धर्म/आध्यात्म

धर्म/आध्यात्म (7)

 

पूर्वी उत्तर प्रदेश व बिहार में श्रद्धा के साथ मनाए जाने वाले छठ महापर्व की तैयारियां दिल्ली में शुरू हो गई है। पर्व की लोकप्रियता देश की राजधानी दिल्ली में भी हर साल की तरह इस साल भी देखने को मिल रही है। एक तरफ जहां छठ पूजा के लिए यमुना घाटों को तैयार किया जा रहा है वहीं, पूजन सामग्री के लिए बाजार भी सज गए हैं।व्रतियों ने भी इस पर्व की तैयारी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को यह व्रत नहाए-खाय के साथ शुरू होगा। घरों में व्रती इसकी तैयारी में जुटे हुए है। इस पर्व का मुख्य प्रसाद ठेकुआ, खजूर होता है जो आटे का बनता है। इसके लिए भी व्रतियों ने तैयारी शुरू कर दी है। दिवाली की सफाई के बाद छठ व्रत के लिए घरों की भी सफाई हुई, ताकि पूजन सामग्री का भंडारण किया जा सके। पूजा सामग्री के लिए नए बर्तन भी खरीदे जा रहे हैं। साड़ियों की दुकानों पर भी रौनक है, व्रती नई साड़ी पहनकर ही अस्तांचल सूर्य व उदय होते सूर्य को अर्घ्य देती हैं। पूजन सामग्री की बात करें तो पूर्वी दिल्ली इलाके में खासतौर से प्रसाद के लिए बाजार सजे हुए हैं। पूजन सामग्री के लिए दिल्ली के पालम इलाके, पूर्वी दिल्ली, द्वारका, बुराड़ी, गोपालपुर, जहांगीर पुरी समेत कई जगहों पर खरीदारी की जा रही है। कोशी, पीतल का सूप, बांस का सूप, दउरा, केला, संतरा, अनार, सेब, पानी फल, गागल, पानी वाला नारियल, गन्ना, कच्ची हल्दी, मूली, अदरक, सूथनी आदि की दुकानें भी जगह-जगह लगी हुई हैं।

सजाए जा रहे हैं घाट
दिल्ली में यमुना के किनारे बड़ी संख्या में छठ व्रती शाम का अर्घ्य देने घाट पर पहुंचते हैं। इसे लेकर खास तैयारी चल रही है। छठ पूजा के लिए घाट पर लकड़ी की बाड़ लगाने के साथ ही जिस घाट पर सीमेंट की सीढ़ियां नहीं हैं वहां मिट्टी को ही काटकर सीढ़ियां बनाई जा रही हैं, ताकि यमुना के तट पर व्रत रखने वाली महिलाओं की पूजा करते समय किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। प्रशासन की तरफ से भी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। घाटों पर नजर रखने के लए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।

सूर्य देव की उपासना का पर्व

छठ पूजा सूर्य देव की उपासना का पर्व है। चार दिनों तक यह पर्व चलता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की खष्ठी को छठ पूजा अस्तांचल सूर्य को अर्घ्य देकर की जाती है। इस बार छठ महापर्व 31 अक्तूबर को नहाय-खाय से शुरू हो रहा है। पंडित कौशल पांडेय के अनुसार, भगवान सूर्य को समर्पित इस पूजा में सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसे दुनिया के कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। व्रती दो दिनों तक निर्जला रहते हैं। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को यह व्रत आरंभ हो रहा है। दूसरे दिन खरना होगा। पूरे दिन व्रत करने के बाद शाम को व्रती प्रसाद ग्रहण करेंगे। इस दिन छठ पूजा का प्रसाद व्रती अपने हाथों से बनाएंगे। मुख्य प्रसाद ठेकुआ, टिकरी बनाया जाएगा। खष्ठी को व्रती अस्तांचल सूर्य को तालाब, नदी के घाट के किनारे अर्घ्य देंगे। सप्तमी को प्रात: सूर्योदय के समय अर्घ्य देंगे व विधिवत पूजा कर प्रसाद वितरित किया जाएगा।

