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Saturday, 17 August 2019 10:26

अदालत में गवाही देते समय किन बातो का ध्यान रखे

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अगर आप किसी केस में गवाह बनने जा रहे हैं या किसी केस में गवाही दे रहे हैं तो किन बातो का ध्यान रखना चाहिए| साथ ही ये भी बताएँगे किगवाही में क्या बोलना चाहिए और कब बोलना चाहिए और गवाह के रूप में आपके अधिकार क्या हैं|

सबसे पहले जब आप अपना बयान दर्ज करा रहे है तो ध्यान रखे की रीडर या पेशकार क्या लिख रहा है| दिल्ली में तो बयान टाइप करके लिखे जाते है तथा लिखते समय कोई गलती हो भी जाये तो उसको सुधारा जा सकता है पर बाकी राज्यों में हाथ से बयान लिखा जाता है इसलिए पूरा ध्यान रखिये कि क्या लिखा जा रहा है| उसे पढ़ने के लिए मांगिये|

दिल्ली में बयान होने के बाद गवाह उसके द्वारा दिए गए बयान को पढने के लिए दिये जाते है यह बयान टाइप होते हैं तो उन्हें पढ़ना आसान होता है| लेकिन जैसा कि हमने अभी बताया कि बाकी राज्यों जज का रीडर गवाह के बयान हाथ से लिखता है कई बार उनकी हैण्ड राइटिंग समझना बहुत मुश्किल हो जाता है तो अगर ऐसे में आपको कुछ समझ नहीं आ रहा तो तुरंत पूंछे कि क्या लिखा गया है| बेहतर तो ये होगा की बयान साफ व पड़ने लायक ही लिखवाए|

कई बार ऐसा होता है कि रीडर आपके द्वारा दिया गया बयान पढने के लिए नहीं देता|लेकिन आप कागज को लेकर अपने हस्ताक्षर करने से पहले पूरा पढ़ सकते है| अगर कोइ गलती है तो उसे सही करवा सकते है|

बयान दर्ज होने के बाद उसे पढ़ना गवाह का संवैधानिक और कानूनी अधिकार है! यदि रीडर आपके बयान या स्टेटमेंट पढने के लिए नहीं देता है तो आप इसकी शिकायत जज से कर सकते हैं|

गवाही देते समय एक महत्वपूर्ण बात ये है कि आप हमेशा जज की उपस्तिथि में ही अपने बयान दर्ज करवाएं|यदि जज उपस्थित नहीं तो आप अपने बयान दर्ज करने से मना करा सकते हैं ये आपका कानूनी अधिकार है| क्योंकि यही कानून है कि जज की उपस्तिथि में ही गवाह के बयान दर्ज किये जायेंगे|

बयान देने के तुरंत बाद आप उस बयान की कॉपी कोर्ट से फीस पे कर के उसी समय ले सकते है ये आपका अधिकार है|

अगर आप स्टेट केस में अदालत में गवाही देने के लिए आये है तो आप को पूरा अधिकार है की आप कोर्ट की गवाही से अपने पुराने बयानों को पढ सकते हैं और उनको याद कर सकते हैं ये आपका अधिकार है|

इसके अलावा अदालत में गवाही के बारे में और भी जरूरी बाते हैं जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए|

अगर आप स्टेट केस में गवाह है और आपको अपने बयान दुबारा पढ़ने व याद करने के लिए उसकी कॉपी और अगली तारीख चाहिए तो कोर्ट आपको आपके बयान की कॉपी फ्री में देगा तथा बाद में याद करके आने के लिए समय भी देगा|

अगर आपको बयान देते समय सही वातावरण नही लग रहा है जैसे की आप से सवाल पूछने का तरीका सही नही है या जो आपको बोला जा रहा है वो भाषा ही आपको समझ नहीं आ रही है तो आप उस की शिकायत जज से कर सकते है तथा जज के ना सुनने पर अपनी गवाही को रोक भी सकते है तथा दुसरे जज की निगरानी में गवाही की मांग कर सकते है|

अगर आप स्टेट केस में अदालत में गवाही के लिए आये है तो आपको आने व जाने का खर्चा कोर्ट की तरफ से मिलता है वो आप की दूरी व साधन के हिसाब से दिया जाता है| वो कितना भी हो सकता है|

तो ये थी कोर्ट में गवाही देने से जुडी कुछ बाते जिनका अगर एक गवाह ध्यान रखे तो ना सिर्फ उसका केस मजबूत होगा बल्कि वो खुद भी परेशानी से बच जाएगा|

हमें उम्मीद है कि इन सब जानकारियों के साथ अब अगर आपको कभी कोर्ट में गवाही देनी पड़े तो आप घबरायेंगे नहीं क्योंकि अब आपको अपने अधिकारों का ज्ञान हो चुका है|आशा करते हैं ये वीडियो आपको पसंद आया होगा| ऐसे ही वीडियोज देखने के लिए आप लीला के साथ जुड़े रह सकते हैं| वीडियो देखने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद|

Read 17 times Last modified on Tuesday, 20 August 2019 10:51