एक न्यूज एजेंसी के साथ बातचीत में कहा कि ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है कि लोग गुस्सा न हों और बंदूक न उठाएं। प्रशासन को सख्त हिदायत दी गई है ताकि आम नागरिकों के साथ न तो किसी प्रकार की ज्यादती हो और न ही अन्याय। सेना, पुलिस तथा सुरक्षाबलों को मुठभेड़ के दौरान अधिकतम संयम बरतने की हिदायत दी गई है। हालांकि, उन्होंने लोगों से भी मुठभेड़स्थल से दूर रहने को कहा।
राज्यपाल ने कहा कि यदि कहीं गोली चलती है या फिर बम चलता है तो जवाब देना बाध्यता है। यह आसान है। गोली चलाओगे तो गोली चलेगी, कोई गुलदस्ता तो मिलेगा नहीं। वर्ष 2019 में आने वाले दो चुनावों को देखते हुए उन्होंने नेताओं से भी अपील की कि वे लोगों को समझाएं कि मुठभेड़ स्थल तक भागकर न जाएं ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हों।
ज्यादा लोगों तक पहुंच का संकल्प
आम जनता तक और अधिक पहुंच बढ़ाए जाने का नए साल का संकल्प लिया है। यह साल रियासत के लोगों तक ज्यादा से ज्यादा पहुंच बनाने का वर्ष है। खासकर घाटी के युवाओं के बीच। इस वजह से उन्होंने पदभार संभालने के बाद से राजभवन के दरवाजे खोल दिए हैं।