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मनोरंजन

मनोरंजन (11)

 

  बॉलीवुड के चर्चित फिल्मकार राजेश मित्तल की बायोपिक फिल्म 'शहीद चंद्रशेखर आज़ाद' नए साल में बॉक्स ऑफिस की खिड़की पे धमाल मचाएगी ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। हालिया प्रदर्शित अभिनेता अजय देवगन की ऐतिहासिक फ़िल्म "तानाजी- द अनसंग वॉरियर" को सिने दर्शकों के तरफ से अच्छा रेस्पांस मिल रहा है और इस कारण राजेश मित्तल की यह फ़िल्म भी दर्शकों की कसौटी पर खरी उतर सकती है।ओशिवरा(मुम्बई) स्थित व्यंजन वेंकवेट हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में पिछले दिनों आर एन फिल्म्स के बैनर तले निर्मित बायोपिक फिल्म-'शहीद चंद्रशेखर आज़ाद' का संगीत,ट्रेलर और फर्स्ट लुक 'मित्तल म्यूजिक कंपनी' ने जारी किया। फिल्म में 4 गाने हैं जिसे दिनेश अर्जुन और वकिल बाबू ने संगीत से सजाया है। इस गाने के बोल नैयर जौनपुरी, एन. उपाध्याय और राजेश मित्तल ने लिखे हैं तथा कुमार सानू, उदित नारायण, खुशबू जैन, दिनेश अर्जुन और इंद्र नाइक की आवाज़ में रिकॉर्ड हुआ है।बायोपिक फ़िल्म-'शहीद चंद्रशेखर आज़ाद' की शूटिंग बनारस, लखनऊ, इलाहाबाद, आगरा और झारखंड, रांची और मुंबई सहित कई अन्य जगहों पर की गई है। राजेश मित्तल द्वारा निर्मित और निर्देशित इस फिल्म में रंगमंच से सशक्त अभिनेता हेमेंद्र सिंह सोलंकी (शीर्षक भूमिका में), पूजा कुशवाहा, ऋषभ राज (भगत सिंह), अनिल नागरथ, ब्राउनी पाराशर, अरुण माथुर, उर्वशी, सुखपाल सिद्धू, पुष्पा वर्मा, चंदन कश्यप, रंजीत बिहारी,सुदर्शन,राजेश कुमार साहू, झरना चक्रवर्ती, अतुल दीक्षित, जीतू सोनी, देव दत्त, अनिल धवन (चंद्रशेखर के पिता) ने दमदार अभिनय किया है। फिल्मकार राजेश मित्तल ने सहायक के रूप में मशहूर निर्देशकों जैसे बी.आर. इशारा, विजय आनंद और मोहन चोटी के साथ रहकर निर्देशन के गुर हासिल किए हैं। फिर 1983 से कई हिंदी व मराठी फिल्म बना चुके हैं।  अरशद वारसी को लेकर एक हिंदी फिल्म 'जिंदगी बन गई हो तुम' भी बनाने जा रहे हैं राजेश मित्तल।"बिरसा मुंडा - द ब्लैक आयरन मैन" और "झांसी की रानी लक्ष्मीबाई" के बाद राजेश मित्तल की यह तीसरी ऐतिहासिक फिल्म होगी। राजेश मित्तल ने इस फिल्म उद्योग में 40 साल पूरे किए और यह फिल्म एक निर्माता के रूप में 41 वीं फिल्म है।   निर्मला पॉल द्वारा सह-निर्मित इस फिल्म का पटकथा और संवाद राजेश मित्तल ने ही लिखा है साथ ही रामू यादव और अशोक चक्रवर्ती की सिनेमैटोग्राफी, विमल आनंद नागी का एक्शन, भूपि के साथ राजेश मित्तल और प्रवीण की कोरियोग्राफी, के. पप्पू और निर्मला पॉल का कला और अमरेन्द्र गौड़ का संपादन इस फ़िल्म को बेजोड़ बना दिया है। इस फिल्म की अरुणा आर. मित्तल कार्यकारी निर्माता हैं।  मित्तल एडवरटाइजिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन द्वारा यह फ़िल्म 24 जनवरी 2020 को पूरे भारत में 300 से ज्यादा स्क्रीन पर रिलीज होगी।

संवाद प्रेषक: काली दास पाण्डेय

 

