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मुंबई। काफी समय से अक्षय कुमार की फिल्म को लेकर काफी खबरें सामने आयी है। फिल्म से अपना लुक भी अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। लॉकडाउन के बाद फिल्म की कास्ट को फाइनल करके इस फिल्म की शूटिंग शुरू की गयी है। फिल्म के कई हिस्सों पर काम चल रहा हैं। इसी बीच फिल्म की रिलीज डेट की भी घोषणा की गयी हैं। सुपरस्टार अक्षय कुमार ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी बहुप्रतीक्षित एक्शन-कॉमेडी फिल्म बच्चन पांडे 26 जनवरी 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कुमार (53) ने ट्विटर पर साजिद नडियाडवाला द्वारा निर्मित फिल्म की रिलीज की तारीख साझा की। उन्होंने ट्वीट किया, उनका एक लुक ही काफी है! बच्चन पांडे 26 जनवरी, 2022 को रिलीज होगी।

शुभमन गिल और ऋषभ पंत की आकर्षक अर्धशतकीय पारियों के दम पर भारत ने चौथे और अंतिम टेस्ट क्रिकेट मैच में तीन विकेट से ऐतिहासिक जीत दर्ज करके श्रृंखला अपने नाम करने के साथ आस्ट्रेलिया की गाबा में 32 वर्षों से चली आ रही बादशाहत भी खत्म कर दी।

 

 भोजपुरी इंडस्ट्री के किंग खेसारी लाल यादव जब भी कोई गाना लेकर आते हैं वह कुछ ही दिनों में हिट हो जाता है और वह सालों तक फैंस के बीच में मशहूर रहता है. इन दिनों खेसारी लाल यादव का गाना जवनियां में घुन लग जाई जमकर वायरल  हो रहा है. इस गाने में उनके साथ एक्ट्रेस ऋतु सिंह भी हैं. गाने के हिट होने का एक सबसे बड़ा कारण खेसारी और ऋतु का दमदार डांस भी है.खेसारी लाल यादव और ऋतु का यह गाना पिछले साल अक्टूबर में रिलीज किया गया था लेकिन खेसारी लाल यादव की यही खासियत है कि वह जिस गाने या मूवी में काम करते है वह महीनों तक देखी और सुना जाता है. खेसारी और ऋतु की जोड़ी को फैंस के खूब प्यार दिया है और इसी वजह से अब तक इस गाने को लगभग सात करोड़ व्यूज मिल चुके हैं.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या से संबंधित मामले में 15 करोड़ रुपये के लेनदेन पर मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया है। ईडी के एक प्रमुख सूत्र ने कहा कि निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया है।यह कदम दिवंगत अभिनेता के पिता के. के. सिंह द्वारा अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के खिलाफ बिहार पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद उठाया गया है। ईडी ने गुरुवार को बिहार पुलिस द्वारा रिया के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की कॉपी और सुशांत सिंह राजपूत और रिया के परिवार के स्वामित्व वाली दो कंपनियों के विवरण बैंकों से मांगे।सूत्रों ने कहा कि ईडी ने विव्रिडेज रियालिटिक्स के वित्तीय लेनदेन के विवरण भी मांगे हैं, जिसकी अभिनेत्री एक निदेशक हैं और फ्रंट इंडिया फॉर वल्र्ड के भी विवरण मांगे हैं, जिसमें अभिनेत्री का भाई शोविक निदेशक है।सुशांत के पिता ने अपने बेटे को धोखा देने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए पटना में रिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। अभिनेता की मौत से पहले सुशांत और रिया रिलेशनशिप में थे। सुशांत के पिता ने रिया के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं, जिसमें उनके बेटे से पैसे लेना और मीडिया को दिवंगत अभिनेता की मेडिकल रिपोर्ट दिखाने की धमकी देना भी शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने रिया पर सुशांत को उनके परिवार से दूर रखने का भी आरोप लगाया है।सुशांत के रिश्ते के भाई और बिहार के छत्तापुर से भाजपा के पूर्व विधायक, नीरज कुमार सिंह ने कहा कि परिवार ने युवा अभिनेता के असामयिक और अचानक निधन के सदमे से उबरने के बाद प्राथमिकी दर्ज की है।

