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Friday, 18 September 2020 17:08

झारखंड में पत्रकार सुरक्षित नही, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ खतरे में

Written by विकास कुमार चौबे रिपोर्टर(स्कैनर इंडिया) राँची
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कलम को दबाने की कोशिशें 

 

रांची।   झारखंड के स्वतंत्र पत्रकार आनंद दत्ता जब अपनी पत्नी के साथ रांची के एक सब्जी मार्केट में सब्जी खरीदने गये थे, तभी झारखंड पुलिस ने इन्हें पीटा और इनके साथ बहुत बदतमीजी की।स्वतंत्र पत्रकार आनंद दत्ता झारखंड में कई वर्षों से स्वतंत्र पत्रकारिता कर रहे हैं और झारखंड की जमीनी हकीकत को सामने ला रहे हैं।स्वतंत्र पत्रकार आनंद दत्ता कल शाम अपनी पत्नी के साथ रांची के मोहराबादी मैदान के पास सब्जी खरीद रहे थे। वहाँ पर मोरहाबादी टीओपी के एएसआई मोहन महतो दो महिलाओं से बात कर रहे थे।एएसआई ने पत्रकार को देखते ही कहा कि तुम यहाँ क्या कर रहे हो? सब्जी खरीदने की बात बताने पर झोला दिखाने के लिए बोलने लगा जबकि झोला लेकर इनकी पत्नी आगे बढ़ गयी थी। इतना सुनते ही ‘पाकेटमार’ कहकर एएसआई ने पत्रकार को थप्पड़ मारना शुरू कर दिया और गला पकड़कर खींचते हुए पीसीआर में लेकर चला गया। पीसीआर से पत्रकार को टीओपी ले जाया गया और वहाँ भी इन्हें पीटा गया।इस मामले को लेकर मोरबाड़ी मैदान में विभिन्न पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन किया । उनका कहना था कि निष्पक्ष जांच हो और हम सबों की एक कमिटी बनाई जाए जिस आगे ऐसी घटना ना हो सके।

 

 

Read 61 times Last modified on Saturday, 19 September 2020 16:26