           बॉलीवुड निर्देशक अनीस बज्मी की फिल्म 'पागलपंती' ट्रेलर और प्रोमोज की वजह से फिलवक्त  चर्चा में है और शुक्रवार 22 नवम्बर  को रिलीज हो रही है। पहले ही दिन डबल डिजिट की कमाई करेगी जॉन अब्राहम-अनिल कपूर की 'पागलपंती' ऐसा कयास ट्रेड पंडितों के द्वारा लगाया जा रहा है। इस फिल्म में जॉन अब्राहम, पुलकित सम्राट, अनिल कपूर, अरशद वारसी, इलियाना डिक्रूज, कृति खरबंदा, उर्वशी रौतेला, सौरभ शुक्ला अहम भूमिका में दिखाई देंगे। यह फिल्म स्टार्स कास्ट से भरी है। इसी वजह से इस फिल्म का सिने दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था और इसी कारण से ट्रेंड पंडितों का मानना है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई करेगी। फिल्म 2000 स्क्रीन्स पर रिलीज हो रही है। ऐसे में फिल्म डबल डिजिट से ओपनिंग दे सकती है।                 इस फिल्म के निर्देशक अनीस बज़्मी के कैरियर ग्राफ के तरफ नज़र डालें तो अनीस बज्‍़मी ने अपने करियर की शुरुआत साल 1998 में फिल्म 'हम फ़रिश्ते नहीं हैं' से की थी।  इस फिल्म में उन्होंने बतौर संवाद लेखक काम किया था। उसके बाद उन्होंने डेविड धवन निर्देशित फिल्म 'स्वर्ग' की कहानी लिखी। इस फिल्म में सुपर स्टार राजेश खन्ना और गोविंदा नजर आये थे। यह फिल्म उस साल की सबसे अच्छी साबित हुई थी। इस फिल्म के बाद अनीस बज़्मी ने मुड़ कर कभी पीछे नहीं देखा आगे बढ़ते ही चले गए। साल 1995 में उन्होंने कुल दस फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी। अनीस बज़्मी ने हिंदी सिनेमा में फिल्म 'हलचल' से अपना निर्देशन डेब्यू किया था।   उन्होंने फिल्म 'आँखे' निर्देशित की। इसके बाद अनीस ने अजय देवगन और काजोल स्टारर फिल्म 'प्यार तो होना ही था' निर्देशित की।  इस फिल्म ने बॉक्स-ऑफिस पर काफी अच्छी कमाई की थी। इस  सफलता के बाद अनीस बज़्मी ने हिंदी सिनेमा से पांच साल का लंबा ब्रेक  ले लिया। उसके बाद उन्होंने साल 2002 में फिल्म 'दीवानगी' से वापसी की। साल  2005 में अनीस बज़्मी ने मल्टी स्टारर फिल्म 'नो एंट्री' निर्देशित की।  इस फिल्म ने बॉक्स -ऑफिस पर काफी धमाल मचाया। इसके बाद उनकी फिल्म 'वेलकम' ने भी बॉक्स-ऑफिस जबरदस्त कमाई की।  इस फिल्म कैटरीना कैफ और अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में नजर आये थे।'सिंह इज किंग' और 'मुबारकां' भी अनीस बज़्मी की उल्लेखनीय फिल्मों में से एक है।   फिलवक्त बॉलीवुड में सबों की निगाहें अनीस बज्मी के निर्देशन में बनी फिल्म 'पागलपंती' के ऊपर टिकी हुई है।

 

 

               यूनाईटेड  मूवी  मेकर्स  इन्टरनेशनल  कृत  भोजपुरी फिल्म-‘धोखा’  का  भव्य संगीतमय  मुहूर्त  पिछले दिनों मुंबई,अंधेरी  (पश्चिम)  स्थित  सना  म्यूजिक वर्ल्ड रिकार्डिंग स्टूडियो में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर ममता राउत द्वारा गाये मधुर गीत को धीरज सेन ने संगीतबद्ध किया। इकबाल मक्कल व लीना मदेसिया द्वारा निर्मित इस फिल्म की स्टार्ट-टू-फिनिश  शूटिंग  आगामी  नवम्बर,  2019  से  शुरू होने वाली है। बकौल लेखक-निर्देशक इक़बाल मक्कल-‘धोखा’ एक  सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है, जिसमें एक सौतेली मां अपने सौतेले बेटे का मर्डर करवा देती है और फिर यहीं से कहानी की शुरुआत होती है। इसमें काॅमेडी, इमोशन, सस्पेंस आदि सभी  मसाले  हैं।
अविनाश  शाही,चन्दन चलके  एवं  सांगी  दुबे के अभिनय से सजी इस फिल्म के कैमरामैन निनाद तांबे, एक्शन डायरेक्टर फिरोज  एवं  फिल्म  प्रचारक  समरजीत  हैं।

