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Saturday, 27 July 2019 15:20

वसीयत कैसे होती है

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अक्सर लोगो के मन में वसीयत से जुड़े बहुत सारे सवाल होते हैं| जैसे कि वसीयत कैसे की जाती है इसे कैसे रजिस्टर्ड कराया जाता है| या फिर ये भी एक सवाल होता है कि क्या वसीयत मौखिक रूप से हो सकती है जैसे किसी ने कहा कि मेरी सम्पत्ती का वो वारिस होगा तो क्या ये सही है| आज का ये वीडियो इन्ही सब सवालों पर आधारित है|आइये जानते हैं|भारतीय उत्तराधिकारी अधिनियम1952  की धारा 2 (h) के अनुसार विलया वसीयत या इच्छापत्र उसे कहते हैं जो व्यक्ति अपनी सम्पत्ती के बारे में कहता है की उसकी म्रत्यु के बाद उसकी सम्पत्ती का वारिस कौन होगा या उसका क्या करना है|यानी जब कोइ व्यक्ति अपनी इच्छा से अपनी चल या अचल संपत्ति का अधिकार किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपता है उसे विल कहते है| इसमे विल करने वाला व्यक्ति अनुदानकर्ता यानी टेस्टटेटर कहलाता है और जिसे सम्पत्ती मिल रही है वो लाभार्थी यानी बेनिफिशयरी कहलाता है| और अगर वो अपनी सम्पति के लिए कोई संरक्षणकर्ता नियुक्त करता है तो उसे निष्पादककर्ता यानी एक्जिक्यूटर कहते हैं|

वसीयत के प्रकार

वसीयत दो प्रकार की होती हैं 1- विशेषाधिकार इच्छा पत्र या Privileged will 2- विशेष अधिकार रहित इच्छा पत्र यानी (Un-Privileged will)

आइये पहले 1- विशेषाधिकार इच्छा पत्र यानी Privileged will के बारे में जान लेते हैं|विशेषाधिकार इच्छा पत्रयानी Privileged will के अन्दर वो लोग आते हैं जो खतरनाक प्रोफेशन से जुड़े हैं जिनके जीवन पर हमेशा मौत का ख़तरा बना रहता है जैसे सैनिक या समुद्र से जुड़े प्रफेशन आदि|इसलिए इन लोगो के लिए इस एक्ट में स्पेशल प्रावधान किया गया है की कोई भी सैनिक आर्मी, नेवी या वायुसेना में जो युद्ध क्षेत्र में हो या सरकार द्वारा किसी अभियान में नियुक्त किया हो या कोई सरकारी कर्मचारी जो की कंपनी द्वारा नियुक्त कोई नाविक हो और समुन्द्र में हो,  वह व्यक्ति  लिखित में दो साक्षियों के हस्ताक्षर के साथ विल वसीयत कर सकता है तथा अगर वह व्यक्ति अपनी विल लिखने में सफल न हो तो तो भी वह व्यक्ति दो साक्षियों के सामने मौखिक रूप से विल वसीयत कर सकता है| ऐसे में यह विल एक रजिस्टर्ड विल की तरह ही मानी जाएगी| इस प्रकार की विल को साबित करने के लिए प्रोबेट यानी उन्हें कोर्ट में जाने की आवश्यकता नही होती है|

2- विशेष अधिकार रहित इच्छा पत्र यानी (Un-Privileged will)

ये विल वह आम विल होती है जो की हम लोग करते है इस विल के लिए,  विल का लिखित होना और दो गवाह होना जरूरी होता है|

अब सवाल उठता है कि क्या कोई सामान्य व्यक्ति भी मौखिक विल कर सकता है| जी हा अगर कोई व्यक्ति मरने की अवस्था में है तो वह भी दो गवाहों के सामने मौखिक विल कर सकता है वह विल भी मान्य होती है लेकिन इनको साबित करने के लिए की अमुक व्यक्ति ने मरने से पहले ये बोला था उसके लिए कोर्ट में जाना पड़ता है

