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भारत और चीन के बीच करीब 8 महीने से तनाव की स्थिति बनी हुई है. चीन की साजिशों का खुलासा करते हुए भारतीय वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया ने कहा कि लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल पर चीनी सेना ने मिसाइलें और राडार तैनात कर रखी हैं. वायुसेना चीफ ने कहा कि भारत ने स्थिति को संभालने के लिए सभी आवश्‍यक कदम उठाए हैं. सीमा पर टकराव जैसी स्थिति पैदा करना चीन के लिए अच्‍छा नहीं है. अगर ऐसा होता है तो चीन को भी इसका नुकसान उठाना पड़ेगा. वायुसेना प्रमुख भदौरिया ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक वेबिनार में राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां और वायु शक्ति विषय को संबोधित करते हुए यह बात कही. वायु सेना प्रमुख ने कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर भारी संख्या में चीन के सैनिक तैनात हैं. उनके पास रडार, सतह से हवा में मार करने वाली और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल की बड़ी मौजूदगी है. उनकी तैनाती मजबूत रही है, लेकिन हमने भी सभी आवश्यक कार्रवाई की है.भदौरिया ने कहा कि चीन के सैनिक भारी संख्‍या में एलओसी पर तैनात हैं. उनके पास रडार, सतह से हवा में मार करने वाली और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों की भारी संख्‍या में तैनाती की है. हालांकि हमने भी सभी आवश्‍यक कार्रवाई की है. चीनी वायुसेना ने अपने स्वदेशी फाइटर जेट्स को जे-20 और जे-10 समेत रूसी एसयू-30 को तिब्बत में भारतीय क्षेत्र के करीब तैनात किया है. उन्होंने रूस से हासिल किए गए S-400 समेत अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को भी सक्रिय कर दिया है.

 

भारत और चीन के बीच करीब 8 महीने से तनाव की स्थिति बनी हुई है. चीन की साजिशों का खुलासा करते हुए भारतीय वायुसेना चीफ आरकेएस भदौरिया ने कहा कि लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल पर चीनी सेना ने मिसाइलें और राडार तैनात कर रखी हैं. वायुसेना चीफ ने कहा कि भारत ने स्थिति को संभालने के लिए सभी आवश्‍यक कदम उठाए हैं. सीमा पर टकराव जैसी स्थिति पैदा करना चीन के लिए अच्‍छा नहीं है. अगर ऐसा होता है तो चीन को भी इसका नुकसान उठाना पड़ेगा. वायुसेना प्रमुख भदौरिया ने विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक वेबिनार में राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां और वायु शक्ति विषय को संबोधित करते हुए यह बात कही. वायु सेना प्रमुख ने कहा कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर भारी संख्या में चीन के सैनिक तैनात हैं. उनके पास रडार, सतह से हवा में मार करने वाली और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल की बड़ी मौजूदगी है. उनकी तैनाती मजबूत रही है, लेकिन हमने भी सभी आवश्यक कार्रवाई की है.भदौरिया ने कहा कि चीन के सैनिक भारी संख्‍या में एलओसी पर तैनात हैं. उनके पास रडार, सतह से हवा में मार करने वाली और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों की भारी संख्‍या में तैनाती की है. हालांकि हमने भी सभी आवश्‍यक कार्रवाई की है. चीनी वायुसेना ने अपने स्वदेशी फाइटर जेट्स को जे-20 और जे-10 समेत रूसी एसयू-30 को तिब्बत में भारतीय क्षेत्र के करीब तैनात किया है. उन्होंने रूस से हासिल किए गए S-400 समेत अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को भी सक्रिय कर दिया है.

