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बिहार

बिहार (12)


पूर्णिया : बिहार , झारखंड रामकृष्ण विवेकानंद भाव प्रचार परिषद का 31 वाँ वार्षिक अधिवेशन 10 नवंबर 2019 को रामकृष्ण मठ पूर्णिया में सम्पन्न हुआ। सभा की अध्यक्षता बिहारए. झारखंड रामकृष्ण . विवेकानंद भाव प्रचार परिषद के अध्यक्ष श्रीमत स्वामी शशांकानंद जी महाराज ; सचिव रामकृष्ण मठ पूर्णिया द्ध ने की। इस पावन अवसर पर स्वामी अमृतरूपानंद जी महाराज ;सचिव रामकृष्ण मिशन जमशेदपुर एवं परिषद के उपाध्यक्षद्ध स्वामी अतिदेवानंद जी महाराजए ;रामकृष्ण मिशन आश्रम छपरा के सचिवद्ध रामकृष्ण मिशन आश्रम मालदा के सचिव एवं बेलुड़ मठ के प्रतिनिधि स्वामी त्यागरूपानन्द जी महाराजद्धए ;सचिवए रामकृष्ण मिशन आश्रम मुजफ्फरपुर द्धए स्वामी भावात्मानंद जी महाराजए ;सचिव रामकृष्ण मिशन आश्रम कटिहार एवं परिषद के उपाध्यक्ष द्धस्वामी महेश्वरानंद जी महाराजए ;सचिव रामकृष्ण मिशन आश्रम मोराबादी एवं परिषद के उपाध्यक्षद्धए स्वामी भवेशानंद जी महाराजए ए;सचिव रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ देवघरद्ध स्वामी जयन्तानंदजी महाराज की महनीय उपस्थित एवं उनके मुख से निःसृत अमृत. सुधा सिंचन से बिहार झारखंड से आए तमाम प्रतिनिधि आप्लावित हो गए। जीव. सेवा शिव .सेवा को चरितार्थ करते हुए विभिन्न आश्रम केंद्रों के प्रतिनिधियों द्वारा सेवा कार्यो का विवरण प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम . संयोजन का दायित्व मुझ अकिंचन पर था। संयोजकए बिहार .झारखंड रामकृष्ण .विवेकानंद भाव प्रचार परिषद का गुरुतर दायित्व पुनः प्रदान करने के लिए सभी संन्यासी श्रेष्ठों को और बिहार. झारखंड के तमाम प्रतिनिधियों का आभार प्रकट करता हूँ।

 

राजद नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक के बाद एक ट्वीट कर हमला बोला है. तेजस्वी ने अपने ट्वीट में राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए लिखा है."क्या आप जानते है नीतीश सरकार के निक्कमेपन के कारण बिहार में ग्रेजुएशन करने में 6-8 वर्ष और पोस्ट ग्रेजुएशन करने में 4-6 वर्ष लगते है? आत्ममुग्ध नीतीश कुमार जी ने विगत 15 वर्ष में मीठा ज़हर देकर बिहार की शिक्षा व्यवस्था का निर्ममता से क़त्ल किया है." एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी यादव ने लिखा है "नीतीश जी ने स्कूलों और विश्वविद्यालयों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाप्त कर, इन्हें खंडहर में तब्दील कर दो पीढ़ियों का अपूरणीय नुक़सान किया है.दो पीढ़ियों के भविष्य को बर्बाद कर उनके जीवन को अंधेरे कुंए में धकेलने वाले CM को इस आपराधिक कृत्य के लिए छात्र और युवा माफ़ नहीं करेंगे."

बिहार के पटना में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे पीएमसीएच में डेंगू मरीजों से मिलने पहुचे थे। जहां एक शख्स ने उनके ऊपर स्याही फेंक दी। स्याही फेंकने के बाद आरोप भागने में कामयाब रहा। घटना के बाद अश्विनी चौबे ने कहा कि ये स्याही जनता, लोकतंत्र और लोकतंत्र के स्तंभ पर फेंकी गई है। अश्विनी चौबे मंगलवार को पटना में राज्य में हाल ही में आई बाढ़ के बारे में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निरीक्षण दौरे पर आए थे। जहां कई डेंगू रोगियों को भर्ती किया गया था। जब चौबे परिसर से जा रहे थे। तभी दो युवकों ने कथित तौर पर उन पर स्याही फेंकी।