शहरी कल्चर बढ़ा तो सीमेंट के छोटे तालाब में भी होने लगी पूजा
शहरी कल्चर बढ़ने के साथ राजधानी में छोटे-छोटे सीमेंटेड तालाब बन गए हैं। सोसाइटी, अपार्टमेंट, आवासीय परिसर में भी छोटे-छोटे तालाब बनाए गए हैं, जिन्हें नदी घाट की तरह सजाया जा रहा है।
यहां व्रती शाम को पानी में सूप लेकर खड़ी होंगी और अस्तांचल सूर्य को अर्घ्य देंगी। मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए सदस्य अमरेंद्र कुमार राकेश का कहना है कि इस आवासीय परिसर में लंबे समय से छठ पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
यहां एक पोखर व्रतियों के लिए बनाया गया है। कृत्रिम तालाब के साथ वेदियां (सुसोप्ता) भी बनाया गया है। आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में व्रती इस घाट पर पूजा-अर्चना करती हैं। शाम को छठ मैया की आराधना के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा।

घरों की छत पर भी पूजा-अर्चना
दिल्ली के कई इलाकों में व्रती यमुना किनारे छठ घाट पर नहीं पहुंचकर अपने घरों की छत पर हौज बनाकर उनमें पानी भरकर छोटे-छोटे समूहों में छठ पूजा करते हैं। कई इलाकों में छतों को भी केला के पत्ते से खासतौर पर सजाया गया है। प्लास्टिक व रबर के बड़े हौजनुमा ट्यूब भी इस मकसद से बाजार में बिक रहे हैं।
कुमुद चेचानी का कहना है कि सोसायटी के पार्क व छतों पर हाल के दिनों में ऐसे लोगों की संख्या काफी बढ़ी है जो नदी किनारे बने छठ घाट नहीं जाकर अपने घरों के छत पर ही सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा कर लेती हैं।

चार दिन की पूजा
31 अक्तूबर को नहाय खाय के साथ पूजा शुरू होगी।
1. नवंबर को खरना होगा।
2. नवंबर को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
3. नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।


उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में आस्था के नाम पर वर्षों से अंधविश्वास की अनूठी परंपरा चली आ रही है। यकीन मानिए जिसके बारे में जानकर आप भी अंदर तक सिहर जाएंगे। उज्जैन जिले में स्थित ग्राम भिड़ावाद में मन्नत पूरी होने पर दिवाली के दूसरे दिन आठ लोग सैकड़ों गायों के नीचे लेट जाते हैं। उज्जैन से 75 किलोमीटर दूर स्थित बडनगर तहसील के गांव भिड़ावाद में आज अनूठी आस्था देखने को मिली। दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पर लोहारियां गांव में 'गाय गौहरी' का पर्व मनाया जाता है जिसमें सुबह गाय का पूजन किया जाता है। पूजन के बाद लोग जमीन पर लेट गए और उनके ऊपर से गायें निकाली गई। मान्यता है की ऐसा करने से मन्नतें पूरी होती है और जिन लोगों की मन्नत पूरी हो जाती है वे भी ऐसा करते हैं। इस परम्परा के पीछे लोगों का मानना है की गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गाय के पैरों के नीचे आने से देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। दीपावली के दूसरे दिन होने वाले इस आयोजन में जो लोग शामिल होते है उन्हें वर्षों पुरानी परम्परा का निर्वाह करना होता है। परम्परा अनुसार लोग पांच दिन तक उपवास करते हैं और दिपावली के एक दिन पहले गांव के मंदिर में रात गुजारते हैं। सुबह पूजन किया जाता है उसके बाद ढोल नगाड़ों के साथ गांव की परिक्रमा की जाती है। एक और गांव की सभी गायों को एकत्रित किया जाता है और दूसरी तरफ लोग जमीन पर लेटते हैं। कहते हैं गायों के ऊपर से गुजरने के बाद भी श्रद्धालुओं को खरोंच तक नहीं आती। चोट आने पर वे गव्य मूत्र एवं गोबर से प्राथमिक उपचार करते हैं। आदिवासी अंचल में इंसान जमीन पर लेटते हैं और गायें बिना गंभीर क्षति पहुंचाए इन पर से गुजर जाती हैं। ग्रामीण बताते हैं कि सालों पहले ग्राम के एक शख्‍स के यहां पुत्र होने की मन्नत के साथ ही यह गाय और गोहरी कार्यक्रम प्रारंभ हुआ था। तब से आस्था का यह पर्व ग्रामीण प्रति वर्ष मनाते हैं।

