Wednesday, 09 October 2019 15:16

मां अष्टभुजी करती है अपने भक्तों का बेड़ा पार : दिवाकर विद्यार्थी

Written by दिवाकर विद्यार्थी
Rate this item
(1 Vote)

झारखंड के प्रमुख सिद्धपीठ स्थानों में से एक ,हजारीबाग जिला अंतर्गत केरेडारी प्रखंड के कंडा बेर ग्राम में मां अष्टभुजी का प्राचीनतम मंदिर स्थित है।यह जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर है। यहां भक्त प्रतिदिन अपनी फरियाद लेकर आते हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां भक्तों की हार्दिक मुराद पूरी होती है।भक्त यहां से खाली हाथ नहीं लौटते हैं। आम-आवाम से लेकर,बड़े-बड़े राजनेता और उद्योगपती तक इस दरबार में दर्शन के लिए आते हैं। रांची यूनिवर्सिटी से ज्योतिष में स्वर्ण पदक प्राप्त यहां के प्रधान प्रबंधक  श्री उमेश पाठक जी के अनुसार,वर्तमान में जिस स्थान पे पूजा हो रही है। मां वहीं से निकली हैं। यहां खुदाई करने के बाद इसी तरह की श्रृंखलाबद्ध मूर्तियां मिली थी।खुदाई का मकसद मां को वर्तमान में बने सिंहासन पर बैठाने की थी।लेकिन इसके बावजूद भी कोई ओर छोर न पता चल पाने के कारण मां आज भी वहीं स्थित है।खुदाई क्रम में मां ने उस समय के निवर्तमान पुजारी स्वं भेखा नंद पाठक जी को स्वपन दी थी कि मुझे दूसरे स्थान पर ले जाने की कोशिश न करो। मैं जहां हूं,वहीं रहने दो।तब से लेकर आज तक यहीं पूजा हो रही है।मनोकामना पूर्ति के लिए यहां फूल चड़ाई जाती है।जिसके संबंध में कहा जाता है कि मां यदि अपने मस्तक या दायां अंग से फूल देती है तो मनोवांछित कार्य 100% पूरी होती है।और यदि बायां अंग से देती है तो पूर्ण नहीं होती है।तत्पश्चात उनकी विशेष पूजा अर्चना कर,अभीष्ट कामना की पूर्ति की जाती है।इस प्रकार यहां भक्तों की हर मुराद पूरी होती है।और हम यह कह सकते हैं कि मां अष्टभुजी का द्वार,करती है बेड़ा पार। इसलिए यह राज्य सहित जिले वासियों का प्रमुख आस्था केन्द्र के रूप में अवस्थित है।कहा जाता है कि मां के चरणामृत पीने से भी कई असाध्य रोगों का निवारण हो जाता है।आशीर्वाद स्वरूप मिले फूल को कार्य सिद्ध होने पर पुनः मां के चरणों में समर्पित की जाती है।मुख्य मंदिर के चारो ओर हनुमान जी,शंकर जी,सूर्य नारायण और ब्रह्मा विष्णु की मूर्ति अवस्थित है।यहां एक कुआं है जिसका पानी अन्य दूसरे कुआं की अपेक्षा अलग और मीठा है।यहां शादी,मुंडन सहित अन्य दूसरे धार्मिक कार्य भी होते रहते हैं।नवरात्र में मां का विशेष अनुष्ठान होता है।   

Read 237 times

संग्रहीत न्यूज