×

Warning

JUser: :_load: Unable to load user with ID: 17

स्कैनर इंडिया खास खबर.........जरूर पढ़ें

स्कैनर इंडिया को झारखंड के सभी जिलों में बेब इंफार्मर की आवश्यकता है। बेब इंफार्मर बनने के लिए 7050607516 पर  संपर्क करें अथवा This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.पर अपना बायोडाटा भेजें।

 

 

क्राईम रिपोर्ट

अपराध
अपराध

अपराध (13)

सरायकेला-खरसंवा जिला अंतर्गत आदित्यपुर से 15 पुडिया ब्राऊन शूगर के साथ 5 युवको को पकडा़ गया है.आदित्यपुर थाना प्रभारी सुषमा कुमारी ने बताया कि आदित्यपुर पुलिस की पैदल गश्ती के दौरान एक गुमटी के पास सभी युवक संदिग्ध अवस्था में खडे़ थे और अचानक पुलिस को देखकर भागने लगे.पुलिस द्वारा दौडा़कर सभी को पकडा़ गया तो जाँच के क्रम में सभी के पास कुल 15 पुडिया ब्राऊन शूगर मिला है.पकडे़ गये युवकों में पिंटू कुमार,खाटू लोहार,बबलू बाउरी,राकेश कालिंदी और शंकर कालिंदी बताया जा रहा है.

दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में कुत्तों को खाना खिलाने के विवाद में एक बुज़ुर्ग की चाकू मारकर हत्या का मामला सामने आया है.,पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. मध्य दिल्ली के डीसीपी संजय भाटिया के मुताबिक 21 जून की रात करीब सवा 10 बजे एक पीसीआर कॉल मिली जिसमें पता चला कि एक शख्स को चाकू मारा गया है. पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक घायल बुज़ुर्ग को अस्पताल पहुंचाया जा चुका था, पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर 57 साल के घायल बृजमोहन का बयान लिया. उन्होंने बताया कि वो डॉग लवर हैं और हर रोज पहाड़गंज में कुत्तों को खाना खिलाते हैं. इसी बीच अजय आया और वो कुत्तों को खाना खिलाने का विरोध करने लगा. अजय को देखकर कुत्ते भौंकने भी लगे. इसी बात से नाराज़ अजय वहां से गया और कुछ देर बाद चाकू लेकर आया और बृजमोहन के पेट में मार दिया.23 जून को बृजमोहन की अस्पताल में इलाज़ के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर अजय की तलाश की. आखिरकार उसे पहाड़गंज में घूमते हुए पकड़ा गया, वो मास्क और गमछा पहनकर घूम रहा था जिससे की पुलिस उसे पहचान न पाए. 22 साल का आरोपी अजय पेशे से डीजे चलाता है.

 

 

धनबाद : भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के ईस्ट बसेरिया कोलियरी कुसुंडा क्षेत्र अंतर्गत कार्यालय के पीएफ क्लर्क भूतेश्वर साव आज 10 हजार रुपये घूस लेते सीबीआई के हाथों गिरफ्तार हो गया है।बतादें की  अवकाश प्राप्त कोलकर्मी द्वारिका मंडल से पीएफ-पेंशन की निकासी के एवज में उससे रिश्वत मांगी थी । द्वारिका मंडल ने इसकी शिकायत सीबीआई धनबाद से की गई थी। सीबीआई ने आज उसे रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

तबलीगी जमात के मकरज से निकाले गए कई जमातियों में कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि हो चुकी है. वहीं, कई को क्वारनटीन में रखा गया है. इस बीच, अस्पताल में भर्ती कुछ जमातियों द्वारा स्टाफ के साथ अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है. खबर के मुताबिक, गाजियाबाद में अस्पताल में भर्ती 6 जमातियों ने नर्सों के साथ अश्लील बर्ताव किया. आरोप है कि ये लोग अस्पताल में बिना कपड़ों के घूमते मिले. ये गंदे गाने गा रहे हैं और अश्लील इशारे भी कर रहे हैं, साथ ही इलाज में सहयोग भी नहीं कर रहे हैं. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. गाजियाबाद से बड़ी हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है. दरअसल, यहां एक अस्पताल में भर्ती छह कोरोना संदिग्धों पर नर्सों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. जानकारी के अनुसार, यह 6 लोग निजामुद्दीन (Nizamuddin) में हुए तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे.बता दें कि नर्सों ने यह आरोप लगाया है कि, सभी संदिग्ध बिना पेंट के घूमते हैं, अश्लील गाने सुनते हैं, भद्दे इशारे करते हैं और सिगरेट की मांग करते हैं. यह मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने जांच के लिए टीम भेजी. जिसके बाद इनके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है.