छठ पूजा 2019 : साल 2019 में छठ पूजा का त्योहार (Chhath Puja Festival) 2 नवंबर को मनाया जाएगा। दिवाली के बाद छठ पूजा उत्तर भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक माना जाता है। ऐसे में आज हम आपको छठ पूजा पर बनने वाले प्रसाद में से एक कसर रेसिपी लेकर आए हैं। कसर प्रसाद बनाने के लिए आपको सामग्री में आधा किलो चावल का आटा, घी 250 ग्राम, गुड़ 300 ग्राम (मैश किया हुआ), एक चौथाई कप सौँफ की आवश्यकता होगी। 
छठ पूजा पर सूर्य और उनकी मानस बहन छठ मैया की पूजा की जाती है। ये त्योहार 4 दिन तक चलता है। इस पूजा में महिलाएं उगते सूर्य और ढलते सूर्य को अर्घ्य देती हैं और उसके बाद ही व्रत खोलती हैं, इसलिए हम आपको छठ पूजा के प्रसाद में बनने वाली कसर की रेसिपी के बारे में बता रहे हैं। आइए जानते हैं घर में कसर प्रसाद बनाने की विधि :-

कसर प्रसाद रेसिपी सामग्री :

 आधा किलो चावल का आटा

घी 250 ग्राम

गुड़ 300 ग्राम

एक चौथाई कप सौँफ

कसर प्रसाद रेसिपी विधि :

  1. कसर प्रसाद बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में चावल का आटा, घी, गुड़ और सौंफ को डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। 2. इसके बाद हथेलियों को हल्का सा घी लगाकर चिकना करें और तैयार मिश्रण की छोटी-छोटी बॉल्स बना लें। 3. अब तैयार सभी बॉल्स को एक प्लेट में रखें और छठ माता को भोग लगाने के बाद प्रसाद में सभी को बांटें । सुझाव कसर प्रसाद का सर्दियों में सेवन करना भी लाभदायक होता है।

साप्ताहिक राशिफल (03 से 09 नवम्बर 2019)

मेष : आप अपने सहयोगियों के साथ समय बिताना चाहते हैं, लेकिन अपने सहकर्मियों के लिए म्यूजिकल इवनिंग आयोजित करने का प्लान पूरा नहीं हो पाएगा। अचानक किसी दूर के रिश्तेदार से मिले किसी शुभ समाचार से पूरे परिवार में खुशियां आएंगी।धन संबंधी मामलों के लिए ये सप्ताह अच्छा रहने वाला है, आय के नए साधन खुलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

वृषभ : यात्रा करने के योग बन रहे हैं, यात्रा करने से विदेश में व्यापार के मौके मिल सकते हैं। आपके रिश्तेदार आपकी निजी जिंदगी को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सलाह दे सकते हैं। अचानक किसी यात्रा पर जाना काफी तनावपूर्ण और थका देना वाला होगा लेकिन इस यात्रा पर जाने से आपको धन लाभ होगा।

मिथुन : करियर के लिए ये सप्ताह काफी अच्छा है, नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं, तरक्की के किसी ऑफर को मना करने से पहले उसके दूर के फायदे को एक बार जरूर सोच लें। उनके खाली समय में घर के कामों को करने के लिए प्रोत्साहित करें। धन संबंधी मामलों के लिए ये सप्ताह काफी महत्वपूर्ण रहेगा, सप्ताह के अंत तक आते-आते आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। 