दिल्ली के बदरपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अपने भाषण के दौरान दिल्ली को पूर्ण राज्य दिए जाने की मांग का समर्थन किया है। सीएम नीतीश कुमार ने दिल्ली के जनता दल यूनाइटेड कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए कहा है कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। इसके अलावा केजरीवाल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार पूरे देश के लोगों को सस्ता इलाज मुहैया कराए। लंबे समय से सीएम अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी केंद्र सरकार से दिल्ली को पूर्ण राज्या का दर्जा दिए जाने की मांग कर रही है। इस वर्ष हुए लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का यह प्रमुख मुद्दा था। नीतीश कुमार ने अपने संबोधन के दौरान दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिए गए बयान को लेकर भी टिप्पणी की है। बता दें, अरविंद केजरीवाल ने कुछ दिनों पहले कहा था कि दिल्ली में बिहार व अन्य राज्यों से लोग 500 रुपये का टिकट लेकर आते हैं और 5 लाख का मुफ्त इलाज करवा कर जाते हैं। इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था। सीएम नीतीश कुमार ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली में कोई बिहार से आये या किसी अन्य प्रदेश से। यहां की सरकार को सस्ता इलाज मुहैया कराना चाहिए।

जमुई जिले के कौआकोल से अगवा  तीनों युवकों की हत्या के बाद  उनकी क्षत विक्षत लाश  थाना क्षेत्र के भोरमबाग गांव के पास पहाड़ी के ऊपर झाड़ी में मिली। इस घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों के शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए नवादा भेज दिया है। गया के शेरघाटी थानाक्षेत्र के पंडौल गांव के निकट बधार में दो युवकों की गला काट कर हत्या कर दी गई। दोनों युवकों के शव बुधवार की सुबह दरियापुर-गुरुआ रोड से पंडौल गांव को जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग के किनारे गड्ढे में मिले हैं। सुबह में युवकों के शव पाए जाने की सूचना पर आस-पास के लोग भी मौके पर जुटे और मृतकों की पहचान करने की कोशिश की। दो शवों के मिलने पर आस पास के इलाके में सनसनी फैल गई है। 

जानकारी के अनुसार, 24 मई की शाम कौआकोल थाना क्षेत्र के कदहर गांव के समीप नाटी नदी के पुल के पास से जमुई जिले के सिकन्दरा निवासी राजकुमार यादव उर्फ पल्लू, जितेन्द्र उर्फ रिंकू और विक्की रजक का अपहरण कर लिया गया था। वे तीनों बाइक से जा रहे थे। इस मामले में पुलिस के हाथ कई दिनों से खाली थे। पुलिस को कोई भी ठोस सुराग नहीं मिल सका था। शक की सुई शराब माफियाओं की तरफ घूम रही थी। कयास लगाया जा रहा था कि शराब के धंधे से जुड़े माफिया आपसी विवाद को लेकर उन्हें अगवा कर सकते हैं।

पुलिस ने इस मामले में एक दर्जन से अधिक लोगों को कौआकोल, सिकंदरा व मोकामा से पूछताछ के लिए उठाया भी, लेकिन किसी से भी उनके अगवा होने के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी थी। इस बीच कौआकोल में तीनों की लाश मिलने के बाद सनसनी फैल गई। कौआकोल थानाध्यक्ष ने बताया कि पहाड़ी के ऊपर झाड़ी से तीनों का शव बरामद कर लिया गया। तीनों की हत्या की गई है। इस मामले की जांच की जा रही है।

वहीं दूसरी ओर गया के शेरघाटी थानाक्षेत्र के पंडौल गांव के निकट बधार में दो युवकों की गला काट कर हत्या कर दी गई। दोनों युवकों के शव बुधवार की सुबह दरियापुर-गुरुआ रोड से पंडौल गांव को जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग के किनारे गड्ढे में मिले हैं। सुबह में युवकों के शव पाए जाने की सूचना पर आस-पास के लोग भी मौके पर जुटे और मृतकों की पहचान करने की कोशिश की। दो शवों के मिलने पर आस पास के इलाके में सनसनी फैल गई है। 