स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की कम मात्रा में भांग रखने वाले लोगों को पकड़ने के लिए ‘‘आलोचना’’ भले ही की जा सकती है लेकिन यह बड़े तस्करों को मादक पदार्थ बेचने और लोगों की जिंदगी तबाह करने की अनुमति नहीं दे सकता है। यह बात एजेंसी के प्रमुख राकेश अस्थाना ने कही है। उन्होंने ‘ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल’ की तरफ से आयोजित ऑनलाइन सम्मेलन में कहा कि देश में मादक पदार्थों की तस्करी और सेवन की स्थिति ‘‘अत्यंत गंभीर’’ है। अस्थाना ने मंगलवार को कहा, ‘‘मादक पदार्थों की तस्करी के परिप्रेक्ष्य में भारत ‘गोल्डन क्रिसेंट’-- पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान तथा ‘गोल्डन ट्राएंगल’-- म्यामां, लाओस और थाईलैंड के बीच में स्थित है। वास्तव में इसे मौत का क्रिसेंट और मौत का ट्राएंगल (के बीच फंसा होना) कह सकते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया की 95 फीसदी हेरोइन का उत्पादन इन दो इलाकों में होता है। देश में म्यामां और पाकिस्तान-अफगानिस्तान की तरफ से हेरोइन भेजी जाती है...पूरा पूर्वोत्तर और उत्तर पश्चिम बुरी तरह प्रभावित है। जितना धन (नशा तस्करी से) अर्जित किया जाता है वह बहुत ज्यादा है।’’ उन्होंने कहा कि देश में नशे की समस्या ‘‘बहुत बड़ी’’ है और जब तक राज्य की एजेंसियां साथ नहीं देतीं तब तक केवल केंद्रीय एजेंसी अकेले इससे नहीं निपट सकती है। एनसीबी प्रमुख ने कहा, ‘‘हमारी काफी आलोचना होती है कि हम लोगों से कम मात्रा में भांग क्यों पकड़ रहे हैं। समस्या कम या बड़ी मात्रा की नहीं है। समस्या यह है कि इन तस्करों या माफिया को हम उनका मादक पदार्थ बेचने की खुली जगह दे रहे हैं...यह जटिल समस्या है और समाधान बहुत सरल नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘केवल यही बात है कि हमें इस बारे में गंभीर होना चाहिए। हम राज्य पुलिस एजेंसियों को इस समस्या के बारे में जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं और आपूर्ति रोकने के लिए उनसे अभियान चलाने को कह रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि अगर गंभीरता से काम किया जाए और सामूहिक एवं समन्वित तरीके से काम किया जाए तो निश्चित तौर पर समस्या का समाधान हो जाएगा। एनसीबी की हाल में कम मात्रा में मादक पदार्थ रखने वालों को पकड़ने के लिए आलोचना की जाती रही है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि संघीय एजेंसी को अवैध व्यापार में संलिप्त बड़े गिरोहों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अस्थाना ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 2018-19 में किए गए एक सर्वेक्षण का हवाला दिया जिसमें दावा किया गया था कि दुनिया में अफीम, हेरोइन जैसे मादक पदार्थों का सबसे ज्यादा उपभोग भारत में होता है।

हिंदी के युग प्रवर्तक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृतियों को सहेजने में जुटी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिकी इकाई का गठन किया गया और इसके संयोजन का दायित्व कैलिफोर्निया में हिंदी का प्रचार प्रसार कर रही मंजु मिश्रा ने संभाला है । आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की अमेरिकी इकाई की संयोजक मंजु मिश्रा ने एक बयान में कहा कि चार प्रवासी भारतीय हिंदी सेवी महिलाओं ने भी इस काम से जुड़ने की सहज स्वीकृति दे दी है। उन्होंने बताया कि समिति की अमेरिकी इकाई का शुभारंभ विश्व हिंदी दिवस पर 10 जनवरी को वेबीनार के माध्यम से आचार्य द्विवेदी पर आधारित व्याख्यानमाला के साथ होगा। मिश्रा ने बताया कि समिति के अमेरिकी चैप्टर से लॉस एंजेल्स निवासी रचना श्रीवास्तव, शिकागो निवासी शुभ्रा ओझा, नार्थ कैरोलिना निवासी डॉक्टर कुसुम नेपसिक और न्यू जर्सी निवासी ममता त्रिपाठी जुड़ गई हैं। उन्होंने बताया कि यह समिति अमेरिका में प्रवासी भारतीयों के बीच में हिंदी जानने और बोलने से एक कदम आगे बढ़ कर अच्छी और शुद्ध हिंदी को बढ़ावा देने तथा आचार्य द्विवेदी की स्मृतियों से लोगों को जोड़ने का काम जल्द ही शुरू करेगी।