सुशांत सिंह राजपूत के मामले में आज सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, सुशांत के ट्रेनर ने इस बात की पुष्टि की है कि रिया उसे दवाइयों का ओवरडोज देती था। मैं करता था मना सुशांत के ट्रेनर ने कहा कि रिया उसे दवाइयों का ओवरडोज देती थी। मैंने उसे कई बार दवाइयां लेने से मना किया था, लेकिन रिया उस पर दबाव बनाती थी। उन्होंने कहा कि सुशांत भी दवाइयां लेना नहीं चाहता था। ट्रेनर ने कहा कि रिया ने मुझे कभी भी सुशांत और उसके डॉक्टर के बीच में नहीं आने दिया। सुशांत को काउंसलिंग की जरूरत थी। लेकिन मुझे नहीं पता कि वो उसे किस डॉकटर से उसका इलाज करवाती थी, जो उसे दवाइयों का ओवरडोज लेने के लिए कहता था। बिहार पुलिस कर रही बैंक खातों की जांच बता दें कि आज बिहार पुलिस कोटेक महिंद्रा बैंक पहुंची और सुशांत के बैंक खातों की मांग की। साथ ही वो अंकिता और उसकी बहन से भी पूछताछ कर रही है। इसमें कई खुलासे आने की उम्मीदें जताई जा रही है। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए सीबीआई केस कराने की मांग को ठुकरा दिया है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री ने कहा है कि सुशांत के केस में फिलहाल सीबीआई केस की जरूरत नहीं है।

कार्तिक आर्यन आज इंडस्ट्री के सबसे बैंकेबल स्टार्स में से एक हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने सोनू, गुड्डू और चिंटू त्यागी जैसे कई यादगार किरदार दिए हैं, जिनमें से एक को चुनना मुश्किल है। लेकिन जिस किरदार ने निश्चित रूप से उनकी प्रसिद्धि के लिए रास्ता बनाया, वह उनका पहला फ्रेंचाइजी कैरेक्टर था जिसे अभिनेता खुद को पंचनामा बेबी कहते हैं। प्यार का पंचनामा 2 हाल ही में एक स्ट्रीमिंग जायंट पर रिलीज हुई और फिल्म दर्शकों के मनोरंजन के लिए वापस आगई और यह जल्द ही ट्रेंड करने लगी। यह ओटीटी मंच आमतौर पर ट्रेंडिंग फिल्मों को प्रदर्शित करता है और दिखाता है । प्यार का पंचनामा 2 जैसे ही प्लेटफार्म पर आते ही जल्द ही इंडिया ट्रेंड्स में शीर्ष 10 में शामिल होगयी। यह वाकय ही सुपर कूल है पांच साल बाद भी ऐसा लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को विशेष रूप से लॉकडाउन के बीच आकर्षक बन रही है।

कोरोना वायरस महामारी के दौरान धावकों, दर्शकों और स्वयंसेवकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शिकागो मैराथन रद्द कर दी गयी है। मैराथन के आयोजकों और शहर के अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए 11 अक्टूबर को इस प्रतियोगिता का आयोजन करना चुनौतीपूर्ण होता।शिकागो स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यहां वायरस से संक्रमित 55,184 मामले सामने आये हैं जिनमें से 2,682 ने अपनी जान गंवायी।शिकागो मैराथन पर आम तौर पर 45,000 धावक भाग लेते हैं और इसे देखने के लिये लगभग दस लाख दर्शक उपस्थित रहते हैं।इससे पहले एक नवंबर को होने वाली न्यूयार्क सिटी मैराथन को भी रद्द कर दिया गया था। बोस्टन मैराथन का आयोजन 20 अप्रैल को होना था। इसे पहले 14 सितंबर तक स्थगित किया गया था लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया।

 