शेरघाटी के एएसपी रवीश कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गया भेजा है। उन्होंने बताया कि मृतकों में से एक की पहचान औरंगाबाद जिले के देव थाने के भवानीपुर गांव के दिलीप प्रसाद सिंहा के पुत्र 22 वर्षीय अभिषेक कुमार के रूप में की गई है। दूसरा मृतक भी उसी गांव का बताया जाता है। पुलिस को मिले इनपुट के अनुसार दोनों चचेरे भाई हैं। घटनास्थल से पुलिस को हत्या के लिए उपयोग किए गए तेज धार वाले दो कटार भी मिले हैं। पुलिस ने देव थाने के मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी है। इससे पूर्व एएसपी ने शेरघाटी और गुरुआ थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का जायजा लिया। 

एएसपी ने बताया कि इस हादसे के पीछे पुरानी दुश्मनी की बात सामने आ रही है। उन्होंने मृतकों के किसी वाहन के चालक-खलासी होने की आशंका से इनकार किया है। स्थानीय चश्मदीदों के मुताबिक गला कटा होने के बावजूद घटनास्थल पर खून नहीं मिला है, जिससे प्रतीत होता है कि हत्या किसी दूसरे स्थान पर की गई है और शवों को सुनसान सड़क पर फेंका गया है। पुलिस मृतक के परिजनों के आने का इंतजार कर रही है।

 

 बिहार की पांच संसदीय सीटों - दरभंगा, उजियारपुर, समस्तीपुर (सु), बेगूसराय व मुंगेर में मतदान शुरू हो गया है। इसके साथ ही आज बिहार की कुल 40 में 19 सीटों यानी लगभग आधी पर मतदान हो जाएगा। बची हुई 21 सीटों पर चुनाव आगे के तीन चरणों में होगा। गौरतलब है कि बिहार में कुल 7 चरणों में मतदान होना है।

चतुर्थ चरण में सूबे की कई दिग्गज मैदान में हैं। इसी चरण के नतीजे बेगूसराय में भाजपा के गिरिराज सिंह, भाकपा के कन्हैया कुमार व राजद के तनवीर हसन तथा मुंगेर में राज्य सरकार में मंत्री सह जदयू प्रत्याशी राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं कांग्रेस प्रत्याशी नीलम देवी के भाग्य का फैसला करेंगे। नीलम देवी मोकामा से निर्दलीय विधायक अनंत सिंह की पत्नी हैं।

उधर, उजियारपुर में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय के सामने रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा चुनाव मैदान में हैं। गत लोस चुनाव में रालोसपा एनडीए की सहयोगी थी। समस्तीपुर में केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई और लोजपा प्रत्याशी रामचंद्र पासवान एवं कांग्रेस के अशोक राम, तो दरभंगा में राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी एवं भाजपा के गोपालजी ठाकुर के बीच कड़ा मुकाबला है। इनके साथ ही इस चरण में कुल 66 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। मतदाता इनके बीच से ही अपने पांच जनप्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 48.50% मतदान हो चुका है।

 

गुरुवार को पाटलिपुत्रा लोकसभा से भाजपा और राजद के प्रत्याशियों ने नामांकन किया। बड़े नेताओं ने जैसे ही नामांकन परिसर में कदम रखा सारे नियम छोटे हो गए। चुनाव आयोग ने नामांकन परिसर में प्रवेश पर सख्त नियम बना रखे हैं। जैसे नामांकन परिसर की बैरिकेडिंग में केवल प्रत्याशी सहित 10 लोग ही प्रवेश करेंगे। 100 मीटर पहले ही सभी समर्थक रोक लिए जाएंगे। 4 प्रस्तावक ही नामांकन कक्ष में जाएंगे। गुरुवार को पहले राजद प्रत्याशी मीसा भारती नामांकन करने पहुंचीं। उनके साथ सैकड़ों समर्थक भी नामांकन परिसर में दाखिल हो गए। चार की जगह कई लोग चले गए। यही हाल भाजपा उम्मीदवार रामकृपाल यादव के समर्थकों ने भी किया। यही नहीं, एक ही समय पर दोनों का आमना-सामना भी हुआ तो समर्थकों ने नारे लगाने शुरू कर दिए। बड़े नेताओं को देख प्रशासन भी मौन रहा। 

ये है नियम   
10 लोग को बैरिकेडिंग के अंदर प्रवेश करने की है अनुमति  
चार प्रस्तावक ही नामांकन कक्ष तक जाएंगे          
नामांकन परिसर के 100 मी. पहले ही सभी समर्थक के प्रवेश पर रोक 