 कर्क : करियर के लिए ये सप्ताह अच्छा रहेगा, किसी नए व्यापार को शुरू करने के लिए ये सप्ताह काफी शुभ रहेगा। परिवार से प्यार और सहयोग मिलेगा। प्रॉपर्टी संबंधी कामों के लिए सप्ताह शुभ है, रियल स्टेट से जुड़ी किसी डील में निवेश करने की सोच सकते हैं।इस सप्ताह आपका मूड काफी अच्छा रहने वाला है, अपने साथी के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं। इस सप्ताह आप काफी ऊर्जावान महसूस करेंगे, इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाने की कोशिश करें।

 सिंह: करियर को लेकर समय थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है, अपने कमजोर कम्युनिकेशन स्किल्स के चलते कार्यक्षेत्र पर नुकसान हो सकता है। परिवार में शादी योग्य किसी सदस्य के शादी के योग बन रहे हैं, जिससे परिवार में उत्साह का माहौल रहेगा।धन संबंधी मामलों को लेकर सप्ताह महत्वपूर्ण रहेगा, शेयर मार्केट से जुड़े लोगों को धन लाभ के योग बन रहे हैं। 

कन्याआप इस समय काफी महत्वपूर्ण स्थिति है, अपनी इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने के लिए इस समय आपको एक अच्छा वार्ताकार और सफल संचारक होने की जरूरत है। आपके नए दृष्टिकोण से परिवार में हंसी खुशी का माहौल रहेगा।शेयर मार्केट में किया गया निवेश आगे चलकर काफी फायदेमंद साबित होने वाला है। प्रेम संबंधों के लिए ये सप्ताह काफी महत्वपूर्ण रहेगा, सगाई कर चुके लोग अपने मंगेतर को लेकर काफी खुश रहेंगे।

तुला : करियर को लेकर आपका सकारात्मक रवैया आपको सफलता दिलाएगा। अपने रिश्तों को लेकर इस सप्ताह थोड़ा सतर्क रहें, किसी बात को लेकर विवाद हो सकता है जिससे आप कुंठित महसूस करेंगे। धन संबंधी मामलों के लिए सप्ताह अच्छा रहेगा, धन लाभ के चलते आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सेहत को लेकर इस सप्ताह सजग रहने की जरूरत है, सेहतमंद रहने के लिए योग करें और ध्यान लगाएं। 

वृश्चिक : करियर को लेकर ये समय काफी महत्वपूर्ण है, करियर में तरक्की के लिए अपनी कम्युनिकेशन स्किल को मजबूत करें। परिवार के साथ पिकनिक पर जाने से लंबे समय से चली आ रही गलफहमियां दूर होंगी, परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे।धन संबंधी मामलों के लिए सप्ताह शुभ रहेगा, अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। प्रेम संबंधों के लिए सप्ताह अनुकूल रहने वाला है, अपने पार्टनर को खुश करने की हर संभव कोशिश करेंगे।

धनु : करियर को लेकर ये सप्ताह मिलाजुला रहेगा, कोई समस्या होने पर आपका कोई सीनियर सहयोगी आपकी मदद करेगा। अपने आकर्षक व्यक्तित्व के चलते परिवार के किसी समारोह में सभी को अपनी ओर आकर्षित करेंगे।

धन संबंधी मामलों के लिए ये सप्ताह संतोषजनक रहेगा, अपने कांटेक्ट के चलते आय के नए साधन ढूंढने में कामयाब होंगे। प्रेम संबंधों के लिए समय अच्छा चल रहा है, अपने साथी के ख्यालों में रहेंगे।

 

 मकर : करियर के लिए ये सप्ताह काफी अच्छा रहेगा, अपनी मेहनत और लगन से अपने सीनियर्स का भरोसा जीतने में कामयाब होंगे। परिवार या रिश्तेदार की तरफ से अचानक कोई उपहार मिल सकता है। धन संबंधी मामलों के लिए ये सप्ताह काफी महत्वपूर्ण रहेगा, इस सप्ताह किया गया निवेश आपको फायदेमंद साबित होगा. जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। किसी यात्रा पर जाकर खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। इस सप्ताह अपनी उत्सुकता पर नियंत्रण रखें वरना समस्या हो सकती है।

