यास राम मंदिर बनाने के लिए कानूनन योग्य नहीं है
राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विश्व हिंदू परिषद दो खेमों में बंटी नजर आ रही है । विहिप ने अपने प्रभुत्व वाले श्रीराम जन्मभूमि न्यास की भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा कि अब उनका न्यास राम मंदिर बनाने के लिए कानूनन योग्य नहीं है। कोर्ट के आदेश से सरकार को नया ट्रस्ट बनाना है। वहीं इसी ट्रस्ट के अध्यक्ष ने दावा किया कि हम राम मंदिर बनाएंगे, सरकार इसमें शामिल हो सकती है। विश्व हिन्दू परिषद ने कहा कि हम राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाई अपनी सारी संपत्ति सरकार को देने के लिए तैयार हैं। इस नई लड़ाई के बाद हलचल मच गई है। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि की अधिगृहीत भूमि के रिसीवर व कमिश्नर मनोज मिश्र ने कहा कि विहिप व साधु-संतों की हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर है। मंदिर-मस्जिद के निर्माण में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का ही पालन होगा। जानकारी के लिए बता दें कि बीते शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने दशकों से चले आ रहे राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद को लेकर फैसला सुनाया और कहा कि राम मंदिर वहां बनेगा और बाबरी मस्जिद के लिए अलग से जगह दी जाएगी।

अयोध्या  में आयोजित किया गया आज का दीपोत्सव गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। इस मौके पर 5.5 लाख दीपक जलाकर भगवान राम की नगरी अयोध्या को जगमग किया गया था।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे। यहां पर 5 लाख 51 हजार दिये जलाए गए। इसके साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बन गया है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल भी मौजूद रहीं। अयोध्या में दीपोत्सव के बीच भव्य आतिशबाजी भी जारी रही। जमीन के साथ आसमान में भी में भी अद्भुत नजारा देखा गया। अयोध्या घाटों पर दिये जलाने का कार्यक्रम चला। भगवान राम की नगरी अयोध्या में सीएम योगी आदित्यनाथ सरयू घाट पर आरती करते नजर आए । लाखों दीपों से सजी हुई अयोध्या नगरी का दृश्य बड़ा ही मनमोहक प्रतीत हुआ। 

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि भाजपा सरकार में कोई भी सुरक्षित नहीं है। कोई कहीं भी मारा जा सकता है। महिला उत्पीड़न सबसे ज्यादा है। एनकाउंटर में निर्दोष मारे जा रहे हैं। नेशलनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो ने दो वर्ष के बाद जो रिपोर्ट जारी की है उसके अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध में यूपी सबसे ऊपर है। इससे साबित होता है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भारी संकट है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने अब तक दो ही काम किए हैं। एक समाजवादी सरकार के कामों को अपना बताना और जनहित के दूसरे कामों को बर्बाद करना। भाजपा राज में किसान और नौजवानों का कोई पुरसाहाल नहीं है। कर्ज और बेकारी से परेशान लोगों को आत्महत्या का ही रास्ता सूझ रहा है।

'असहमति जताना देशद्रोह मान लिया जाता है'

अखिलेश ने कहा, भाजपा नेतृत्व रामराज्य की बात तो करता है, लेकिन उसे असहमति की आवाज पसंद नहीं है। असहमति जताना देशद्रोह मान लिया जाता है। यह ऐसी सरकार है जिसमें विकास की कोई चर्चा नहीं हो रही है। देश की अर्थव्यवस्था चिंताजनक है। नोटबंदी और जीएसटी ने व्यापार और उद्योग धंधों को चौपट कर दिया है।

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