ऐसे टूटे नियम
सैकड़ों समर्थक बैरिकेडिंग के अंदर प्रवेश कर गए
25 से 30 लोग नामांकन कक्ष तक पहुंच गए
नामांकन परिसर द्वार तक सैकड़ों समर्थकों की नारेबाजी

रामकृपाल ने 1:45 पर पूरा कर लिया नामांकन
रामकृपाल यादव ने अपने तीन प्रस्तावकों के साथ दोपहर 1:45 बजे नामांकन पूरा कर लिया। इसके बाद बाहर निकलने पर उन्होंने कहा कि जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता इसका जवाब देगी। फिर यहां से एसकेएम में आयोजित राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने चले गए। 

रूट प्लान फेल, भिड़ गए समर्थक
मीसा भारती एक घंटे बाद नामांकन कक्ष से बाहर निकलीं। उन्होंने कहा कि पहली बार उनके पिता उनके साथ नहीं हैं। उनकी फोटो लेकर नामांकन करने पहुंची हैं। इसके बाद बाहर निकलते समय समर्थकों ने बाएं के बदले दाहिने लेन को जाने के लिए चुन लिया, जो इंट्री गेट से परिसर आने का रास्ता है। पुलिस के मुस्तैद नहीं होने से भाजपा प्रत्याशी रामकृपाल और राजद प्रत्याशी मीसा भारती के समर्थक एक ही लेन पर आ गए। समर्थकों के बीच नोकझोंक भी हुई। समर्थकों ने किसी तरह रामकृपाल यादव को इससे बाहर खिंचा। दोनों तरफ के समर्थक एक-दूसरे के सामने नारे लगाने लगे। कुछ ने भिड़ने की भी कोशिश की।

 

राजद ने पार्टी के अधिक विधायकों वाली सीटों पर दाव खेला है। दो चरण के चुनाव में तो राजद के सिम्बल पर मात्र तीन ही उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन सही मायने में तीसरे चरण के चुनाव से राजद के विधायकों की अग्निपरीक्षा होनी है। इन पांच चरणों के चुनाव में पार्टी ने 16 संसदीय क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इन 16 क्षेत्रों में पार्टी के 40 विधायक हैं। 

खास बात यह है कि पार्टी के इन विधायकों में पांच तो खुद ही किसी ना किसी संसदीय क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र में अधिक बढ़त लेने की चुनौती खुद इन उम्मीदवारों पर होगी। इसी के साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव दोनों का विधानसभा क्षेत्र हाजीपुर संसदीय क्षेत्र में है।  जिन संसदीय क्षेत्रों में राजद के अधिक विधायक हैं, वहां से उसके उम्मीदवार भी अधिक हैं। एक संसदीय क्षेत्र में औसतन छह विधानसभा क्षेत्र होते हैं। दूसरे चरण के बाद राजद के जो भी उम्मीदवार बचे हैं, उनमें 10 संसदीय क्षेत्रों में पार्टी के आधे या उससे अधिक विधायक हैं। शेष छह संसदीय क्षेत्र में शिवहर, गोपालगंज, सीवान और बक्सर संसदीय क्षेत्र ऐसा है जहां राजद के सिर्फ एक-एक विधायक ही हैं। जहानाबाद और सारण संसदीय क्षेत्र में राजद के चार-चार विधायक हैं। 

बेगूसराय समेत आठ सीटों पर तीन-तीन विधायक
सीतामढ़ी, मधेपुरा, दरभंगा, वैशाली, महाराजगंज, हाजीपुर, बेगूसराय और पाटलीपुत्र संसदीय क्षेत्रों में राजद के तीन-तीन विधायक हैं। इनमें दरभंगा से चुनाव लड़ रहे अब्दुल बारी सिद्दीकी अपने क्षेत्र के अलीनगर विधान सभा क्षेत्र का वर्तमान में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हाजीपुर से चुनाव लड़ रहे शिवचन्द्र राम खुद अपने क्षेत्र के राजापाकड़ से विधायक हैं। सुरेन्द्र यादव जहानाबाद संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी हैं और वह खुद बेलागंज से विधायक हैं। इसी प्रकार गुलाब यादव अपने संसदीय क्षेत्र झंझारपुर के झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र और चंद्रिका राय अपने क्षेत्र सारण के परसा विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि हैं। 