कुंभ : इस सप्ताह आपके बहुत सारे कंफ्यूजंस दूर होंगे। घर में किए गए बदलावों को परिवार के सदस्य काफी पसंद करेंगे। इस सप्ताह आपके खर्चें काफी बढ़ सकते हैं लेकिन चिंता ना करें आय में वृद्धि के चलते इन खर्चों को आसानी से संभालेंगे। प्रेम संबंधों के लिए ये समय काफी अच्छा चल रहा है, अपने साथी के साथ समय बिताकर काफी अच्छा महसूस करेंगे। इस सप्ताह लंबे समय से चले आ रहे किसी मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी।

 मीन : व्यापार को लेकर की गई यात्रा काफी फायदेमंद साबित होगी। दोस्त और परिवार के लोग आपको ज्यादा मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। धन संबंधी मामलों को लेकर इस सप्ताह थोड़ा सतर्क रहें, निवेश को जल्दबाजी में कोई भी निर्णय लेने से बचें। किसी भी चीज में निवेश करने से पहले सभी पहलुओं की अच्छे से जांच कर लें वरना नुकसान हो सकता है। प्रेम संबंधों के लिए समय शुभ है, प्रेम संबंधों को शादी में बदलने की सोच सकते हैं।

 

 

 

   

 

 

इस साल धनतेरस 25 अक्टुबर शुक्रवार को प्रदोष काल मे पड रहा है,इस ब्रह्म एवं ऐन्द्र योग के साथ सर्वार्थसिद्धि योग भी लग रहा है।इस साल धनतेरस 25 अक्टुबर शुक्रवार को प्रदोष काल मे पड रहा है,इस ब्रह्म एवं ऐन्द्र योग के साथ सर्वार्थसिद्धि योग भी लग रहा है।शुक्रवार की स्वामिनी देवी लक्ष्मी है इस दिन चॉदी की वस्तु खरीदना शुभ फलदायी होगा।
प्रदोष काल में कपूर जलाकर लक्ष्मी देवी की आरती पूजन करना शुभ फलदायी समृद्धि कारक होगा।इससे नकारात्मक उर्जा बाहर निकल जाएगी।
धनतेरस के दिन भुलकर भी लोहा या लोहे से बना सामान,कॉच कि वस्तु एवं एल्युमिनियम का सामान ना खरीदे इनका संबंध राहु से होता है जो कि नीच ग्रह है।
इस दिन काले रंग कि वस्तु नही खरीदनी चाहीए काला रंग दुर्भाग्य का प्रतीक माना जाता है।
ध्यान रखे इस दिन जो भी बर्तन खरीदे खाली नही लेकर आना चाहीए उसमें पानी या अनाज भरकर ही घर मे प्रवेश करने चाहीए।इस दिन तेल,रिफाइंड,घी या तैलीय वस्तु ना खरीदे।कुछ िन पहले ही खरीद कर रख ले।
 धनतेरस के दिन लक्ष्मी पुजन मुहुर्त शाम 7.08 से 8.14 तक है तथा प्रदोष काल 5.30 से 8.00 तक है।
 इस दिन एक दीप जलाकर दक्षिण दिशा तरफ मुँह करके रखने से किसी की अकाल मृत्यु नही होती है साथ ही घर की सभी नकारात्मक उर्जा बाहर चली जाती है।


 दीपावली पूजन मुहुर्त


इस बार 27 अक्टूबर को दिन में 11.51में अमावस्या लग जाएगी ।आज के दिन प्रत्येक सनातनधर्मी के घर एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान दीप लडियो से सुसज्जित किए जाते है। इस दिन पूजन के तीन मुहुर्त निर्धारित है

1.दिन मे स्थिर कुम्भ लग्न समय 1.44 से 3.15 तक
2.सर्वोतम स्थिर लग्न वृष समय 6.21 से 8.18 तक
3.महानिशा मे स्थिर लग्न सिंह समय 12.50 से 3.04 तक
शेष रात्रि भोर में सूप बजाकर दरिद्र का निस्सारण एवं लक्ष्मी का पदार्पण कराया जाता है।
 दीपावली के दिन श्री सुक्त का पाठ स्थिर लग्न मे अवश्य करने चाहीए।