वसीयत लिखने के नियम 

आइये अब जान लेते हैं कि वसीयत लिखने की शर्ते क्या होती हैं|

विल लिखने के लिए कुछ क़ानूनी बातो का पालन करना होता है जो की भारतीय उत्तराधिकारी अधिनियम यानी Indian succession act 1952 में लिखित है| आइये जानते हैं ये नियम|

  • विल करने वाला व्यक्ति 18 वर्ष की आयु का होना चाहिये|
  • विल लिखित में होनी चाहिये|
  • विल के उपर विल करने वाले व दो साक्षियों के हस्ताक्षर होने चाहिए|

वैसे तो विल को रजिस्टर्ड करवाना जरूरी नही होता है पर कब जैसे कानून का दरुपयोग हो रहा है तो कोई भी सरकारी संस्था अनरजिस्टर्ड विल को नही मानती है इसके अलावा जो भी विल होती है जो उसमे अगर किसी को कोई आपत्ति है तो उस से प्रोबेट करवाने के लिए बोलते है| विल को हमेशा कोर्ट से ही रजिस्टर करवाना चाहिए|अगर कोइ अपनी विल को रजिस्टर नहीं करवा पाता है या विल को खाली नोटराइज करवा लेता है तो व्यक्ति के मरने के बाद उस विल से कोई भी प्रॉपर्टी आप के उत्तराधिकारी के नाम ट्रांसफर नहीं होती| बल्कि  उनकी परेशानी बाढ जाती है| जब वो प्रोपर्टी क्लेम करते है तो उन्हें टोटल प्रॉपर्टी की वैल्यू पर भी कोर्ट फीस देनी होती हैजो कि उस राज्य के अनुसार होती है| इसमे पैसे व समय का हर्जाना तो होता ही है बल्कि मानसिक पीड़ा भी होती है|

कौन नहीं करा सकता वसीयत

अब आपके लिए ये भी जानना जरूरी है कि कौन व्यक्ति वसीयत नही कर सकता है|

पहला - ऐसा कोइ भी व्यक्ति जो की किसी ऐसी मानसिक बीमारी से ग्रस्त हो जिसमे की वो सोचने व समझने के लायक नही हो

दूसरा – कोइ भी एसा व्यक्ति जो अन्य प्रकार की बीमारी से ग्रस्त हो जिसमे भी वो सोचने व समझने की स्तिथि में नही हो|

तीसरा - वह व्यक्ति शराब के नशे में हो

चौथा - वह व्यक्ति किसी भी प्रकार के दबाव में हो

पांचवा - अगर वह व्यक्ति 18 वर्ष से कम उम्र का है| ये लोग वसीयत नहीं कर सकते है|

वसीयत से जुड़े दो और इम्पोर्टेन्ट सवाल होते हैं

पहला - क्या विल वसीयत में बदलाव हो सकता है

तो जवाब है जी हा अगर आप अपनी वसीयत में किसी भी प्रकार का कोई बदलाव करना चाहते है तो आप उसके लिए अपनी नई विल बनवा सकते हैंऔर उसमे ये भी लिखेंगे की में अपनी पुरानी वसीयत को समाप्त कर रहा हु| इसके बाद पुरानी विल को रजिस्ट्रार ऑफिस से समाप्त करवाना होगा|

कितनी बार हो सकती है वसीयत

अब सवाल है कि एक व्यक्ति अपने जीवन में किनती बार विल वसीयत कर सकता हैतो जवाब है|आप अपने जीवन में अनगिनत बार विल कर सकते है लेकिन सबसे पहले आपको अपनी पुरानी विल समाप्त करवाने के लिए क़ानूनी कार्यवाही करनी होगी| और नई विल का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा|

वसीयत से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

वसीयत से जुड़े कुछ और रोचक सवाल हैं जैसे विल वसीयत किस सम्पति या वस्तु की हो सकती है और किन सम्पतियो या वस्तुओ की नही हो सकती है|

वसीयत सिर्फ उस चल व अचल सम्पति की हो सकती है जो व्यक्ति ने खुद खरीदी है या विल या गिफ्ट के माध्यम से उसे मिली है| लेकिन ऐसी कोइ सम्पत्ती जिस पर व्यक्ति का किसी भी प्रकार का पजेशन नहीं है तो वो उस वस्तु की विल नही कर सकता|