दुनिया भर में इस समय कोरोना वायरस अपना कहर बरपा रहा है। सभी इंडस्ट्री इसकी चपेट में आ गई हैं और इसका असर फिल्म इंडस्ट्री पर भी पड़ रहा है। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के देखते हुए सरकार ने देश में लॉकडाउन घोषित किया है। ऐसे में लोगों को सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी सिनेमाघर बंद हैं और इस कारण से कई फिल्में रिलीज नहीं हो पाई हैं।

 

रांचीभारतीय टीम के पूर्व कप्तान और रांची के राजकुमार महेंद्र सिंह धोनी आज 39 वर्ष के हो गए. भारत को दो बार विश्व विजेता बनाने वाले करिश्माई कप्तान धोनी का जन्म 7 जुलाई, 1981 को हुआ था. महेंद्र सिंह धोनी का आज 39वां जन्मदिन है. रांची की गलियों से निकलकर भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान तक का एक लंबा सफर धोनी ने तय किया है. अब वह टीम में युवा खिलाड़ियों के मेंटॉर की भूमिका में अधिक नजर आ रहे हैं.बता दें कि धोनी का बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा है. उनके पिता मेकॉन में जॉब करते थे. मेकॉन कॉलोनी में ही धोनी के करियर की कहें तो शुरुआत हुई. वहीं से धोनी ने बल्‍ला संभाला और आज भारत के सबसे सफल कप्‍तानों में से एक हैं.

 