 

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पॉक्सो कानून में संशोधन कर चाइल्ड पोर्नोग्राफी की परिभाषा का विस्तार किया है। मंत्रालय ने इसमें तस्वीरों, डिजिटल और कंप्यूटर से तैयार पोर्नोग्राफिक सामग्री को भी शामिल किया है। बिल के पास होने जाने पर ये चीजें पॉक्सो कानून के तहत दंडनीय होंगे। साथ ही बाल यौन अपराधों के लिए सजा को अधिक कठोर किया गया है। अब बच्चों से दुष्कर्म या उसकी कोशिश जैसे जघन्य अपराध में मौत की सजा का भी प्रावधान होगा। मंत्रालय ने अश्लील कार्टून और अश्लील एनीमेटेड तस्वीरों को भी बच्चों के खिलाफ बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून में दंडनीय अपराधों की श्रेणी में लाने की बात कही है। नए कानून के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति अश्लील वीडियो या तस्वीर में बच्चों की नकल करते कोई अश्लील कृत्य कर रहा होगा तो दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।मंत्रालय नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो को बच्चों के प्रति यौन अपराध के मामलों के डाटा को नए सुधारों के हिसाब से तय करने को कहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को यौन अपराध संरक्षण कानून-2012 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

बालिग बनाने की दवा देने पर सात साल सजा

पहली बार बच्चों को हार्मोन के इंजेक्शन और अन्य केमिकल के जरिए शारीरिक बदलाव को परिभाषित कर जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे मामले में भी कड़ी सजा का प्रावधान है। बच्चों को बालिग बनाने के लिए दवा या हार्मोन आदि का इंजेक्शन देने का दोषी मिलने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 7 साल की सजा होगी। साथ ही जुर्माना भी देना होगा। यही सजा किसी ऐसे अपराध को करने के लिए किसी को प्रेरित करने, किसी को इसका लालच देने या किसी को ऐसा करने के लिए मजबूर करने पर भी लागू होगी।

लड़का-लड़की के भेद खत्म किया

संशोधन में लड़का-लड़की के भेद को खत्म कर दिया गया है। बच्चों से दुष्कर्म या उसका प्रयास के दोषी को मौत की सजा या उम्रकैद, मृत्यु तक जेल में रहने की सजा, 20 साल सश्रम कारावास जैसी सजा भुगतनी पड़ेगी। बच्चों से जुड़ी पोर्नोग्राफिक सामग्री रखने, उसके प्रसार पर तीन साल सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

1023 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला

नए कानून से दिल्ली से 40 देशों मेें चलने वाले पोर्नोग्राफी रैकेट के आरोपियों और केरल में सोशल मीडिया पर चल रहे पोर्नोग्राफी चैनल के दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ होगा। अब तक कमजोर कानून के चलते आरोपी बच रहे थे। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिला एवं बच्चों के यौन उत्पीड़न मामलों का निपटारा एक साल में होगा। इनके निपटारे के लिए 1023 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला भी हुआ है।

निर्भया के दोषियों ने फांसी से बचने का कोई रास्ता न देखते हुए अब अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है। दोषी अक्षय कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस(आईसीजे) में फांसी पर रोक लगाने की याचिका डाली है। बता दें कि निर्भया के दोषियों को 20 मार्च सुबह 5.30 बजे फांसी होनी है। ऐसे में दोषी हर वो पैंतरा आजमा रहे हैं जिससे इनकी फांसी चौथी बार टल जाए।इससे पहले दोषियों की फांसी तीन बार टल चुकी है। सबसे पहले उन्हें 22 जनवरी को फांसी होने वाली थी जिसे बदलकर 1 फरवरी किया गया। दूसरी बार भी दोषियों के कानूनी विकल्प खत्म न होने के चलते इनकी फांसी टल गई। इसके बाद तीन मार्च को इनकी फांसी तय हुई जो दोषी पवन गुप्ता की दया याचिका लंबित होने के चलते टल गई। हालांकि अब जब दोषियों के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं तो माना जा रहा है कि दोषियों को 20 मार्च 2020 सुबह 5.30 बजे फांसी होगी। इसी को रोकने के लिए दोषी आईसीजे गए हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी एक याचिका ठुकरा दी जिसमें उसने अपनी पूर्व वकील वृंदा ग्रोवर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। इस याचिका में उसने अपने वकील एमएल शर्मा के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में फिर से क्यूरेटिव और दया याचिका दायर करने की अनुमति लेने के लिए याचिका दायर की है।याचिका में मुकेश ने एमिकस क्यूरी वृंदा ग्रोवर पर कानूनी उपचारों के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। याचिका में कहा गया था कि ग्रोवर ने 7 जनवरी को जारी हुए डेथ वारंट के बाद एक सप्ताह के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर करने के लिए मजबूर किया था, जबकि उसे इस बारे में जानकारी नहीं दी गई कि जुलाई 2018 में रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद वह तीन साल के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर कर सकता है।