ठीक ऐसे ही कोई भी पति अपनी पत्नी के जीवित रहते उसके दहेज के सामान की विल नही कर सकता है वह विल अमान्य होगी| हां वह अपनी शादी में मिले गिफ्ट पर विल करने के लिए वह स्वतंत्र है| महिला चाहे तो अपने मायके से मिले दहेज के सामान की विल कर सकती है क्योंकि वो उसकी अपनी सम्पति होती है|

वसीयत से जुड़े कुछ और सवाल

क्या विल किसी अनजान व्यक्ति या गैर धर्म के व्यक्ति के नाम हो सकती है

जी हा आप किसी भी गैर या अंजान व्यक्ति के नाम वसीयत कर सकते है जिसे आप जानते भी नही है| इतना ही नही आप अपने धर्म के अलावा किस और धर्म के व्यक्ति के नाम भी विल कर सकते है|

अगर कोई व्यक्ति किसी दुसरे की चल सम्पति की वसीयतकर जाये तो क्या होगा

अगर कोई भी व्यक्ति किसी और व्यक्ति की सम्पति की विल कर जाये तो वह विल अमान्य होगी इसमे पीड़ित व्यक्ति कोर्ट भी जा सकता है तथा उस विल को अमान्य करार करवा सकता है|

अगर विल के द्वारा सम्पति किसी नाबालिग को देनी हो तो

अगर किसी व्यक्ति को कोई विल करनी हो और वह जिसके नाम करना चाहता हो और वह एक नाबालिग बालक हो और उसे पता हो की वह अब मरने वाला है तो ऐसी स्तिथि में वह व्यक्ति किसी भी अन्य व्यक्ति को निष्पादक एक्जीक्यूटर नियुक्त कर सकता है| वह एक्जीक्यूटर उस बालक के बलिग होने तक उस सम्पति का केयर टेकर बन कर कार्य करता है|

वसीयत रजिस्टर कैसे करवाएं

वसीयत को रजिस्टर्ड करवाना कोई बड़ा कार्य नही है उसे आप में से कोई भी रजिस्टर्ड करवा सकता है| विल आप के एरिया के रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्ट्रार के सामने रजिस्टर्ड होती है| कई राज्यों में ऑनलाइन भी ये प्रोसेस पूरी होती है|

इसके बाद अपनी विल की दो लिखित कॉपी ले तथा उसके साथ अपने व अपने साक्षियों के आधार कार्ड की कॉपी भी लगा दे|

इसके बाद आप विल वसीयत की फ़ीस के लिए जो भी उस राज्य के द्वारा निश्चित की गई हो उस का एक ड्राफ्ट बनवाले| और उस फीसकी पर्ची कटवा सकते है|

इसके साथ आप को एक एफिडेविट तैयार करना होगा जिसमे में की ये लिखा हो की में भारत का नागरिक हु व वसीयत में लिखी गई सभी बाते सत्य है|

इसके बाद अगर आपके राज्य में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा है तो अपना समय ले लें|या फिर आपके रजिस्ट्रार के नाम सेएप्लीकेशन दें की आपकी विल रजिस्टर की जाये तथा उसके लिए समय ले|

इस सब के बाद आप की दोनों विल की कोपियो पर आप के हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान के अलावा सभी उंगलियों के निशान भी हर पेज पर लिए जायेंगे तथा आपके साक्षियों के भी हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान लिए जायेंगे|

इसके बाद आप तीनो लोगो की फोटो खिचेंगी जो की आप के विल वसीयतपर भी दिखाई देगी|

इसके बाद शाम को आपको एक विल की कॉपी मिल जाएगी व दूसरी कॉपी रजिस्ट्रार ऑफिस में रिकॉर्ड के तौर पर रहेगी|

इसके अलावा आप  चाहे तो अपने गवाहों की विडियो रिकॉर्डिंग भी करवा सकते है तथा इसकी कॉपी भी ले सकते है|

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