नई दिल्ली
ब्रिटेन से दिल्ली हवाई अड्डा पर पहुंचे 11 यात्रियों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। जेनिस्ट्रिंग्स डायग्नोस्टिक सेंटर की संस्थापक गौरी अग्रवाल ने बुधवार को इस बारे में बताया। दिल्ली हवाई अड्डे पर सभी यात्रियों की कोरोना वायरस की जांच का काम जेनिस्ट्रिंग्स डायग्नोस्टिक सेंटर को सौंपा गया है। एक बयान में अग्रवाल ने बताया कि चार उड़ानों के 50 यात्रियों को संस्थानिक पृथक-वास में भेजा गया है।

क्वारेंटीन में भेजे जा रहे यात्री
ब्रिटेन में नए प्रकार के कोरोना वायरस का पता चलने के बाद सरकार ने सोमवार को आदेश दिया था कि ब्रिटेन से आने वाले सभी यात्रियों की भारत के हवाई अड्डों पर जांच की जाएगी। अग्रवाल ने कहा कि निर्देश के बाद ब्रिटेन से कुल चार उड़ानें दिल्ली आ चुकी है। सरकार ने सोमवार को कहा कि ब्रिटेन-भारत की उड़ान में कोई यात्री कोविड-19 से संक्रमित पाया जाता है तो उसी कतार में बैठे यात्रियों, सीट के आगे की तीन कतार और पीछे की तीन कतारों के यात्रियों को संस्थानिक पृथक वास (Institutional Quarantine) में भेजा जाएगा।

950 में 11 नमूनों में संक्रमण की पुष्टि
अग्रवाल ने बताया, ‘‘इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टी-थ्री टर्मिनल पर हमारी प्रयोगशाला में लंदन से आए 950 से ज्यादा यात्रियों के नमूनों की जांच की गई और उनमें से 11 में संक्रमण की पुष्टि हुई।’’ नागर विमानन मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि बुधवार से 31 दिसंबर तक ब्रिटेन से भारत आने जाने वाली उड़ानों पर रोक रहेगी। अग्रवाल ने बताया, ‘‘11 नमूनों को सुरक्षित रखा गया है और उन्हें जीनोम अनुक्रमण के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) भेजा जाएगा। फिलहाल हमें यह जानकारी नहीं है कि क्या लोग नए प्रकार के वायरस से संक्रमित हुए।’’

 

केंद्र के नए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार नौंवे दिन शुक्रवार को भी किसानों का प्रदर्शन जारी रहा। ऐसे में पुलिस ने दिल्ली को हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग बंद रखे। इसके कारण राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख सीमा बिंदुओं पर यातायात बेहद धीमा रहा। उधर, दिल्ली हरियाणा के सिंघु बॉर्डर से किसानों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। दरअसल, कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने सिंघु बॉर्डर को सील किया हुआ है।सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता रिषभ शर्मा की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया है कि किसानों के प्रदर्शन के कारण दिल्ली में इमरजेंसी सेवाएं मसलन चिकित्सा सेवा को भी आने में परेशानी हो रही है। बॉर्डर पर प्रदर्शन करने वाले किसानों के कारण लाखों लोगों का जीवन खतरे में पड़ रहा है क्योंकि मौजूदा समय में कोरोना बीमारी फैली हुई है और किसानों का जीवन खतरे में पड़ रहा है।


प्रदर्शन करने वालों में कोरोना फैला तो...

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया है कि अगर कोरोना वायरस प्रदर्शन करने वाले लोगों के बीच फैला तो तबाही हो सकती है। याचिकार्ता ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि संबंधित अथॉरिटी को निर्देश देना चाहिए कि वह बॉर्डर ओपन कराएं। याचिकाकर्ता ने कहा कि तय जगह पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मास्क के साथ प्रदर्शन होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का दिया हवाला


याचिकाकर्ता ने सीएए के खिलाफ हुए प्रदर्शन के मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का हवाला दिया और कहा कि पब्लिक प्लेस को नहीं घेरा जा सकता। प्रदर्शन तयशुदा जगह पर होना चाहिए। याचिकाकर्ता ने कहा कि कोरोना का दिल्ली और एनसीआर में खतरा है ऐसे में किसानों को वहां से हटाना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में इमरजेंसी सर्विस से संबंधित लोग दिल्ली आते हैं उन्हें परेशानी हुई है।