निर्भया के दोषियों ने फांसी से बचने का कोई रास्ता न देखते हुए अब अंतरराष्ट्रीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है। दोषी अक्षय कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा ने इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस(आईसीजे) में फांसी पर रोक लगाने की याचिका डाली है। बता दें कि निर्भया के दोषियों को 20 मार्च सुबह 5.30 बजे फांसी होनी है। ऐसे में दोषी हर वो पैंतरा आजमा रहे हैं जिससे इनकी फांसी चौथी बार टल जाए।इससे पहले दोषियों की फांसी तीन बार टल चुकी है। सबसे पहले उन्हें 22 जनवरी को फांसी होने वाली थी जिसे बदलकर 1 फरवरी किया गया। दूसरी बार भी दोषियों के कानूनी विकल्प खत्म न होने के चलते इनकी फांसी टल गई। इसके बाद तीन मार्च को इनकी फांसी तय हुई जो दोषी पवन गुप्ता की दया याचिका लंबित होने के चलते टल गई। हालांकि अब जब दोषियों के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं तो माना जा रहा है कि दोषियों को 20 मार्च 2020 सुबह 5.30 बजे फांसी होगी। इसी को रोकने के लिए दोषी आईसीजे गए हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी एक याचिका ठुकरा दी जिसमें उसने अपनी पूर्व वकील वृंदा ग्रोवर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। इस याचिका में उसने अपने वकील एमएल शर्मा के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में फिर से क्यूरेटिव और दया याचिका दायर करने की अनुमति लेने के लिए याचिका दायर की है।याचिका में मुकेश ने एमिकस क्यूरी वृंदा ग्रोवर पर कानूनी उपचारों के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। याचिका में कहा गया था कि ग्रोवर ने 7 जनवरी को जारी हुए डेथ वारंट के बाद एक सप्ताह के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर करने के लिए मजबूर किया था, जबकि उसे इस बारे में जानकारी नहीं दी गई कि जुलाई 2018 में रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद वह तीन साल के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर कर सकता है।

 

परिजन ने ससुराल वालों पर लगाया बेटी के हत्या का आरोप

धनबाद। बलियापुर करमाटांड़ मे निशा कुमारी की हत्या दहेज के लालच में कर दी गई। लड़की के पिता ने बताया कि निशा (22) का विवाह सीताराम रवानी के पुत्र विकास रवानी के साथ हुई थी। मैंने अपने क्षमता के अनुसार उन लोगों को दहेज में रुपया एवं समान भी दिया, इसके बावजूद शादी के कुछ महीने बाद से ही मेरी बेटी के साथ मारपीट की जाने लगी और बिजनेस के नाम पर पैसा मांगा जाने लगा। क्षमता अनुसार मैंने कई बार उन लोगों को मदद भी किए, लेकिन फिर से बिजनेस के नाम पर Rs 25000 मेरे लड़की से लाने को कहा मैं असमर्थ था फिर भी किसी तरह जुगाड़ कर 10 दिन पूर्व 5000 रुपया मैंने विकास रवानी को दी और समझाया कि आपस में शांति से रहे झगड़ा ना करें।इसके बावजूद Rs.20000 के लिए विकास रवानी एवं उसके माता पिता द्वारा प्रताड़ित किया जाने लगा। इसकी सूचना कुछ दिन पहले मेरी लड़की के द्वारा मुझे दी गई कि पैसा ना देने के कारण ये लोग कभी भी मेरी हत्या कर सकते हैं।अंततः वही हुआ मेरी लड़की की हत्या उसके पति विकास रवानी सास बालिका देवी ससुर सीताराम रवानी एवं पिंटू रवानी के द्वारा कर दी गई। मैंने लिखित एफआईआर बलियापुर थाने में कर दी है। जिसका एफआईआर नंबर 12 /2020 है। लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