साल 2019, तारीख 14 नवंबर। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान टूर के लिए अपनी टीम का ऐलान किया। इसमें तीन नाम नदारद थे। ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल, बैटसमेन निक मैडिंसन और विल पुकोव्स्की। तीनों ने दो हफ्ते से भी कम वक्फे में एक ही वजह से खुद को सिलेक्शन के लिए अनुपलब्ध बताया। वजह मेंटल हेल्थ से जुड़ी हुई थी। इनमें से पुकोव्स्की की उम्र महज 21 साल थी।मेंटल हेल्थ खेल की दुनिया में बड़ी समस्या के तौर पर उभर कर आया है। पहले खिलाड़ी इस बारे में बात करने से कतराते थे। अब स्वीकार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट के लिए कामयाबी का दूसरा नाम कहे जाने वाले विराट कोहली को भी करियर में एक बार ऐसी दिक्कत का सामना करना पड़ा था। लेकिन वह चुप थे। हाल में मैक्सवेल के बहाने बोल पड़े। विराट ने स्वीकार किया कि साल 2014 के इंग्लैंड दौरे के बाद उन्हें लगने लगा था कि उनका अंत निकट है।कोहली ने उस दौरे में 10 टेस्ट पारियों में केवल 134 रन बनाए थे। एक्सपर्ट्स ने कहना शुरू कर दिया था कि इंग्लिश कंडीशंस में उनकी सारी कमजोरियां सामने आ गईं। कोहली नाकामी और अपने ऊपर उम्दा प्रदर्शन करने के दबाव के कठिन पाटों के बीच पिस रहे थे। पर वह चुप रहे क्योंकि उनके शब्दों में, ‘मैं यह नहीं जानता था कि इसे कैसे लिया जाता।’लेकिन मैक्सवेल के बहाने कोहली खुलकर बोले। उन्होंने बहुत ईमानदारी से स्वीकार किया कि ‘मैं भी अपने करियर में इस दौर से गुजरा हूं। तब मैंने महसूस किया था कि यह मेरे लिए अंत है। मुझे यह पता नहीं था कि क्या करना है। किसी को क्या कहना है। कैसे इस बारे में बात करनी है।’ उन्होंने आगे कहा कि मैक्सवेल ने अपनी मानसिक स्थति को जाहिर करके और क्रिकेट से ब्रेक लेकर कतई गलत नहीं किया।क्रिकेट ही नहीं, दीगर खेलों के खिलाड़ियों को भी मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं ने परेशान किया है। मशहूर टेनिस खिलाड़ी आंद्रे अगासी इन दिक्कतों से जूझते-जूझते ड्रग्स लेने के आदी हो गए थे। तीस बरस बीतने तक भी वह केवल इक्का-दुक्का खिताब ही जीत पाए थे।उन पर प्रदर्शन का दबाव इतना बढ़ा कि हर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया की तरफ से उनसे एक ही सवाल पूछा जाता था, 'आप रिटायर कब होंगे।' हालांकि अगासी भरपूर डिप्रेशन और ड्रग्स की डोज से अपनी दूसरी पत्नी स्टेफी ग्राफ की स्नेहिल अंगुली पकड़ कर निकल आए और अगले कुछ बरस में ही टेनिस का हर बड़ा खिताब भी अपने नाम किया।
लेकिन सब अगासी की तरह लकी नहीं होते। इंग्लैंड के बल्लेबाज मार्कस ट्रेस्कोथिक साल 2006 में भारत दौरे पर आए थे। तब वह डिप्रेशन की चपेट में इतने गहरे तक आ गए थे कि उन्होंने न सिर्फ यह दौरा बीच में छोड़ दिया, बल्कि क्रिकेट को भी सदा के लिए अलविदा कह दिया। कुछ इसी तरह के हालात से इंग्लिश बैट्समैन जोनाथन ट्रॉट को भी जूझना पड़ा।लेकिन सबसे डरावना कबूलनामा भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार का था। प्रवीण ने खुलासा किया कि टीम से बाहर होने के बाद एक ऐसा दौर भी आया, जब वह इतना अधिक हताश हो गए कि अपनी पिस्टल से खुद को गोली मार लेना चाहते थे। फिर अपने बच्चों का खयाल आया और उन्होंने इरादा बदल दिया।प्रवीण ने अपने कबूलनामे में इससे भी अहम एक बात कही, जो खेल ही नहीं हर क्षेत्र में उम्दा परफॉरमेंस करने के दबाव से जूझते शख्स पर लागू होती है। एक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में प्रवीण कुमार ने पूछा, ‘भारत में कौन करता है डिप्रेशन की बात? मेरठ जैसे इलाके में तो कोई भी नहीं। मैं किसे सुनाऊं अपनी तकलीफ?’प्रवीण कुमार का सवाल बहुत दूर तक जायज है। विराट कोहली भी प्रवीण से जुदा बातें नहीं कह रहे। फर्क बस इतना है कि दबाव में विराट कोहली बिखरे नहीं। प्रवीण बिखर गए। उनके इंटरनैशनल करियर का असमय अंत हो गया। विराट कोहली को उबारने के लिए उनके निजी कोच राजकुमार शर्मा थे। अगासी के लिए स्टेफी ग्राफ थीं, जो विमंस टेनिस में बहुत ऊंचा मकाम रखती थीं। प्रवीण के पास उन्हें उबारने के लिए तो दूर, बात करने के लिए कोई नहीं था।अब बात होने लगी है। मेंटल हेल्थ से जुड़ी कोई दिक्कत है, उसे खिलाड़ियों द्वारा खुले मन से स्वीकार किया जाने लगा है। अपनी चमकीली संभावनाओं को परे रखकर 21 साल के विल पुकोव्स्की ने जो कदम उठाया, वह कई मायनों में साहसिक है। इसकी परवाह किए बगैर कि लोग कहीं ‘रणछोड़ दास’ तो नहीं कहने लगेंगे, मैक्सवेल ने पेशेवर क्रिकेट से ब्रेक लिया। यह भी अपने आप में कम हिम्मती फैसला नहीं है।उनके इस फैसले ने खिलाड़ियों के मेंटल हेल्थ को लेकर दुनिया भर में एक बातचीत का माहौल बनाया। ब्रायन लारा और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज ने भी अपने-अपने अनुभवों का हवाला देकर बताया कि यह खेल और खिलाड़ियों की दुनिया का एक स्याह पन्ना है, जिसे बातचीत की नई रोशनी में पढ़ने की जरूरत है।

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