पिछले आठ दिनों से जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मधेपुरा में कैंप किए हुए हैं। वहीं से दूसरे और तीसरे चरण में होने वाले चुनाव से संबंधित सीटों पर अपने प्रचार अभियान को अंजाम दे रहे हैं। अमूमन रोज चार चुनावी सभा करने के बाद रात्रि विश्राम वे मधेपुरा में करते हैं। गत नौ अप्रैल को वे पटना से रवाना हुए थे, तभी से लौटे नहीं हैं। 

एनडीए के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की मुहिम में मुख्यमंत्री लगे हैं और वहीं से अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं।  भाषणों के जरिये जनता से अपने किये काम और सेवा की मजदूरी के रूप में एनडीए उम्मीदवारों के लिए वोट मांग रहे हैं। दूसरे चरण के चुनाव की खास बात ये है कि सभी पांचों सीटों पर एनडीए के तहत जदयू के उम्मीदवार मैदान में हैं। इस लिहाज से यह चरण जदयू के लिए और ही खास हो जाता है। मधेपुरा में रात्रि विश्राम और अगले सुबह से शाम तक चुनाव प्रचार-प्रसार में मुख्यमंत्री लग जाते हैं। 

मधेपुरा में भी तीसरे चरण में चुनाव है। मधेपुरा से जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव इस बार राजद से चुनाव मैदान में हैं। यहां से वर्तमान सांसद पप्पू यादव जाप पार्टी से खड़े हैं। जदयू की ओर से दिनेश चंद्र यादव मैदान में हैं। इन कारणों से इस सीट पर देश की नजर है। दूसरे चरण की बात करें तो किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, पूर्णिया और बांका में 18 अप्रैल को मतदान होने हैं। 

यहां के लिए 16 अप्रैल की शाम को चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। पूर्णिया में वर्तमान सांसद जदयू के ही संतोष कुशवाहा मैदान में हैं। तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल को झंझारपुर, सुपौल, खगड़िया, अररिया और मधेपुरा में है। 

बिहार बोर्ड की ओर से कंपार्टमेंटल सह विशेष परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन गुरुवार से भरे जा सकेंगे। अधिकतम दो विषयों में फेल होने वाले परीक्षार्थी ही कंपार्टमेंटल परीक्षा दे सकेंगे। वहीं जो परीक्षार्थी मैट्रिक वार्षिक परीक्षा में किसी कारण से शामिल नहीं हो पाए, वे विशेष परीक्षा के लिए आवेदन करेंगे। आवेदन 11 अप्रैल से 16 अप्रैल के बीच ऑनलाइन भरा जाएगा। 

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मानें तो इसके लिए परीक्षा मई महीने में आयोजित की जाएगी। बिहार बोर्ड द्वारा माध्यमिक कम्पार्टमेंटल-सह-विशेष परीक्षा के रिजल्ट का प्रकाशन जून महीने में करने का लक्ष्य रखा गया है। फॉर्म शिक्षण संस्थानों के प्रधान के माध्यम से भरा जाना है। ज्ञात हो कि विशेष परीक्षा में मैट्रिक परीक्षा के नियमित, स्वतंत्र कोटि के परीक्षार्थी, जिन्होंने परीक्षा फॉर्म भरा, लेकिन शिक्षण संस्थान के प्रधान की लापरवाही के कारण उनका फॉर्म ऑनलाइन नहीं हो सका और इस वजह से परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए, वे विशेष परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। साथ ही पूर्ववर्ती कोटि के परीक्षार्थी, जिनके द्वारा फॉर्म भरा गया, लेकिन शिक्षण संस्थान के प्रधान की लापरवाही के कारण उनका फॉर्म पूर्ववर्ती कैंडिडेट के बदले कम्पार्टमेंटल कर दिया गया वे इस परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।

इंप्रूवमेंट के लिए अंतिम मौका 

इंप्रूवमेंट में वैसे परीक्षार्थी, जिन्होंने मैट्रिक परीक्षा, 2017 अथवा 2018 में पास की और जो मैट्रिक परीक्षा, 2019 में समुन्नत परीक्षार्थी के रूप में सभी विषयों की परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन पत्र एवं शुल्क अपने शिक्षण संस्थान में जमा किया, लेकिन उनका ऑनलाइन परीक्षा आवेदन नहीं भरा जा सका। ऐसे परीक्षार्थी भी शामिल हो सकते हैं।.

 

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