 

               यूनाईटेड  मूवी  मेकर्स  इन्टरनेशनल  कृत  भोजपुरी फिल्म-‘धोखा’  का  भव्य संगीतमय  मुहूर्त  पिछले दिनों मुंबई,अंधेरी  (पश्चिम)  स्थित  सना  म्यूजिक वर्ल्ड रिकार्डिंग स्टूडियो में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर ममता राउत द्वारा गाये मधुर गीत को धीरज सेन ने संगीतबद्ध किया। इकबाल मक्कल व लीना मदेसिया द्वारा निर्मित इस फिल्म की स्टार्ट-टू-फिनिश  शूटिंग  आगामी  नवम्बर,  2019  से  शुरू होने वाली है। बकौल लेखक-निर्देशक इक़बाल मक्कल-‘धोखा’ एक  सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है, जिसमें एक सौतेली मां अपने सौतेले बेटे का मर्डर करवा देती है और फिर यहीं से कहानी की शुरुआत होती है। इसमें काॅमेडी, इमोशन, सस्पेंस आदि सभी  मसाले  हैं।
अविनाश  शाही,चन्दन चलके  एवं  सांगी  दुबे के अभिनय से सजी इस फिल्म के कैमरामैन निनाद तांबे, एक्शन डायरेक्टर फिरोज  एवं  फिल्म  प्रचारक  समरजीत  हैं।

 

               यूनाईटेड  मूवी  मेकर्स  इन्टरनेशनल  कृत  भोजपुरी फिल्म-‘धोखा’  का  भव्य संगीतमय  मुहूर्त  पिछले दिनों मुंबई,अंधेरी  (पश्चिम)  स्थित  सना  म्यूजिक वर्ल्ड रिकार्डिंग स्टूडियो में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर ममता राउत द्वारा गाये मधुर गीत को धीरज सेन ने संगीतबद्ध किया। इकबाल मक्कल व लीना मदेसिया द्वारा निर्मित इस फिल्म की स्टार्ट-टू-फिनिश  शूटिंग  आगामी  नवम्बर,  2019  से  शुरू होने वाली है। बकौल लेखक-निर्देशक इक़बाल मक्कल-‘धोखा’ एक  सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है, जिसमें एक सौतेली मां अपने सौतेले बेटे का मर्डर करवा देती है और फिर यहीं से कहानी की शुरुआत होती है। इसमें काॅमेडी, इमोशन, सस्पेंस आदि सभी  मसाले  हैं।
अविनाश  शाही,चन्दन चलके  एवं  सांगी  दुबे के अभिनय से सजी इस फिल्म के कैमरामैन निनाद तांबे, एक्शन डायरेक्टर फिरोज  एवं  फिल्म  प्रचारक  समरजीत  हैं।

 

                     गौतम फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित हिन्दी फिल्म-'संदेश' बहुत जल्द ही सिने दर्शकों तक पहुंचने वाली है।निर्माता राम बरन गौतम की इस नवीनतम फिल्म के निर्देशक लखी चंद ठाकुर हैं।इस संदेशपरक फिल्म के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई है कि अशिक्षा ही पिछड़ेपन का मूल कारण है।ग्रामीण अंचलों में तरक्की की गति मंथर रहने की मूल वज़ह अशिक्षा ही है।इस फिल्म के लेखक अनिल विश्वकर्मा,संगीतकार विपिन बिहारी व माधव सिंह राजपूत, नृत्य निर्देशक फिरोज खान और छायाकार बिरजू चौधरी व पंकज जोशी है। मनोरंजन के मसाले से भरपूर इस संदेशपरक फिल्म के मुख्य कलाकार- अविनाश राजपूत,कल्पना शाह,प्रमोद माऊथो,धर्मेंद्र तिवारी,दीपक भाटिया,रामचंद्र शाह,रविन्द्र अरोड़ा रवि,अशोक चतुर्वेदी,बसंत कुमार, कर्ण मिश्रा, सुशील देव,ज्योति ठाकुर,राम विश्वकर्मा और अमृत लाल अमन आदि हैं।
                            

 