लगता है कि पाकिस्तान ने चीन की मिलीभगत से पीओके में ड्रैगन की दखलअंदाजी बढ़ाने की एक और बड़ी साजिश रची है। उन्होंने वहां पीओके की 'दिखावटी' सरकार और एक चीनी कंपनी और एक लोकल फर्म के बीच 700 मेगावॉट के एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के समझौते पर हस्ताक्षर करवाया है। इस करार से पीओके के 'आजाद पट्टन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट' में चीन अपनी गेझोउबा ग्रुप और पाकिस्तान अपने लाराइब ग्रुप के जरिए हिस्सेदार बन गए हैं। पाकिस्तान के एक स्थानीय अखबार के जरिए इस अहम करार की खबर सामने आई है। गौरतलब है कि भारत पीओके में चीन की बढ़ती दखलंदाजी पर आपत्ति जाहिर करते हुए पाकिस्तान को पहले ही आगाह कर चुका है कि वह पूरा इलाका भारत का अभिन्न अंग और वह उसे जल्द से जल्द खाली कर दे।

पीओके में पाकिस्तान-चीन की नई चाल

पाकिस्तानी अखबार डॉन की खबर के मुताबिक चीन की कंपनी ने पीओके में 'आजाद पट्टन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट' के लिए जो समझौता किया है, उसपर 1.35 अरब डॉलर की अनुमानित लागत आने वाली है। भारत के लिए यह इसलिए चेतावनी वाली खबर है, क्योंकि यह प्रोजेक्ट इलाके से गुजरने वाली चीन की महत्वाकांक्षी 'चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर' का हिस्सा है, जिसका पीओके से होकर गुजरने पर भारत विरोध जताता है। यह प्रोजेक्ट पीओके के साधानोती जिले में झेलम नदी पर बनना है। इस प्रोजेक्ट पर चीन का कितना प्रभाव होगा यह इसी से पता चलता है कि इसमें चाइना डेवलपमेंट बैंक, चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक, इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना ऋणदाताओं में शामिल होंगे। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का दावा है कि इस प्रोजेक्ट से इंधन का आयात बंद होगा और पाकिस्तान सस्ती और हरित ऊर्जा पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। यही नहीं दावा तो यहां तक किया गया है कि इसके कारण 3,000 रोजगार के मौके बनेंगे। अनुमान है कि 2027 तक यहां से नेशनल ग्रिड को 3,266 जीडब्ल्यूएच सालाना बिजली उपलब्ध होगी।

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महापर्व छठ की देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति भवन से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छठ पूजा की शुभकामनाएं दी। इस दौरान राष्ट्रपति के अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा, राहुल गांधी, सोनिया गांधी ने आज छठ की बधाई दी है। राष्ट्रपति नेश्रद्धा के साथ शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस दिन सूर्य की पूजा करना शामिल है। उन्होंने भारतीयों को प्रकृति के संरक्षण और कोविड 19 की संवेदनशीलता के साथ मनाने के लिए कहा है।

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देश की 10 ट्रेड यूनियन ने भारत बंद बुलाया है। 26 नवंबर को 10 ट्रेड यूनियनों ने देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इन ट्रेड यूनियनों को कई राजनीतिक पार्टियों ने खुला समर्थन दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की नीतियों के विरोध में ट्रेड यूनियनों ने 26 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया। 10 केंद्रीय यूनियनों और उनके सहयोगियों द्वारा ऐलान किया है। पहली बार महामारी के बीच केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशन/एसोसिएशनों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इन ट्रेड यूनियनों ने भारी मांग की कमी के कारण अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट की ओर इशारा किया। साथ ही सरकार ने व्यापार करने में आसानी के नाम पर अपनी नीतियों को जारी रखा। 26 नवंबर 2020 को एक दिन देशव्यापी आम हड़ताल होगी। टीआरएस पार्टी समेत कई अन्य राजनीतिक दलों ने भी अपना समर्थन दिया है।