 

 

 

 

परिजन ने ससुराल वालों पर लगाया बेटी के हत्या का आरोप

धनबाद। बलियापुर करमाटांड़ मे निशा कुमारी की हत्या दहेज के लालच में कर दी गई। लड़की के पिता ने बताया कि निशा (22) का विवाह सीताराम रवानी के पुत्र विकास रवानी के साथ हुई थी। मैंने अपने क्षमता के अनुसार उन लोगों को दहेज में रुपया एवं समान भी दिया, इसके बावजूद शादी के कुछ महीने बाद से ही मेरी बेटी के साथ मारपीट की जाने लगी और बिजनेस के नाम पर पैसा मांगा जाने लगा। क्षमता अनुसार मैंने कई बार उन लोगों को मदद भी किए, लेकिन फिर से बिजनेस के नाम पर Rs 25000 मेरे लड़की से लाने को कहा मैं असमर्थ था फिर भी किसी तरह जुगाड़ कर 10 दिन पूर्व 5000 रुपया मैंने विकास रवानी को दी और समझाया कि आपस में शांति से रहे झगड़ा ना करें।इसके बावजूद Rs.20000 के लिए विकास रवानी एवं उसके माता पिता द्वारा प्रताड़ित किया जाने लगा। इसकी सूचना कुछ दिन पहले मेरी लड़की के द्वारा मुझे दी गई कि पैसा ना देने के कारण ये लोग कभी भी मेरी हत्या कर सकते हैं।अंततः वही हुआ मेरी लड़की की हत्या उसके पति विकास रवानी सास बालिका देवी ससुर सीताराम रवानी एवं पिंटू रवानी के द्वारा कर दी गई। मैंने लिखित एफआईआर बलियापुर थाने में कर दी है। जिसका एफआईआर नंबर 12 /2020 है। लेकिन अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

 

 

 

कार्डबोर्ड में छात्रों के मुंह की तरफ वर्गाकार छेद किया गया था। ताकि वे सिर्फ प्रश्न को देखकर उसका उत्तर लिख सकें। परीक्षा के दौरान नकल करने से रोकने का यह अनोखा तरीखा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

अध्यपक स्कूलों में नकल रोकने के लिए पूरी कोशिश करते हैं। इसके बाद भी स्टूडेंट्स किसी न किसी तरह अध्यपकों को धोखा देकर नकल कर ही लेते हैं। लेकिन कर्नाटक में स्टुडेंट्स को नकल से रोकने के लिए नया तरीका अपनाया गया है। जोकि अब चर्चा का विषय बन चुका है। दरअसल हावेरी जिले में स्थित भगत प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में छात्रों को नकल करने से रोकने के लिए उनके सिर पर कार्डबोर्ड (गत्ता) पहना दिया गया। कार्डबोर्ड में छात्रों के मुंह की तरफ वर्गाकार छेद किया गया था। ताकि वे सिर्फ प्रश्न को देखकर उसका उत्तर लिख सकें। परीक्षा के दौरान नकल करने से रोकने का यह अनोखा तरीखा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कॉलेज के इस आइडिया से छात्रों को परीक्षा में नकल से रोकने के तरीके से सब हैरान हैं। परीक्षा हॉल में जिस अध्यापिका की ड्यूटी लगाई गई थी वह छात्रों को इस हाल में देखकर अपनी हंसी नहीं रोक पाई थी। कई फेसबुक यूजर्स ने गत्ता पहने छात्रों की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। मिली जानकारी के मुताबिक बीते बुधवार यानी परीक्षा वाले दिन इन तस्वीरों को शेयर किया गया था। तस्वीरों को फेसबुक पर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, आज हमारे कॉलेज में मध्यावधि परीक्षा थी। यह हावेरी का भगत पीयू कॉलेज है।' राज्य सरकार ने कॉलेज को जारी किया नोटिस रिपोर्ट्स के मताबिक कर्नाटक सरकार ने इस संबंध में कॉलेज को नोटिस जारी किया है। सार्वजनिक निर्देश विभाग के उप निदेशक एसएस पीरजे ने कहा है कि इस मामले के संबंध में हमने स्पष्ट रूप से कॉलेज प्रबंधन को एक लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है। यदि भविष्य में इस तरह की घटना दोहराई गई तो स्कूल का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।