सरगुजा फिल्म्स इन्टरनेशनल एण्ड ए.के.एस. फिल्म्स प्रोडक्शंस के संयुक्त तत्वाधान में बनी हिन्दी फिल्म ‘चलो धम्म की ओर’ के निर्माता धन साई पुहुप इस फिल्म को बहुत जल्द ही रिलीज करने वाले हैं। छत्तीसगढ़ के कोडिया जनपद के निवासी धन साई पुहुप पहले दैनिक भास्कर से भी एक दशक तक जुड़े रहे थे। आदिवासी समुदाय से आने वाले पुहुप इस फिल्म के द्वारा सामाजिक विषमता पाटने का संदेश देने का प्रयास किया है।इस फिल्म की खास बात यह है कि बुद्धिस्ट समुदाय के धर्म गुरु शशि सोराई ने भी अपने भिक्षुक समुदाय के साथ इस फिल्म में अहम रोल अदा किया है। फिल्म निर्माता धन साई पुहुप के अनुसार यह एक सामाजिक फिल्म है और यह गौतम बुद्ध के सामाजिक संदेशों को जीवन में उतारने की महत्ता पर बल देती है। जो व्यक्तिगत जीवन में शांति पाना चाहते हैं उसे अपने ईष्ट का स्मरण करना चाहिए। ऊपर वाले के बताये रास्ते का अनुसरण करना चाहिए। महात्मा गौतम बुद्ध ने ऐसे ही उपदेश दिये हैं, जो मनुष्य के जीवन को सांसारिक विद्वेष से अलग रख कर  जीने  का  मार्ग प्रशस्त करता है। इसलिए हर आदमी को धर्म का मार्ग ही चुनना चाहिए। ‘चलो धम्म की ओर’ ऐसी ही शिक्षा देने वाली फिल्म है। धम्म का अर्थ धर्म होता है और भगवान बुद्ध सभी प्राणियों को धर्म कार्य में सक्रिय रहने का संदेश देते थे।शीर्षक धार्मिक फिल्म का भ्रम पैदा करता है। मगर यह एक स्वस्थ संदेश देने वाली पारिवारिक व सामाजिक फिल्म है। इसकी शूटिंग छत्तीसगढ़ तथा नागपुर में चालीस दिनों में पूरी कर ली गई। दो भाईयों की कहानी वाली इस फिल्म में छह गाने हैं। फिल्म के निर्देशक हैं  गौतम  सपकाले  और  पुहुप  के  साथ  दूसरे  निर्माता  अशोक  डाॅयफोडे  हैं।  सुखदेव  प्रसाद टाईगर  फिल्म  के  संयुक्त  निर्माता  हैं।  कथा-संवाद-गीत  गौतम  सपकाले,  पटकथा  धनसाई पुहुप, संगीत बाबा जागीरदार, संपादन सोनू वर्मा तथा छायाकार जगदीश थाबड़े हैं।  फिल्म  के  मुख्य  कलाकार अविनाश  पाटिल,  मोना  रे,  मेघराज  साजवलकर, तेजस्विनी  रोकड़े,  मुस्कान  ठाकुर,  श्याम  महतो,  केसर  सोनी  बंसल,  दिलीप  विजय,  पूर्णिमा बंसल, सत्येन्द्र तिवारी, योगेश मोरे, महेन्द्र साजवलकर, हरिशंकर नायक, अजय कुमार, किरण सरनजीत कुजूर, लाला चैधरी, शशांक कनोजिया, अनिल निकम, रोशन चैहान, शंकर कोली,मास्टर शुभम और मास्टर मोरे आदि हैं।

यूनाईटेड  मूवी  मेकर्स  इन्टरनेशनल  कृत  भोजपुरी फिल्म-‘धोखा’  का  भव्य संगीतमय  मुहूर्त  पिछले दिनों मुंबई,अंधेरी  (पश्चिमस्थित  सना  म्यूजिक वर्ल्ड रिकार्डिंग स्टूडियो में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर ममता राउत द्वारा गाये मधुर गीत को धीरज सेन ने संगीतबद्ध किया। इकबाल मक्कल लीना मदेसिया द्वारा निर्मित इस फिल्म की स्टार्ट-टू-फिनिश  शूटिंग  आगामी  नवम्बर,  2019  से  शुरू होने वाली है। बकौल लेखक-निर्देशक इक़बाल मक्कल-‘धोखाएक  सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है, जिसमें एक सौतेली मां अपने सौतेले बेटे का मर्डर करवा देती है और फिर यहीं से कहानी की शुरुआत होती है। इसमें काॅमेडी, इमोशन, सस्पेंस आदि सभी  मसाले  हैं। अविनाश  शाही,चन्दन चलके  एवं  सांगी  दुबे के अभिनय से सजी इस फिल्म के कैमरामैन निनाद तांबे, एक्शन डायरेक्टर फिरोज  एवं  फिल्म  प्रचारक  समरजीत  हैं।

