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उत्तराखंड
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उत्तराखंड (3)

फैशन डिजाइनर वेंडेल रॉड्रिक्स का निधन हो गया है। वह एक लेखक, पर्यावरणविद और समलैंगिक अधिकारों के लिए एक मुखर वकील थे।  फैशन डिजाइनर को साल 2014 में  भारत सरकार द्वारा चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। डिजाइनर रॉड्रिक्स गोवा में अपने घर मृत पाए गए है। 

 

अभी भाषणों, संदेशों और गीतों के जरिये सर्वधर्म सम्भाव का संदेश दिया जाता है, अब वनस्पतियां भी सर्वधर्म सम्भाव का संदेश देंगी।

वन अनुसंधान हल्द्वानी नर्सरी में ‘अनूठी वाटिका’ तैयार कर रहा है, जहां हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, जैन, पारसी और बौद्ध धर्म की मान्यताओं से जुड़े पौधों की प्रजातियों को एक साथ लगाया जा रहा है।

इससे वाटिका में आने वाले लोग अन्य धर्मों के लिए महत्व वाली प्रजातियों के बारे में जान सकेंगे।

वनस्पतियों का हमारे में जीवन से गहरा नाता

 वन संरक्षक अनुसंधान संजीव चतुर्वेदी के अनुसार वनस्पतियों का हमारे में जीवन से गहरा नाता रहा है।  ऐसे में आस्था के साथ लोगों को वनस्पतियों के संरक्षण से जोड़ने के लिए एक खास वाटिका बनाने की योजना बनाई गई है।

अनुसंधान की नर्सरी को और विकसित किया जा रहा है, जिससे लोग हमारी समृद्ध जैव विविधता के बारे में जान सकें। वाटिका में लगीं प्रजातियों के साथ उनके गुणों के बारे में भी बताने की भी व्यवस्था की जा रही है। ये प्रजातियां आस्था, परंपराओं के साथ कैसे जुड़ीं हैं, इसका भी उल्लेख किया जाएगा।

इन प्रजातियों को लगाया गया

वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट के अनुसार हिंदू धर्म में केला, नीम, कृष्णनाई वट, बांस, वैजयंती माला, मुस्लिम धर्म में अंजीर, खजूर, जैतून, अनार की प्रजाति, ईसाई धर्म में विलाय अभी भाषणों, संदेशों और गीतों के जरिये सर्वधर्म सम्भाव का संदेश दिया जाता है, अब वनस्पतियां भी सर्वधर्म सम्भाव का संदेश देंगी।

वन अनुसंधान हल्द्वानी नर्सरी में ‘अनूठी वाटिका’ तैयार कर रहा है, जहां हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, जैन, पारसी और बौद्ध धर्म की मान्यताओं से जुड़े पौधों की प्रजातियों को एक साथ लगाया जा रहा है।

 

इससे वाटिका में आने वाले लोग अन्य धर्मों के लिए महत्व वाली प्रजातियों के बारे में जान सकेंगे।

वनस्पतियों का हमारे में जीवन से गहरा नाता

 वन संरक्षक अनुसंधान संजीव चतुर्वेदी के अनुसार वनस्पतियों का हमारे में जीवन से गहरा नाता रहा है।  ऐसे में आस्था के साथ लोगों को वनस्पतियों के संरक्षण से जोड़ने के लिए एक खास वाटिका बनाने की योजना बनाई गई है।

 

अनुसंधान की नर्सरी को और विकसित किया जा रहा है, जिससे लोग हमारी समृद्ध जैव विविधता के बारे में जान सकें। वाटिका में लगीं प्रजातियों के साथ उनके गुणों के बारे में भी बताने की भी व्यवस्था की जा रही है। ये प्रजातियां आस्था, परंपराओं के साथ कैसे जुड़ीं हैं, इसका भी उल्लेख किया जाएगा।

इन प्रजातियों को लगाया गया

वन क्षेत्राधिकारी मदन बिष्ट के अनुसार हिंदू धर्म में केला, नीम, कृष्णनाई वट, बांस, वैजयंती माला, मुस्लिम धर्म में अंजीर, खजूर, जैतून, अनार की प्रजाति, ईसाई धर्म में विलायती बबूल, रक्त चंदन, सलई गुगल, बादाम, बुद्ध धर्म में सीता-अशोक और बरगद, जैन धर्म में बेल, कदम्ब, पीपल, इमली और आम आदि प्रजाति का महत्व है।ती बबूल, रक्त चंदन, सलई गुगल, बादाम, बुद्ध धर्म में सीता-अशोक और बरगद, जैन धर्म में बेल, कदम्ब, पीपल, इमली और आम आदि प्रजाति का महत्व है।

 

रामगंगा और गोरी नदी घाटी का फैलाव, बर्फ से ढकी पंचाचूली चोटी, चहचहाती चिड़ियाओं और कस्तूरी मृग को देखना हो तो मुन्स्यारी भी आया जा सकता है।
 
लद्दाख को चुनौती देते एक नए विंटर ट्रेक की खोज यहां के युवाओं ने की है। इनका कहना है कि मुन्स्यारी से मेसर कुंड होते हुए खलिया टॉप के टाटी तक के 30 किलोमीटर के इस ट्रेक में रोमांच और खूबसूरती का अद्भुत संगम है।   

मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार, मनोज झिक्वान और भूपेंद्र खड़ायत ने इस ट्रेक की खोज की है। सुरेंद्र ने बताया कि मुनस्यारी से मेसर कुंड, मर्तोलीथौड़, रुढ़खान होते हुए खलिया टॉप के टॉटी तक और यहां से फिर वापस मुनस्यारी आया जा सकता है । 3900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रुढ़खान से रामगंगा और गोरी नदी घाटी का बेहद आकर्षक नजारा दिखता है।
 
 
यह पूरा ट्रेक करीब 30 किमी का है। कठिन होने के बावजूद इसमें तीन-चार दिन की ट्रेकिंग की जा सकती है। इस ट्रेक से बर्फ से ढकी हुई पंचाचूली चोटी भी दिखाई देती है। उन्होंने ट्रेकिंग के दौरान कस्तूरी मृग देखने का भी दावा किया।

ट्रेकर इस रूट पर बर्ड वॉचिंग का भी आनंद उठा सकते हैं। मर्तोलीथौड़ (2780 मीटर की ऊंचाई) में हिमपात के बाद कोई नहीं जाता है। 

बकौल सुरेंद्र अभी लद्दाख में विंटर ट्रेक काफी पसंद किया जाता है। यदि सरकार सुविधाएं मुहैया कराए तो मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्र का यह ट्रेक देश-विदेश के ट्रेकरों की पहली पसंद बन सकता है।