धनतेरस से ही दिवाली का पर्व शुरू हो जाता है और धनतेरस  से दिवाली  तक भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर अगल- अलग धन के देवता माने गए हैं। धनतेरस 25 अक्टूबर 2019 के दिन मनाई जाएगी। जिसमें कुबेर और माता लक्ष्मी को पूजा जाएगा। जिससे धन का स्थायित्व घर में बना रह सके तो आइए जानते हैं धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मीं में क्या है अंतर :-

भगवान कुबेर का धन कुबेर के संबंध में प्रचलित है कि उनके तीन पैर और आठ हाथ हैं। वह अपनी कुरुपता के लिए अति प्रसिद्ध हैं। उनकी जो भी मूर्तियां पाई जाती हैं। वह भी अधिकृष्ट और बेडोल है। धन के देवता कुबेर सदपद ब्राह्मण में राक्षस कहा गया है। इसके अलावा कुबेर को यक्ष भी कहा जाता है। यक्ष धन का रक्षक ही होता है। कुबेर का जो दिगपाल रूप है वह भी रक्षक और प्रहरी रूप को ही स्पष्ट करता है। कौटिल्य में भी खजानों में रक्षक के रूप में कुबेर की मूर्तियां रखने के बारे में लिखा है। इसलिए कुबेर को गढ़े हुए धन का रक्षक भी माना जाता है। जो दिगपाल और प्रहरी के रूप में गढ़े हुए धन और खजाने की रक्षा करते हैं। इसके अलावा इन्हें आभूषणों का देवता भी माना जाता है। भगवान कुबेर दिगपाल और प्रहरी के रूप में गढ़े हुए धन और खजाने की रक्षा करते हैं। इसके अलावा इन्हें आभूषणों का देवता भी माना जाता है। कुबेर के धन के साथ लोक मंगल का भाव प्रत्यक्ष नहीं है। यानी यह धन कुछ ही लोगों को प्राप्त होता है। हर किसी को यह धन प्राप्त नहीं हो सकता। इसलिए कुबेर को धन खजाने के रूप में स्थिर होता है। भगवान कुबेर की पूजा स्थायी धन के लिए की जाती है। क्योंकि भगवान कुबेर खजाने के रूप में स्थायी धन की प्राप्ति कराते हैं और माता लक्ष्मीं के द्वारा दिया गया धन गतिमान होता है। माता लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है और धनतेरस से लेकर दिवाली तक मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है। माता लक्ष्मी के साथ धन के मंगल का भाव भी जुड़ा हुआ है। क्योंकि माता लक्ष्मी के द्वारा दिया गया धन लोक कल्याण के लिए होता है और यदि कोई व्यक्ति धन के लालच में किसी दूसरे व्यक्ति को परेशान करता है तो माता लक्ष्मी उससे रुष्ट हो जाती हैं। माता लक्ष्मी का स्वरूप अत्यंत ही सुंदर है और इन्हें स्वच्छता पसंद है। माता लक्ष्मी के द्वारा दिया गया धन कभी भी स्थायी नहीं होता क्योंकि माता लक्ष्मी चंचला है। इसलिए यह चंचला नाम से भी प्रसिद्ध हैं। माता लक्ष्मी वहीं पर स्थिर रहती हैं जहां पर भगवान श्री हरि विष्णु का नाम लिया जाता हो। जो भी व्यक्ति सतकर्म और मेहनत करता है। माता लक्ष्मी उस पर अत्यंत ही प्रसन्न रहती हैं और उसी पर अपनी कृपा बरसाती है। चोरी खजाने, सट्टे आदि के लालच में जो व्यक्ति रहता है। उसके पास माता लक्ष्मी कभी भी नहीं आती। इसलिए पुराणों के अनुसार भी लोगों को सतकर्म करने के लिए कहा जाता है। जिससे मां लक्ष्मी का स्थायित्व हो सके। इसलिए दिवाली के दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। जिससे माता लक्ष्मी का घर में वास हो सके।

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