 


दिशा दीपा फ़िल्म्स और विप्रा एंटरटेनमेंट के संयुक्त तत्वाधान में निर्माता द्बय दीप सुरवासे और अश्वनी माहेश्वरी द्बारा निर्मित संदेशपरक मराठी फिल्म- 'श्री राम समर्थ' का ट्रेलर,फ़ेमस स्टूडियो(महालक्ष्मी,मुम्बई)
में आयोजित एक भव्य संवाददाता सम्मेलन में,शांतनु मोघे,महेश कोकते,अद्बैत रैलकर,विजया सुमन, निर्माता अश्वनी माहेश्वरी, श्रीमती दिया प्रकाश सुरवासे और निर्देशक संतोष तोडनकर की उपस्थिति में लॉन्च किया गया।
संतोष तोडनकर के निर्देशन में बनी फ़िल्म 'श्री राम समर्थ' की प्रस्तुतकर्ता हैं भारती जुंभरलाल राठी और संजय राठी।इस फ़िल्म की कहानी, स्क्रिप्ट और संवाद लिखे हैं प्रकाश जाधव, मनोज येरुणकर और विट्ठल अंबुरे ने। फ़िल्म का छायांकन किया है समीर अठले ने, संपादन की ज़िम्मेदारी संभाली है सुबोध नारकर ने, कला का जादू दिखाया है महेंद्र राउत ने तो फ़िल्म का संगीत पक्ष संभाला है महेश नाईक और संजय मराठे ने। यह फ़िल्म महज़ रामदास स्वामी की जीवनी नहीं है, बल्कि इस फ़िल्म के ज़िरये आज के सामाजिक हालातों पर भी टिप्पणी की गयी है। इस फ़िल्म में दर्शायी गयीं ऐतिहासिक घटनाएं अच्छे शासन और नेतृत्व के बारे में भी बड़ी साफ़गोई से बातें करती हैं।इस फ़िल्म में घटनाक्रम को आगे बढ़ते हुए स्क्रीन पर एक आदर्श और संतोषकारी ज़िंदगी के लिए ज़रूरी और बुनियादी पहलुओं को रेखांकित किया गया है। सिने दर्शकों के लिए ये फ़िल्म यकीनन मनोरंजक साबित होगी, उन्हें प्रबुद्ध बनायेगी और उनका उत्साहवर्धन भी करेगी।
राष्ट्र संत कहलाये जानेवाले रामदास स्वामी के जीवन व संदेश वृत पर आधारित इस फ़िल्म में यह भी दर्शाया गया है कि किस तरह से रामदास स्वामी महिला सशक्तिकरण और उनके आत्मसम्मान के सबसे बड़े हिमायती थे। तकरीबन 4०० साल पहले उन्होंने कहा था कि कैसे स्वच्छ पर्यावरण की परिकल्पना एक स्वच्छ समाज की अवधारणा तय करती है और उनकी कही वो बातें आज भी सामायिक हैं। यह फिल्म 1नवम्बर को महाराष्ट्र के सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी।

संवाद प्रेषक: काली दास पाण्डेय

'किरकेट - बिहार के अपमान से सम्‍मान तक' बिहार के स्‍वाभिमान को बुलंद करने वाली फिल्‍म है। फिल्‍म के जरिये खेलों के प्रति जागृति लाने की कोशिश की गई है। यह सराहनीय है। अन्‍य खेलों में भी जागृति के लिए ऐसी पहल होनी चाहिए। जो क्रिकेट की स्थिति है बिहार में, शायद इस फिल्‍म को देखकर लोग प्रभावित होंगे। फिल्‍म में बिहार को इमोशन जो कहीं न कहीं दब गया था, वो देखने को मिला। कीर्ति आजाद और शुभम तिवारी जी ने कमाल का अभिनय किया है। उन्‍होंने फिल्‍म में जो सेंटीमेंट पैदा की है, वह अनायास ही हमें ताली बजाने को मजबूर कर देता है। हर बिहारी को यह फिल्‍म देखनी चाहिए। यह फिल्‍म कल यानी 18 अक्‍टूबर से सिनेमाघरों में होगी।

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