Headlines:

Hottest News

Advt....

Monday, 02 September 2019 10:28

क्या लिव-इन-रिलेशनशिप में बच्चा पैदा हो जाए तो क्या है क़ानून

Written by
Rate this item
(0 votes)

समय के साथ भारत में भी रिश्ते बदल रहे हैं इनमे एक रिश्ता है लिव-इन-रिलेशनशिप| मेट्रो कल्चर में पनपा ये रिश्ता अब छोटे शहरों में भी पहुँच गया है|हमसे अक्सर युवा लिव-इन-रिलेशनशिप से जुड़े बहुत सारे सवाल पूछते हें खास तौर से एक सवाल पूछा जाता कि क्या लिव-इन रिलेशन में रहने के लिए कोइ सर्टिफिकेट होता है|

आज हम इन्ही सब सवालों पर बात करेंगे कि लिव-इन रिलेशनशिप क्या होता है? क्या इसके कुछ कानून हैं| अगर लिव इन रिलेशनशिप में रहते हुए बच्चा पैदा हो जाए तो उसके माता पिता की संपत्ति में क्या अधिकार होंगे| क्या बच्चा पैदा हो जाने से लिव-इन-रिलेशनबदल कर पती पत्नी के रिश्ते में तब्दील हो जाएगा|लिव-इन-रिलेशनशिप में क्या रेप का चार्ज लग सकता है|आइये समझते हैं|

लिव इन रेलशनशिप का मतलब

पहले बात करते हैं कि लिव इन रेलशनशिप क्या होता है| लिव इन रिलेशन में कोइ भी दो बालिग़ लोग बिना शादी किये एक साथ रहने का फैसला करते हैं| दोनों स्वतन्त्र होते हैं| अगर इन्हें अलग होना होता है तो तलाक जैसी प्रोसेस की कोइ जरूरत नहीं होती|लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाले कपल भारतीय कानून के अनुसार विवाहित नहीं माने जाते| भारत में अभी लिव-इन रिलेशनशिप के बारे में कोई ठोस कानून भी नहीं है | लेकिन रिश्ते हैं तो कानूनी समस्याएँ भी हैं,आये दिन लिव में रहने वाले कपल अपनी समस्यायों को लेकर लोग थाने और कोर्ट पहुंचते है| और कोर्ट महिला सुरक्षा और पुरुष अधिकारों की रक्षा से जुड़े कानून के हिसाब से लिव इन कपल के मसलो का निपटारा करता है|

लिव-इन रिलेशन और सर्टिफिकेट

बात करते हैं सबसे महत्वपूर्ण सवाल की| ये सवाल सबसे ज्यादा पूछा गया है|कि क्या लिव इन में रहने के लिए कोइ सर्टिफिकेट बनता है|तो जवाब है नहीं लिव-इन में रहने का कोइ कानूनी सर्टिफिकेट नहीं होता| ये दो बालिग़ लोगो का एक छत के नीचे रहने का फैसला है|लेकिन कई बार आपके ऐसे सवाल काफ्रोड लोग फ़ायदा उठा लेते हैं वो आपसे नोटरी पेपर पर समझौता पत्र बनाकर अच्छा खासा पैसा ऐंठ लेते हैं| वो कहते हैं कि अब आपका रिश्ता लीगल हो गया| लेकिन ये एकदम फर्जी बात है|

लिव-इन में रहें की शर्तें

लिव इन में रहने का कोइ कानून नहीं है लेकिन इसकी कुछ शर्ते जरूर हैं जैसे कि लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने के लिए कपल का बालिग़ होना अनिवार्य है| यानी लडकी की उम्र 18 और लडके की उम्र 21 होनी चाहिए| क्योंकि अगर लडकी की उम्र कम हुई तो लडकी के घरवाले केस भी कर सकते हैं| लड़का भारी मुसीबत में पड सकता है| एक और बात कि लिव-इन-रिलेशनशिप का वैसे तो कोइ कानून नहीं है लेकिन अब ये घरेलु हिंसा कानून के दायरे में आता है| तो ज़रा संभल कर| क्योंकि लिव-इन-रेलशनशिप में कोइ बंधन नहीं होता| ये रिश्ता काफी अस्थिर सा होता है| ज़रा सी बात पर थाना कचेहरी हो सकते हैं|

लिव-इन-रिलेशनशिप की दूसरी जरूरी शर्त है दोनों को अविवाहित होना चाहिए या फिर तलाकशुदा या विधुर होना अनिवार्य है| अन्यथा इसे एडल्ट्री माना जाएगा|यानी कि आप एक वक्त में एक ही रिश्ते में रह सकते हैं|
लिव-इन-रिलेशनशिप में पैदा हुए बच्चे के अधिकार

अगर लिव-इन-रिलेशनशिप में रहते वक्त बच्चा पैदा हो जाए तो उसके क्या अधिकार होंगे और क्या तब उनका रिश्ता विवाहित कहलायेगा| तो जवाब है कि लिव-इन-रेलाशनशिप में पैदा होने वाले बच्चे को पिता का नाम और सम्पत्ति में पूरा हक मिलता ठीक वैसे ही जैसे एक जायज बच्चे को मिलता है|लेकिन आपको विवाहित नहीं माना जाएगा|

लिव-इन-रिलेशनशिप में लड़की के अधिकार

इन-इन-रिलेशनशिप का चौथा सवाल होता है कि क्या लिव-इनरिलेशनशिप टूट जाने के बाद लड़की कोर्ट से मेंटिनेंस ले सकती है जैसे एक पत्नी को मिलता है? तो इसका जवाब है बिल्कुल नहीं| लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाली महिला घरेलु हिंसा मामले में पुरुष को सजा तो दिलवा सकती है लेकिन इस तरह के केस में वो पत्नी की तरह मेंटीनेंस नहीं ले सकती|इसी से जुडा एक और सवाल है की क्या इसमे लड़की लडके के ऊपर रेप का चार्ज लगा सकती है| जवाब थोड़ा अजीब है लेकिन सच है| लिव-इन-रिलेशनशिप जैसे रिश्तो का एक बड़ा आधार सेक्स और आपसी सामजस्य होता है| इसीलिए लिव-इन-रिलेशनशिप में रेप के चार्ज नहीं लगाए जा सकते है|

उम्मीद है कि लिव-इन से जुड़े कानूनी और इमोशनल मसलो पर आपको कुछ क्लियरेंस मिला होगा| ये रिश्ता जितना स्वच्छन्द और आजाद है उतना ही पेचीदा भी है| हमारी तो यही सलाह है कि लिव-इन-रिलेशनशिप मे जाने से पहले 100 बार विचार जरूर कीजिएगा|

Read 24 times